इंडिया ऑन स्कूटी

इंडिया ऑन स्कूटी
एक स्कूटी है, लेकिन कुछ स्पेशल। स्पेशल इसलिए है कि इस पर इंडिया की झलक मिलती है। कश्मीर की डल झील पर तैरती हाउसबोट और वहां के सुंदर नजारे या फिर अलग-अलग स्टेट्स के फोक डांस, स्कूटी पर ऐसी तमाम झलकियां देखने को मिल जाएंगी। दरअसल, यह स्कूटी एक ऐसे आर्टिस्ट का कैनवास है, जो घूमने-फिरने के साथ-साथ फोटोग्राफी, पेंटिंग और एनिमेशन का भी शौक रखती है। नाम है निसात रहमान। इन्होंने हाल ही में दिल्ली के स्कूल ऑफ फाइन आ‌र्ट्स से विजुअल कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री हासिल की है। करीब आधा भारत देख चुकीं निसात कहती हैं कि इंडिया में इतनी डायवर्सिटी है कि सब कुछ पेंट करना आसान नहीं है, फिर भी मैंने कोशिश की है।
न्यू कैनवास
आर्टिस्ट को क्या चाहिए। एक कैनवास। कोई बालू पर आकृति बनाता है, तो कोई ग्लास पर। निसात के सामने भी यही सवाल था। वे अपने ट्रैवल एक्सपीरियंस को डॉक्यूमेंट करना चाहती थीं। नजर घर में खडी स्कूटी पर पडी और उन्होंने अपनी इमेजिनेशन को उस पर उतार डाला। वे जहां-जहां गई, कश्मीर, राजस्थान, हैदराबाद, बनारस, लखनऊ, हिमाचल प्रदेश या बेंगलुरु, वहां की स्पेशिएलिटी को अपने फेवरेट टू व्हीलर पर उकेर दिया। रहमान ने जो भी क्रिएट किया, वह उनकी भारत की संस्कृति को देखने का अपना नजरिया कहा जा सकता है। निसात कहती हैं, मेरे लिए स्कूटी एक ट्रैवलर है और पेंटिंग्स उसकी यादें। जब आप इनकी स्कूटी पर नजर डालेंगे, तो सामने खुद निसात, एक अर्बन दिल्ली गर्ल के पोर्ट्रेट के रूप में आपका वेलकम करेंगी। पास में ही भांगडा करते लोग नजर आएंगे। यहीं पर राजस्थान की कठपुतलियां और गहरी निद्रा में भगवान बुद्ध भी मिल जाएंगे यानी इंडिया की रंग-बिरंगी छटा एक छोटी सी गाडी पर दिखेगी।
इंस्पिरेशन
असल में निसात बचपन से ही कुछ नया एक्सप्लोर करना चाहती थीं। पापा की जॉब ट्रांसफरेबल थी, तो अलग-अलग सिटीज में रहना हुआ। इससे खूब ट्रैवल किया। फोटोग्राफी का शौक था, तो कैमरा हमेशा साथ रहता। निसात जहां जातीं, वहां की सारी यादें कैमरे में कैद कर लेतीं। धीरे-धीरे उनके अंदर के आर्टिस्ट ने उन्हें विजुअल मीडिया की ओर अट्रैक्ट किया और उन्होंने इसकी फॉर्मल ट्रेनिंग ली। स्टडीज के दौरान रहमान ने फाइन आ‌र्ट्स, डिजिटल पेंटिंग्स, एनिमेशन, क्ले एनिमेशन जैसे डिफरेंट मीडियम्स में अपने हाथ आजमाए। इसी बीच फ्री-लांसिंग के तौर पर ट्रैवल फोटोग्राफी भी की।
फ्यूचर प्लान
निसात के मुताबिक अभी वे इंडिया के कई हिस्सों खासकर दिल्ली को पूरी तरह से जगह नहीं दे पाई हैं। इसलिए आने वाले दिनों में दिल्ली के ऑटो रिक्शा और यहां की ऐतिहासिक इमारतों को अपनी गाडी पर उकेरना चाहती हैं। हालांकि पूछने पर अपने फेवरेट इंटरनेशनल डेस्टिनेशन के बारे में बताने में उन्होंने देर नहीं की। निसात मौका मिलने पर स्पेन जाने की ख्वाहिश रखती हैं। वैसे अब तक निसात जहां भी गईं हैं, उनमें उन्हें कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बनारस और राजस्थान बहुत पसंद आए हैं। वे कहती हैं, कश्मीर की ओल्ड सिटी का आर्किटेक्चर काफी अलग है। वहां का एक अलग ही चार्म है।
सोशल इनिशिएटिव
अपने फोटोग्राफ्स के एक एग्जिबिशन से कलेक्ट फंड को निसात ने उत्तराखंड के पीडितों के लिए डोनेट किया है, यानी निसात आर्टिस्ट विद ए डिफरेंस भी हैं। सितंबर में निसात अपनी स्कूटी और बैकपैक को भी एग्जीबिट करने जा रही हैं।

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