स्वरोजगार : बेहतर भविष्य का नया विकल्प


आज का युवा वर्ग देश की बढ़ती हुई बेरोजगारी से पूर्णत: वाकिफ है। पिछले माह ही सरकार ने नौकरियों में 10 प्रतिशत की कटौती करने का सुझाव देकर अपना रुख स्पष्टï कर दिया है। जहाँ निजी क्षेत्र में वेतन बहुत कम है वहीं उच्चतर वे पेशवर शिक्षा महंगी होती जा रही है। रोजगर प्राप्ति के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। छात्रों में योग्यता व रोजगार के लिए बढ़ती हुई होड़ से परेशान व हताश हैं। उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं चूंकि स्वरोजगार के रूप में अभी भी एक विकल्प उन उत्साही, संघर्षशील व परिश्रमी युवाओं के लिए खुला है जिनकी या तो नौकरी में रुचि नहीं है या इस प्रतियोगी युग ने अपने लिए बढिय़ा-सा रोजगार हासिल करने में स्वयं को असमर्थ महसूस करते हैं। इसमें आपको नौकरी की तलाश में दर-दर भटकना भी नहीं पड़ेगा बल्कि आप अपने स्वयं मालिक होंगे। समय की भी मांग है कि युवा वर्ग को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जाए इसमें न केवल उनका अपितु देश का हित भी जुड़ा हुआ है। देश में स्वरोजगार का महत्व बढ़ा है और अब युवा खूबियां है कि :-
1. आप अपना रुचि, प्रतिभा व क्षमता के मुताबिक अपने क्षेत्र का चयन कर सकते हैं। जिसके लिए आपकी शैक्षिक व पेशेवर योग्यताएं ीाी आपके उज्जवल ीाविष्य की राह में मददगार साबित होंगी।
2. आप किसी भी स्तर व दर्जे का स्वरोजगार शुरू कर सकते है। उच्चकांक्षा, समझ व प्रयास की बदौलत अंतहीन बुलंदियों को छुआ जा सकता है।
3. वर्तमान आर्थिक उदारीकरण और ीाौतकवादी संस्कृति ने मानव की जीवन शैली को एक नई दिशा प्रदान की है। लोगों का वस्तुओं के प्रति बढ़ता मोह व रुझान स्वरोजगार के लिए एक शुभ संकेत है।
4. स्वरोजगार शुरू करने पर आप न केवल स्वयं को बल्कि अन्य बेरोजगार युवाओं को भी रोजगार का अवसर मुहैया करवाएंगे। इस कार्य से आप समाज के प्रति अपने दायित्वों का ही निर्वाह कर सकते हैं।
व्यापक क्षेत्र
यदि गौर किया जाए तो स्वरोजगार का क्षेत्र इतना व्यापक है कि आकाश भी छोटा पड़ जाए। इसे मुख्यत: तीन भागों में बांट सकते हैं। (1) व्यापार व व्यवसाय, (2) निर्माण, (3) पेशेवर पैक्टिस। व्यापार व व्यवसाय में भी आपके पास कई विकल्प होंगे (1)फुटकर दुकान, (2) थोक डीलर (3) बिक्री प्रतिनिधि  या एजेंट, (4) कमीशन एजेंट, (5) एजेंसी लेना, (6) स्टाकिस्ट बनना, (7) जनरल आर्डर स्पलायर, (8) रीयल एस्टेट व्यवसाय। निर्माण के क्षेत्र में भी स्वरोजगार का व्यापक क्षेत्र है। इसमें आप अपने बजट के मुताबिक बड़ा या लघु इकाई का उद्योग शुरू कर सकते हैं। आजकल सरकार लघु उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन मुहैया करवा रही है। यह कहना गलत होगा कि छोटे उद्योग की सफलता संदेहास्पद होती है। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले आप निम्रलिखित उपयोगी बातों पर अवश्य गौर कर लें -
(1) उत्पाद का चयन व परियोजना रिपोर्ट तैयार करना।
(2) औद्योगिक भूखंड, शेड की अधिप्राप्ति।
(3) बिजली व पानी कनेक्ïशन का बंदोबस्त
(4) राज्य के उद्योग निदेशालय व अन्य संबंधित में पंजीकरण।
कॉमर्शियल बैंक
कॉमर्शियल बैंक लघु इकाई उद्योगों के लिए अधिकतर अल्पकालिक ऋण और कुछ मामलों में मध्यकालिक वित्तीय सहायता मुहैया करते है। अल्पकालिक ऋण सुविधाएं कार्यशील पूंजी अपेक्षाओं जैसे कच्ची सामग्री, निर्माणधीन सामान, तैयार उत्पाद, बिल वसूलियों व खाता ऋण इत्यादि के लिए प्रदान की जाती है। जबकि मध्यकालिक ऋण भूमि के अर्जन, फैक्ट्री परिसर के निर्माण, मशीनरी व उपकरण के क्रय और प्रचालन खर्चों के लिए मंजूर किए जाते हैं। सामान्यत: यह ऋण पांच से सात वर्षों तक की अवधि के लिए दिये जाते हैं। वे कच्ची सामग्री/मशीनरी व (भारतीय व विदेशी दोनों) की आपूर्ति के लिए ग्राहकों की ओर से साख पत्र भी बनाते हैं किजसे भुगतान बैंकर के आश्वासन पर दिया जाता है। इस प्रकार से बैंक उसका प्रदायगी में सहायता में सहायता करते हैं। कई प्रकार के लेन-देन विशेष रूप से सरकारी विभागों का बिक्री के अनुबंध में अग्रिम राशि के निर्गमन हेतु जमानत /ध्रोहर राशि, निर्माण के लिए कच्ची सामग्री की आपूर्ति, कार्यकुशलता के आवश्वासन पर बिलों की सम्पूर्ण अदायगी इत्यादि के बदले में गारंटी की जरूरत पड़ती है, कॉमर्शियल बैंक ऐसी गारंटी भी जारी करते हैं।
भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक :
यह बैंक लघु इकाई क्षेत्र ये संबंधित उद्योगों को प्रथम उधारदाता संस्थानों द्वारा प्रदान किए गए व अग्रिम राशि के लिए पुन: वित्त पूर्ति और संसाधन समर्थन भी प्रदान करता है। लघु इकाई उद्योगों की मशीनरी की बिक्री या उनके द्वारा निर्मित मशीनरी से जनित बिलों के मिनी काकटे पर ीाी भुगतान भी करता है।
राजधानी में प्रदूषक इकाइयाँ बंद :
नोडल एजेंसी, शहरी विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 17 दिसम्बर,, 2000 को जारी निर्देशों का अनुपालन करते हुए राष्टï्रीय राजघानी क्षेत्र दिल्ली सरकार, दि.वि.प्रा. तथा दि.न.नि. के अधिकारियों द्वारा गठित 50 प्रवर्तन दलों को मास्टर प्लान में ग्रुप 'एफÓ में आने वाली निम्रलिखित प्रदूषण फैलाने वाली फैक््िट्रयों को अविलम्ब बंद करने का निर्देश दिया गया है। (1) तेजाब व रासायनिक (लघु पैमाने)(2) अल्युमीनियम एनोडाइजिंग (2) बूचडखानों में सहायक उद्योग (4) ऑटो इलेक्ट्रोप्लेटिड एक्सैसरीज (5) बैटरी बाक्सिज (6) बैटरीज व एक्सैसरीज (7) ड्राइंग ब्लीचिंग, फिनिशिंग प्रोोसिंग क्लॅथ (मरसाइजिंग कलैण्डरिंग ग्लेजिंग आदि सहित)(8) इलेक्ट्रोप्लेंटिंग (बड़े पैमाने में) हनैमिल वेयर (10) फ्यूल गैसेज (उप उत्पादों सहित) (11) गैल्वेनाइण्ड बाल्टियां (12)शीशे के उत्पाद (13) ग्रीस, तेल ठत्यादि (14) रेनफोस्र्ड सीमेंट, कंक्रीट पाइप्स (लघु पैमाने के (15)) आयरन पाउंडरीज (16) निकल पालिशिंग (17) प्लास्टिक उत्पाद
मुख्य बातें :
1. बहुराष्टï्रीय कम्पनियों में उच्च शैक्षणिक योग्यता वाले छात्रों को वरीयता।
2.रोजगार के लिए बढ़ती होड़ से छात्र पेरशान न हों।
3. स्वरोजगार को अपने पास विकल्प के रूप में अवश्य रखें।
4. अपनी क्षमता व रुचि के अनुसार ही कैरियर का चयन करें।
5. स्वरोजगार शुरू कर अन्य युवाओं को भी प्रोत्साहित करें।
6. कुटीर उद्योग शुरू कर स्वरोजगार पाएं।
7. स्वरोजगार से संबंधित पाठ्ïयक्रम की शिक्षा देने वाले संस्थानों से प्रशिक्षण लें।
प्लास्टिक डाई (19) पी.वी.सी. कम्पाउंड्ïस  (20) पॉलीथीन बैग्ज  (21) रैप्रीजरेटर्स एवं एयरकंडीनर्स (22) स्टील रि-रोलिंग मिल्स (लघु इकाई) (23) स्टील कास्टिंग (24) टायलैट साबुन (25) वैक्यूम फलास्टक) (वाइाटिंग एवं मेकिंग इंक) (27) जिंक पालिशिंग।
राष्टï्रीय राजधानी क्षेत्र में इन उद्योगों को बंद किया जा रहा है अत: स्वरोजगार शुरू करने वाले उद्यमी इन पर गौर कर लें।
स्वरोजगार के लिए पाठ्ïयक्रम एवं संस्थान
(1) स्वरोजगार समिति, सी.पी. ओ. बिल्डिंग, कश्मीरी गेट, दिल्ली। (1) रेडियो एवं टेलीविजन मरम्मत (6 माह)। (2) घरेलू विद्युतीय उपकरण/फिटिंग्स की मरम्मत व रखरखाव (4 माह) (3) एयरकंडीशनिंग एवं रेफ्रिजरेशन (4 माह) (40 प्लम्बित) (4 माह)।
(2) श्री गुरु तेग बहादुर इंस्टीटयूट ऑफ इलैक्ट्रानिक्स, गुरुद्वारा नानक प्याऊ, जी.टी. करनाल रोड, दिल्ली-1100331 (1) रेडिया, टी.वी. एवं जनरल इलैक्ट्रानिक्स (2 वर्ष) (3) टील रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर, वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र दिल्ली-1100521 टूल एवं डाई मेकिंग में डिप्लोमा कार्स (4 वर्ष) कम्प्यूटर प्रेगामिंग (बेसिक लैंग्वेज) (6) माह एडवांस अैक्रीकल कार्स (एक वर्ष)। (4) डॉन बोस्को टैक्रीकल कार्स (एक वर्ष) (4) डॉन बोस्को टेक्रीकल इंस्टीॅयट ओखला रोड, नई दिल्ली-1100251 मैकेनिकल ड्राफ्ट्ïसमैन, मशीनिस्ट, टर्नर, मशीनिस्ट ग्राईंडर विधाओं  (तीन वर्ष)।
(5) उद्योग आयुक्त, फलैटेड फैक्ट्रीज ऑर लेदर गुड्ïस-वजीरपुर, दिल्ली-521 फुटवियर एंड लेदर गुड्ïस मैन्युफैक्चरिंग (6 माह)
(6) लघु उद्योग सेवा संस्थान (उद्योग मंत्रालय) (2) हीट-ट्रीटमेंट (4 माह) मशीन शॉप प्रैक्टिस (6 माह) (40) डाई एंड ट्रल मेकिंग (6माह) (5) लेंस ग्राइंडिंग (6माह )(60 सिरेमिक (6 माह))
(7) राष्टï्रीय महिला व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान, सेक्टर-1 नौएडा-201301 (उ.प्र.) (1) डाटा प्रिपेशन एंड कम्प्यूटर साफ्टवेयर (एक वर्ष) इलैक्ट्रॉनिक्स (2 वर्ष)। (3)सैक्रेटेरियल प्रेक्टिस (एक वर्ष) (4) हेयर एंड स्किन (एक वर्ष (5)आर्किटक्चरल ड्राफ्ट्ïसेमैनशिप (दोवर्ष।) (6) इलैक्ट्रोनिक्स एवं टी.वी. मरम्मत व सर्विसिंग 6 माह।

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