घूमने-फिरने में छिपी हैं उज्ज्वल भविष्य की संभावनाएं-पर्यटन


इस समय पेट्रोलियम इंडस्ट्री के बाद ट्रैवल एण्ड टूरिज्म ही दुनियाभर में दूसरा सबसे बड़ा उभरता हुआ व्यवसाय है। सैर-सपाटे या घूमने के शौकीन लोगों के लिए यह एक पंसदीदा कैरियर है। इस क्षेत्र में एक ओर जहां मनचाहे स्थलों पर घूमना-फिरना हो जाता है, वहीं दूसरी ओर नित नए व विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत लोगों से मिलना-जुलना भी हो जाता है। भारत में पर्यटन को उद्योग का दर्जा हासिल है। सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं बना रही है। आज इस क्षेत्र में 60 लाख से भी अधिक लोगों का भविष्य जुड़ा हुआ है। शिक्षित, आकर्षक, संस्कारित तथा बहुमुखी प्रतिभा वाले युवक-युवतियां इस क्षेत्र में अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।
ट्रैवल एवं टूरिज्म के क्षेत्र में अपने कैरियर की राह तलाश करने वाले युवक-युवतियों का भविष्य बेहद सुरक्षित है। कड़े परिश्रमी, विनम्र, मृदुभाषी, कार्यों को व्यवस्थित तरीके से करने वाले युवाओं के लिए इस क्षेत्र में कामयाबी के अनेक सोपान हैं। जिन युवक-युवतियों को नए-नए स्थानों पर जाने, वहां के विषय में जानने व नित नए लोगों से संपर्क साधने में दिलचस्पी हो, पर्यटन क्षेत्र उनके लिए एक बढिय़ा कैरियर साबित हो सकता है। कुछ समय पूर्व तक इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी नहीं के बराबर थी, लेकिन अब इस क्षेत्र में भारी संख्या में युवतियों की सहभागिता ने उनके लिए नई संभावनाओं को जन्म दिया है। आज एकाकी होते रिश्ते तथा सामाजिक संबंधों में बढ़ती दूरियों के चलते जब जिंदगी तनावपूर्ण हो चुकी है, ऐसे में पर्यटन एक सुकूनभरा व्यवसाय बनकर उभरा है।
पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन अनेक केंद्र व संस्थान ऐसे हैं जो ट्रैवल व टूरिज्म संबंधी पाठï्यक्रम संचालित करते हैं। यही नहीं दिल्ली विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र वि.वि., कुमाऊं वि.वि. समेत अनेक शैक्षिक संस्थान पर्यटन से जुड़े पाठï्यक्रम चला रहे हैं। स्नातक कर चुके युवक-युवतियां दो वर्षीय पर्यटन डिप्लोमा पाठï्यक्रम में भाग ले सकते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज, शेख सराय तथा दक्षिण दिल्ली पॉलिटेक्निक इस संबंध में डिप्लोमा प्रदान करता है। इसमें प्रवेश के लिए लिखित परीक्षा का प्रावधान नहीं है। सुविधापूर्वक इसमें प्रवेश की गुंजाइश होती है। यही नहीं वाई.एम.सी.ए. जयसिंह रोड, दिल्ली से भी नौ माह की अवधि वाला डिप्लोमा कोर्स किया जा सकता है।
भारत सरकार से सम्बद्ध इंडियन इंस्टीटï्यूट ऑफ टूरिज्म ट्रैवल मैनेजमेंट द्वारा 'मास्टर ऑफ टूरिज्म एडमिनिस्ट्रिेशनÓ पाठï्यक्रम संचालित किया जाता है। यह दो वर्षीय अवधि का है। स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं इस कोर्स में प्रवेश की पात्रता रखते हैं। वैसे यह संस्थान ट्रैवल्स एंड टूरिज्म से जुड़े लगभग सभी पाठï्यक्रम संचालित करता है। विदेशी भाषा के पाठï्यक्रम भी यहां करवाए जाते हैं। अधिकांश पाठï्यक्रमों में प्रवेश की अहर्ता स्नातक ही है लेकिन कुछ पाठï्यक्रम अंडरग्रेजुएट लोगों के लिए भी उपलब्ध है।
अब जैसे-जैसे पर्यटन उद्योगों को बढ़ावा मिल रहा है। वैसे-वैसे इस क्षेत्र में व्यावसायिक दक्षता प्राप्त करने के लिए युवाओं में होड़-सी छिड़ गई है। संस्थानों के प्रसिक्षण स्तर तथा पाठ्यक्रमों की गुणवत्ता में भी निरन्तर सुधार किए जा रहे हैं।
प्रशिक्षण के दौरान अभ्यर्थियों को देश-विदेश की भौगोलिक स्थिति, संस्कृति, किराया, वातावरण, टिकट बनाने के तरीके, पर्यटकों की सुख-सुविधाएं रखने की जानकारी प्रदान की जाती है। प्रशिक्षित युवक-युवतियों को सरकारी या निजी क्षेत्र की ट्रैवलिंग एजेंसी में नौकरी मिल सकती है। जहां अपनी सूझबूछ, लगन व परिश्रम के बल पर वो अपने कैरियर की ऊंचाइयां नाप सकते हैं।
अब ट्रैवल और टूरिज्म उद्योग में निजी और पब्लिक सेक्टर के तौर पर भी काम किया जा रहा है। इस विषय में प्रशिक्षण के बाद एक प्राइवेट सेक्टर में ट्रेवल एजेंसी शुरू की जा सकती है। सामान्यत: एक ट्रैवल एजेंसी का कार्य किसी यात्रा या अभियान विशेष की यात्रा का समुचित प्रबंध करना है। ट्रैवल एजेंसियां यात्रा से लेकर होटलों आदि में रिहाइश संबंधी तमाम औपचारिकताओं की प्रतिपूर्ति करती हैं। ट्रैवलिंग एजेंसियों के अतिरिक्त टूर ऑपरेटिंग का काम भी आजकल खूब चल निकला है। टूर ऑपरेटर सामान्यत: समस्त कार्यों को मिलाकर हालीडे पैकेज सरीखी योजनाओं का क्रियान्वयन करते हैं। टूर ऑपरेटर के दायरे में कोई एक व्यक्ति अथवा पूरा ग्रुप या विदेशों से आने वाले लोग सभी आते हैं। टूर ऑपरेटर वन्य जीवन से लेकर पुरातात्त्विक महत्त्ववाले स्थलों अथवा पर्वतारोहण जैसे साहसिक पैकेज भी घोषित करते हैं।
योग्य, उत्साही व प्रशिक्षित युवक-युवतियों के लिए टूर ऑपरेटर, ट्रैवल एजेंसी, आई.टी.डी.सी. राज्य पर्यटन विभाग जैसी जगहों पर तो कैरियर की बेहतरीन गुंजाइशें हैं ही, वे एयरलाइंस, होटल, ट्रांसपोर्ट, कार्गो कंपनियों, ट्रेविलंग कंसलटेन्सी संस्थानों में भी कार्य कर सकते हैं। उधर कुछ लोग अपनी रुचि के मुताबिक गाइड भी बन सकते हैं। गाइड बनने हेतु 10+2 शैक्षिक योग्यता ही काफी है। इस क्षेत्र में सफलता के लिए आपको भाषा की धाराप्रवाह पकड़ होना जरूरी है। यदि आप एक से अधिक भाषाओं के जानकार हैं तो यह सोने पर सुहागा जैसी बात होगी। यदि किसी विदेशी भाषा का ज्ञान है तो वह आपकी अतिरिक्त योग्यता मानी जाएगी। उचित प्रशिक्षण और अपनी प्रतिभा के बलबूते आप काउंटर क्लर्क से लेकर सीनियर असिस्टेंट, जूयिनर एग्जीक्यूटिव, सेल्स मैनेजर, जनरल मैनेजर अथवा किसी एजेंसी में कार्यकारी प्रमुख भी बन सकते हैं।
भारत सरकार की सरकारी ट्रैवलिंग एजेंसी में भी युवाओं को काम मिल सकता है। दो सरकारी एजेंसियों में से एक बॉमर एंड लारी लिमिटेड, जो दिल्ली के स्कोप कॉम्पलेक्स, निकट नेहरू स्टेडियम में है जबकि दूसरी अशोका टूर्स व ट्रैवल एजेंसी है जो पर्यटन विकास निगम द्वारा चलाई जा रही है।
प्रतिस्पर्धा के इस युग में चिन्तित विद्यार्थी स्नातक या स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त करने के बाद भी रोजगार की समस्या से जूझता रहता है और इसी में पर्यटन पाठï्यक्रम उसे अपनी विविधता से कुछ सीमा तक सन्तोष प्रदान करता है।
कश्मीर से कन्याकुमारी या कच्छ से नागालैण्ड तक इस विशाल देश में जहां विभिन्न जाति एवं धर्मों के लोग गांवों एवं शहरों में कुछ ना कुछ विविधता लिये हुए अपना काम कर रहे हैं इसी परिपेक्ष्य में जहां कुछ समय पूर्व भारत में संस्कृति की अनेकता में एकता के पर्यटन प्रारूप पर जोर दिया जा रहा था वहीं अब पर्यटकों की पसन्द एवं आकर्षण पर जोर दिया जा रहा है। भड़कीले पर्यटन, रोमांचक पर्यटन, वन जीवन इत्यादि की अवधारणा से पर्यटकों को आकर्षित किया जा रहा है और इस आकर्षण का मुख्य केन्द्र है-
धरती का स्वर्ग कश्मीर, पर्वतीय पर्यटन के लिए हिमालय, समुद्र तट में केरल, गोवा के सुन्दर तट, तमिलनाडु की कन्याकुमारी एवं विश्व के सात आश्चर्यों में एक ताजमहल।
विकसित उद्योग
औद्योगिक दर्जा प्राप्त यह व्यवसाय विश्व के विकसित उद्योगों में से एक है। भारत में भी यह तेजी से विकसित हो रहा है तथा देश को सबसे अधिक विदेशी मुद्रा भी इसी उद्योग से प्राप्त हो रही है तथा भारत के पांच उत्तरी राज्यों ने इसे पूर्ण उद्योग का दर्जा दे दिया है। प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से इस उद्योग से लाखों लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं जिसमें महिलाओं के लिये भी अनेक रोजगार एवं प्रशिक्षण के अवसर प्राप्त हैं यद्यपि इस क्षेत्र में अभी भी प्रशिक्षित लोगों की भारी कमी अनुभव की जा रही है और इसी को ध्यान में रखकर भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों में इस व्यवसाय से सम्बन्धित तरह-तरह के पाठï्यक्रम चलाये जा रहे हैं।
पाठï्यक्रम
देश के विभिन्न विश्वविद्यालय एवं संस्थान स्नातक, स्नातकोत्तर या डिप्लोमा के प्रशिक्षण पाठï्यक्रम इस व्यवसाय में इच्छुक युवक युवतियों हेतु आयोजित कर रहे हैं। इन पाठï्यक्रमों में विद्यार्थियों को पर्यटन के हर क्षेत्र के बारे में पूर्ण ज्ञान प्रदान कराया जाता है जिनमें होटल, विमान सेवा, ट्रेवल एजेन्सी आदि प्रमुख हैं।
पर्यटन उद्योग में व्यवसाय प्राप्त करने वाले इच्छुक आवेदकों हेतु प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान जिनमें प्रवेश पाकर योग्यता हासिल कर सकते हैं उनमें प्रमुखतया अवेधश प्रतापसिंह विश्वविद्यालय, रीवा (म.प्र.) पर्यटन विभाग पांडेचेरी, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ (यू.पी.) पर्यटन विभाग हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, (शिमला), जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर तथा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इन्दौर (म.प्र.) आदि हैं। पत्राचार से पर्यटन एवं होटल प्रबन्धन में दो वर्ष का डिप्लोमा कोर्स ऐसे युवकों के लिये जिन्होंने 40 प्रतिशत अंकों से स्नातक डिग्री ले रखी है दूरवर्ती शिक्षा विभाग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र में उपलब्ध है।
इसी प्रकार जो छात्र इस क्षेत्र में डिप्लोमा ही प्राप्त करना चाहते हैं उनके लिये योग्यता बी.ए. होना आवश्यक नहीं होता तथा 6 माह से एक वर्ष के प्रशिक्षण से डिप्लोमा प्राप्त कर सकते है। जिन संस्थानों में डिप्लोमा पाठï्यक्रम चालू हैं उनमें प्रमुख रीजनल कॉलेज ऑफ मैनेजमेन्ट, भुवनेश्वर, आंध्र विश्वविद्यालय, विशाखापट्टïनम, गुरु घासी दास विश्वविद्यालय, विलासपुर (म.प्र.), प्राचीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति विभाग, नागपुर विश्वविद्यालय, नागपुर, डिपार्टमेन्ट ऑफ टूरिज्म एण्ड होटल मैनेजमेन्ट, गढ़वाल विश्वविद्यालय, गढ़वाल। इंडियन इंस्टीटï्यूट ऑफ ट्रेवल एण्ड टूरिज्म मैनेजमेंट अरुणाचल बिल्डिंग, वाराखंबा रोड, नई दिल्ली-11, केरल इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एण्ड ट्रेवल स्टडीज, पार्क व्यू त्रिवेन्द्रमï, केरल तथा इण्डियन इंस्टीटï्यूट ऑफ ट्रेवल एण्ड टूरिज्म मैनेजमेन्ट 35/750 झांसी रोड, ग्वालियर प्रमुख हैं।
पर्यटन पाठï्यक्रम प्राप्त आशार्थियों के लिये सार्वजनिक क्षेत्र में अनेक अवसर उपलब्ध हैं तथा साथ ही स्व-रोजगार के क्षेत्र में भी कम व्यय करके स्वयं की ट्रेवल एजेन्सियां भी प्रारंभ की जा सकती हैं।
भारत में बढ़ते हुये पर्यटकों की संख्या को देखते हुए इस व्यवसाय में इच्छुक व्यक्तियों हेतु रोजगार प्राप्ति के अनेक अवसर हैं।
राजस्थान में पर्यटन
देश में आने वाले पर्यटकों के लिये राजस्थान एक अपनी अलग पहचान के साथ आकर्षण का केन्द्र है बाहर के देशों से भ्रमण पर आने वाले पर्यटकों के लिये यहां के राजाओं के पुराने महल, किले और मन्दिर अपनी विशेषता रखते हैं।
राजस्थान में रोजगार के अवसरों के मुख्य घटक के रूप में टयूर आपरेटर्स ट्रेवल एजेन्सीज, सार्वजनिक क्षेत्र में टूरिज्म एण्ड डवलपमेन्ट कार्पोरेशन (आर.टी.डी.सी.) तथा रीजनल टूरिज्म डिपार्टमेन्ट प्रमुख हैं।
प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु मास्टर ऑफ टूरिज्म एण्ड एडमिनिस्ट्रेशन का 2 वर्ष का पाठï्यक्रम 50' स्नातक आशार्थियों हेतु प्रवेश परीक्षा के माध्यम से जिसमें सामान्य ज्ञान एवं सामान्य अंग्रेजी के पेपर होते हैं। फैक्ल्टी ऑफ कॉमर्स एण्ड मैनेजमेंट स्टडीज जसवन्त कैम्पस, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर में उपलब्ध हैं जिसमें कुल सीटों की संख्या 30 है तथा जिनमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति के आशार्थियों हेतु 5-5 सीटें आरक्षित भी हैं।
टूरिज्म में यद्यपि अधिकांश व्यवसाय लिपिकीय वर्ग के तथा शारीरिक श्रम वाले होते हैं किन्तु कार्यकारी स्तर के अधिकारियों की संख्या भी निरन्तर बढ़ रही है।
प्रशिक्षण संस्थान
गरवारे इंस्टीट्यूट ऑफ कैरियर एजुकेशन एण्ड डेवलपमेंट, मुंबई
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़ (उ.प्र.)
निर्मला निकेतन कॉलेज ऑफ होम साइंस, मुंबई
जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर (म.प्र.)
इंडियन इंस्टीटï्यूट ऑफ ट्रैवल एण्ड टूरिज्म मैनेजमेंट, 9 न्याय मार्ग, चाणक्यपुरी, दिल्ली- 110021
दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली
कोटा मुक्त विश्वविद्यालय, कोटा- (राजस्थान)
कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल (उ.प्र.)
यंग-वुमन क्रिश्चियन एसोसिएशन, जयसिंह मार्ग, नई दिल्ली-1
कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज, शेख सराय फेस-ढ्ढढ्ढ, नई दिल्ली
इंस्टीटï्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, के.एच. 3, कविनगर, गाजियाबाद
भारतीय विद्या भवन, कस्तूरबा गांधी मार्ग, नई दिल्ली
टूरिस्ट गाइड पाठ्यक्रम, टूरिज्म विभाग, जनपथ, नई दिल्ली

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