कहते हैं
कि हर इंसान में एक कलाकार छिपा होता है। जिसे उभार कर वह सफलता की
बुलंदियों को छू सकता है। खासकर कला और सृजनशीलता से भरे क्षेत्र में इसका
भरपूर इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर आप को कला और सृजनशीलता से लगाव है तो
आप अपने अंदर छिपी इस प्रतिभा को कॅरियर का रूप दे सकते हैं। जी हां हम
बात कर रहे हैं फाइन आर्ट कला सृजन की।
आज कम्प्यूटर
की उपयोगिता जैसे−जैसे आर्ट कला सृजन में बढ़ती जा रही है। वैसे ही फाइन
आर्ट और कमर्शियल आर्ट के विशेषज्ञों की मांग भी बढ़ती जा रही है। अगर आप
सृजनशील हैं और कला से लगाव है तो इस क्षेत्र में कॅरियर बनाना आपके लिए
बेहद फायदेमंद साबित होगा। इस क्षेत्र में कॅरियर बनाकर आप न सिर्फ दौलत
बल्कि शोहरत भी कमा सकते हैं।
फाइन आर्ट पाठ्यक्रम
में नामांकन के लिए अभ्यर्थी को किसी भी विषय में बारहवीं उत्तीर्ण होना
जरूरी है। जिसमें जन्मजात कलात्मक प्रतिभा होती है वह अच्छी डिजाइन के जरिए
खूब नाम और पैसा कमा सकते हैं। यदि आप एप्लाइड आर्ट या कमर्शियल आर्ट के
जानकार हैं तो आप टैक्सटाइल ग्राफिक, सेरामिक एक्सीबिशन और प्रोडक्ट के
क्षेत्र में आसानी से सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
जहां
तक इस क्षेत्र में रोजगार मिलने का सवाल है तो फाइन आर्ट और कमर्शियल आर्ट
दोनों के लिए रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। फाइन आर्ट के विशेषज्ञों की
मांग स्कूल, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में हमेशा बनी रहती है। कमर्शियल
आर्ट के जानकारों की फिल्म स्टूडियो, एक्सीबिशन हाउस, पब्लिशिंग हाउस,
मल्टीमीडिया स्टूडियो, कारपोरेट वेबसाइट और विज्ञापन एजेंसियों में हमेशा
मांग बनी रहती है।
फाइन आर्ट और कमर्शियल आर्ट से संबंधित संस्थान निम्नलिखित हैं−
− जामिया मिलिया इस्लामिया, जामिया नगर, नई दिल्ली।
− दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली।
− एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, दिल्ली।
− फैक्ल्टी ऑफ विजुअल आर्ट, कोलकाता।
− गवरन्मेंट कॉलेज ऑफ आर्ट एडं क्राफ्ट, कोलकाता।
− फैक्ल्टी ऑफ विजुअल आर्ट बीएचयू, वाराणसी।
− जेजे इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड आर्ट, मुंबई।
− कॉलेज ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट, लखनऊ।