Museology सेव अवर पास्ट

Museology सेव अवर पास्ट
हमारा अतीत हमारे फ्यूचर के निर्माण में सहायक बन सकता है। अतीत को समझना और उनसे सीखना ह्यूमन नेचर का पार्ट है। यही वजह है कि हम अपनी प्राचीन विरासतों को सहेज कर रखते हैं। शुरुआत में तो इस काम के लिए किसी स्पेशल डिग्री या डिप्लोमा की जरूरत महसूस नहीं की जाती थी, लेकिन अब इस फील्ड में भी स्पेशलाइजेशन हो गया है। पूरी तरह से इस सब्जेक्ट में टेक्निकली ट्रेंड प्रोफेशनल्स की जरूरत महसूस की जा रही है। अगर आप भी अतीत को सहेजने में इट्रेस्ट रखते हैं और इसमें आगे बढना चाहते हैं, तो यहां काफी स्कोप है।
इंट्रेस्ट एरिया
म्यूजियोलॉजी का फील्ड उन्हीं लोगों के लिए है, जिनके पास हिस्ट्री, ज्योग्राफी, आर्ट आदि सब्जेक्ट्स की अच्छी नॉलेज है। जो आर्टिफैक्ट्स को समझने, मैनेज करने और उनके बारे में लोगों को बताने की काबिलियत रखते हों। अच्छी राइटिंग स्किल, रिसर्च करने की क्वॉलिटी, कुछ दूसरी लैंग्वेजेज की नॉलेज हो, तो इस फील्ड में करियर ग्रोथ का अच्छा स्कोप है।
मेन कोर्स
म्यूजियोलॉजी से रिलेटेड कोर्सेज में से मास्टर्स इन म्यूजियोलॉजी कोर्स को स्टूडेंट प्रॉयरिटी दे रहे हैं। इस कोर्स को हिस्ट्री, एनशियंट हिस्ट्री, आर्कियोलॉजी, एंथ्रोपोलॉजी, संस्कृत, फाइन आ‌र्ट्स, फिजिक्स, केमिस्ट्री, बॉटनी, जियोलॉजी, अर्थ साइंस, एग्रीकल्चर, एनवॉयरनमेंटल साइंस, मैरिन साइंस आदि सब्जेक्ट में बैचलर या मास्टर डिग्री रखने वाले कर सकते हैं। हालांकि इंस्टीट्यूट के हिसाब से कोर्स की रिक्वॉयरमेंट्स को चेक कर लेना बेहतर रहता है।
जॉब्स अनलिमिटेड
म्यूजियोलॉजी से रिलेटेड कोर्स करने के बाद आप नेशनल म्यूजियम, आर्कियोलॉजिकल म्यूजियम, प्राइवेट म्यूजियम, आर्ट गैलरीज आदि में जॉब कर सकते हैं। स्टूडेंट्स यहां क्यूरेटर, रिसर्च एसोसिएट, प्रबंधक आदि की पोस्ट पर वर्क कर सकते हैं। अगर इस फील्ड में अच्छी नॉलेज के साथ-साथ अच्छा एक्सपीरियंस भी हो जाता है, तो फॉरेन में जॉब की काफी अपॉच्र्युनिटीज हैं।
सैलरी
म्यूजियोलॉजी में डिग्री होल्डर्स की सैलरी तकरीबन 20 हजार रुपये से शुरू होती है, जो वर्क क्वॉलिटी और एक्सपीरियंस के बेस पर लगातार बढती जाती है। सैलरी के लिहाज से भी अब इस फील्ड को बेहतर माना जाता है।
कोर्स स्टडी
म्यूजियोलॉजी के कोर्स में स्टूडेंट को विभिन्न म्यूजियम, टाइम पीरियड के साथ उनमें आ रहे चेंजेज आदि के बारे में डिटेल में बताया जाता है। इसके साथ ही उन्हें आर्ट गैलरी की देखरेख, उसमें चीजों का प्रेजेंटेशन, कंजरवेशन, रखी गई चीजों के बारे में इन्फॉर्मेशन, कलेक्शन, डिजाइनिंग, डॉक्यूमेंट्स के अलावा सब्जेक्ट से रिलेटेड मार्केटिंग के बारे में भी इन्फॉर्मेशन दी जाती है। किसी भी अच्छे इंस्टीट्यूट से इस सब्जेक्ट की ट्रेनिंग लेकर इस फील्ड में एंट्री कर सकते हैं।
मेन इंस्टीट्यूट
-नेशनल म्यूजियम इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली
-एमएस यूनिवर्सिटी, बडौदा
-कलकत्ता यूनिवर्सिटी, कोलकाता
-बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी
-अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, अलीगढ
टीचिंग में अच्छा स्कोप
म्यूजियोलॉजी का कोर्स करने के बाद अलग-अलग पोस्ट पर म्यूजियम्स में जॉब के ऑप्शन हैं। वहीं, अब बहुत सी यूनिवर्सिटीज में सब्जेक्ट के रूप में भी इसे पढाया जा रहा है। इस सब्जेक्ट की टीचिंग में भी अच्छा स्कोप है। हेरिटेज और कल्चरल मैनेजमेंट में इसकी नॉलेज रखने वालों की डिमांड है। लोगों का इंट्रेस्ट इस ओर बढ रहा है और इसी कारण जॉब भी बढते जा रहे हैं।
असि. प्रो. दानिश महमूद
अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी

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