यदि आप लेखन में दक्षता रखते हैं और आपको किताबें पढऩे में भी गहरी रुचि है तो स्क्रिप्ट राइटर के तौर पर आप अपने शौक को करियर का रूप भी दे सकते हैं। जो युवा लिखने-पढऩे के साथ मानवीय संवेदनाओं को पकड़ कर अभिव्यक्त करने की क्षमता रखते हैं उनके लिए भी इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं।
कार्यक्षेत्र
विज्ञापनों के लिए स्क्रिप्ट राइटर्स की सेवाएं विशेष तौर पर ली जाती हैं। अक्सर विज्ञापनों में ऐसे शब्दों या पंक्तियों का इस्तेमाल किया जाता है जो लोगों की जुबान पर चढ़ जाती हैं। ये सब स्क्रिप्ट राइटर के दिमाग की ही उपज होते हैं। ऐसी रोचक बातों को जिंगल्स कहा जाता है।
बेशक स्क्रिप्ट राइटर का काम सिर्फ जिंगल लिखना ही नहीं होता बल्कि और कई चीजें हैं जो स्क्रिप्ट राइटर करते हैं लेकिन अधिकतर की शुरूआत जिंगल्स से ही होती है। जाहिर है कि स्क्रिप्ट राइटिंग कहानियां और कविताएं लिखने से कुछ अलग होता है क्योंकि स्क्रिप्ट में लिखी गई हर बात का फिल्मांकन किया जाता है इसीलिए लेखक को यह सोचकर लिखना पड़ता है कि उसके द्वारा लिखी गई स्क्रिप्ट पढ़ी नहीं देखी जाएगी।
कौशल
इसमें क्षेत्र में करियर बनाने के लिए छात्रों में रचनात्मकता का होना आवश्यक है। कम शब्दों में आपको उत्पादों की विशेषताओं को उपभोक्ताओं तक पहुंचाना होता है। विज्ञापनों के लिए ऐसी जिंगल्स की रचना करनी पड़ती है कि सुनते या पढ़ते ही वह ग्राहक के जेहन में आ जाए। वैसे कोई डिग्री कोर्स तो नहीं होता पर ये जर्नलिज्म के अंतर्गत आता है।
कल तक विज्ञापन ग्राहकों की संतुष्टि के लिए बनाए जाते थे लेकिन आज जो विज्ञापन आ रहे हैं वे ग्राहकों के संतोष के साथ उसकी खुशी और मनोरंजन को भी महत्व दे रहे हैं। मानवीय भावनात्मक पक्षों को छूते विज्ञापन न सिर्फ देर तक याद रहते हैं बल्कि मन पर भी गहरा असर छोड़ते हैं।
जिस भी भाषा में आप स्क्रिप्ट राइटिंग करना चाहते हैं उसका गहन ज्ञान आपको होना चाहिए। आपको अधिक से अधिक पुस्तकों को भी पढऩा चाहिए ताकि आपको विभिन्न लेखकों की शैली की जानकारी भी प्राप्त हो सके। साथ ही फिल्मों तथा धारावाहिकों की स्क्रिप्ट पर गौर करने की आदत भी डाल लें। इसके बाद आप स्क्रिप्ट लेखन में हाथ आजमाएं।
योग्यता
स्क्रिप्ट राइटिंग में सबसे अहम जरूरत रचनात्मकता की होती है जो पूर्णत: व्यक्ति की विश्लेषण और कल्पना क्षमता पर आधारित होती है लेकिन फिर भी इसके लिए पत्रकारिता का कोर्स कर लिया जाए तो बेहतर होता है।
किसी भी विषय में 12वीं कक्षा पास करने के बाद पत्रकारिता में ग्रैजुएशन कर सकते हैं। जो छात्र ग्रैजुएशन कर चुके हैं वे किसी प्रतिष्ठित संस्थान से पत्रकारिता में एम.ए. भी कर सकते हैं।
प्रमुख संस्थान
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
एमिटी स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, नई दिल्ली
इंडियन इंस्टीच्यूट आफ मास कम्युनिकेशन नई दिल्ली
जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर, मध्य प्रदेश
माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल, मध्य प्रदेश।
कार्यक्षेत्र
विज्ञापनों के लिए स्क्रिप्ट राइटर्स की सेवाएं विशेष तौर पर ली जाती हैं। अक्सर विज्ञापनों में ऐसे शब्दों या पंक्तियों का इस्तेमाल किया जाता है जो लोगों की जुबान पर चढ़ जाती हैं। ये सब स्क्रिप्ट राइटर के दिमाग की ही उपज होते हैं। ऐसी रोचक बातों को जिंगल्स कहा जाता है।
बेशक स्क्रिप्ट राइटर का काम सिर्फ जिंगल लिखना ही नहीं होता बल्कि और कई चीजें हैं जो स्क्रिप्ट राइटर करते हैं लेकिन अधिकतर की शुरूआत जिंगल्स से ही होती है। जाहिर है कि स्क्रिप्ट राइटिंग कहानियां और कविताएं लिखने से कुछ अलग होता है क्योंकि स्क्रिप्ट में लिखी गई हर बात का फिल्मांकन किया जाता है इसीलिए लेखक को यह सोचकर लिखना पड़ता है कि उसके द्वारा लिखी गई स्क्रिप्ट पढ़ी नहीं देखी जाएगी।
कौशल
इसमें क्षेत्र में करियर बनाने के लिए छात्रों में रचनात्मकता का होना आवश्यक है। कम शब्दों में आपको उत्पादों की विशेषताओं को उपभोक्ताओं तक पहुंचाना होता है। विज्ञापनों के लिए ऐसी जिंगल्स की रचना करनी पड़ती है कि सुनते या पढ़ते ही वह ग्राहक के जेहन में आ जाए। वैसे कोई डिग्री कोर्स तो नहीं होता पर ये जर्नलिज्म के अंतर्गत आता है।
कल तक विज्ञापन ग्राहकों की संतुष्टि के लिए बनाए जाते थे लेकिन आज जो विज्ञापन आ रहे हैं वे ग्राहकों के संतोष के साथ उसकी खुशी और मनोरंजन को भी महत्व दे रहे हैं। मानवीय भावनात्मक पक्षों को छूते विज्ञापन न सिर्फ देर तक याद रहते हैं बल्कि मन पर भी गहरा असर छोड़ते हैं।
जिस भी भाषा में आप स्क्रिप्ट राइटिंग करना चाहते हैं उसका गहन ज्ञान आपको होना चाहिए। आपको अधिक से अधिक पुस्तकों को भी पढऩा चाहिए ताकि आपको विभिन्न लेखकों की शैली की जानकारी भी प्राप्त हो सके। साथ ही फिल्मों तथा धारावाहिकों की स्क्रिप्ट पर गौर करने की आदत भी डाल लें। इसके बाद आप स्क्रिप्ट लेखन में हाथ आजमाएं।
योग्यता
स्क्रिप्ट राइटिंग में सबसे अहम जरूरत रचनात्मकता की होती है जो पूर्णत: व्यक्ति की विश्लेषण और कल्पना क्षमता पर आधारित होती है लेकिन फिर भी इसके लिए पत्रकारिता का कोर्स कर लिया जाए तो बेहतर होता है।
किसी भी विषय में 12वीं कक्षा पास करने के बाद पत्रकारिता में ग्रैजुएशन कर सकते हैं। जो छात्र ग्रैजुएशन कर चुके हैं वे किसी प्रतिष्ठित संस्थान से पत्रकारिता में एम.ए. भी कर सकते हैं।
प्रमुख संस्थान
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
एमिटी स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, नई दिल्ली
इंडियन इंस्टीच्यूट आफ मास कम्युनिकेशन नई दिल्ली
जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर, मध्य प्रदेश
माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल, मध्य प्रदेश।
