मेरे मोहना, मेरे काज सब।
हैं संवारे, तूने आज तक।।
मैं समर्पित, हूं सदा।
चरणों में तेरे, खाक बन।।
मेरे मोहना, मेरे काज सब
बढी मुश्किलें, मेरी राह में।
तभी सारथी, बन आ गए।।
मेरे नैनों में, उसी क्षण आंसू।
खुशियों के, छलका गए।।
मैंने मूंदी पलके, ध्यान धर।
तुम्ही उभरे हो,पहचान बन।।
मैं समर्पित, हूं सदा।
चरणों में तेरे, खाक बन।।
मेरे मोहना, मेरे काज सब
ये भंवर बड़ा, संसार का।
यहां है मुखौटा, प्यार का।।
खुशियां दिखती, है मगर।
फूलों का, रुतबा खार सा।।
मेरे ज्ञान चक्षु, खोलकर।
तुम ही उभरो, ज्ञान बन।
मैं समर्पित, हूं सदा।
चरणों में तेरे, खाक बन।।
मेरे मोहना, मेरे काज सब
अब गम खुशी, लगे एक सी।
रहे आंखें नम, लब पर हंसी।।
दिखे स्वपन सा, जीवन मुझे।
जहां है अमर, कुछ भी नहीं।।
वास कण-कण, में तेरा।
तेरे हाथ में है, सारे क्षण।।
मैं समर्पित, हूं सदा।
चरणों में तेरे, खाक बन।।
मेरे मोहना, मेरे काज सब
तेरा नाम बस, एक सांचा है।
ये जन्म, दुखों का ढांचा है।।
तूने सत्य को ही, है कहा।
गीता में, जीवन बांचा है।।
मुझे पार कर, संसार से।
रहूं मैं, चरण की धूलि बन।
मैं समर्पित, हूं सदा।
चरणों में तेरे, खाक बन।।
मेरे मोहना, मेरे काज सब
मेरे मोहना, मेरे काज सब।
है संवारे, तूने आज तक।।
मैं समर्पित, हूं सदा।
चरणों में तेरे, खाक बन।।

