असावधानी
या बिजली के शार्ट−सर्किट से लगी आग पलभर में जान−माल की भारी नुकसान
पहुंचाती है। कभी−कभी असामाजिक तत्वों द्वारा की गई आगजनी से भी भारी तबाही
होती है। घर, दुकान, ऑफिस, होटल, फैक्टी और दूसरे तमाम प्रकार के स्थान और
सामान यदा−कदा लापरवाहीवश भीषण आग की चपेट में आते रहते हैं जिसे बुझाने
में अग्निशमन विभाग तत्परता से कार्य करता है। यही नहीं अग्निशमन विभाग के
कर्मचारी जहरीली गैस के लीक हो जाने पर या कोई प्राकृतिक आपदा के दौरान भी
बचाव कार्य में बढ़−चढ़कर भाग लेते हैं। इन कार्यों में फायर सब ऑफिसर्स की
प्रमुख भूमिका होती है।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय
के अधीन संचालित राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा महाविद्यालय नागपुर में है। यह
इच्छुक युवाओं को फायर सब ऑफिसर्स पाठ्यक्रम में प्रवेश देकर समुचित
प्रशिक्षण द्वारा उन्हें कुशल अग्निशमनकर्मी बनाता है। इस पाठ्यक्रम में
प्रवेश से संबंधित सूचनाएं बहुप्रसारित समाचार पत्रों एवं रोजगार अखबारों
में जुलाई माह में प्रकाशित होती है। इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के इच्छुक
अभ्यर्थी को बारहवीं या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। विज्ञान
विषयों से इंटरमीडियट उत्तीर्ण उम्मीदवार को प्रवेश में प्राथमिकता दी जाती
है। प्रत्याशी को हिंदी और अंग्रेजी भाषा पढ़ने, लिखने और बोलने की क्षमता
होनी चाहिए। इसके अलावा अंग्रेजी और हिंदी में दिए गए अनुदेशों को समझने
और आवश्यकता पड़ने पर उसे दोहराने की योग्यता होनी चाहिए।
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से 23 वर्ष की आयु वाले प्रत्याशी ही इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
अनुसूचित जाति और जनजाति के अभ्यर्थियों को आयु में पांच वर्ष की छूट दी
जाती है। जो उम्मीदवार किसी भी मान्यता प्राप्त अग्निशमन सेवा में कार्यरत
होते है, उनके लिए अधिकतम आयु सीमा 27 वर्ष निर्धारित है। इस पाठ्यक्रम के
लिए अभ्यर्थी की न्यूनतम शारीरिक मापदंड भी निर्धारित है। जिसके अनुसान
ऊंचाई 165 सेंटीमीटर, शरीर भार कम से कम पचास किलोग्राम, बिना फुलाए छाती
81 सेंटीमीटर और फुलाने पर 86 सेंटीमीटर होनी चाहिए। नेपाल, गढ़वाल, कुमाऊं
आदि पहाड़ी इलाकों के अभ्यर्थियों के लिए 160 सेंटीमीटर निर्धारित है।
गुणवत्ता के आधार पर चुने गए उम्मीदवारों का महाविद्यालय के चिकित्सा
अधिकारी द्वारा डॉक्टरी परीक्षण किया जाता हैं। डॉक्टरी प्रशिक्षण में खरे
उतरने वाले प्रत्याशी को ही प्रवेश दिया जाता है।
नामांकन
के पहले प्रत्याशियों को एक अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा में सफल होना
पड़ता है। प्रवेश परीक्षा में दो प्रश्नपत्र होते हैं। प्रथम प्रश्नपत्र
में सामान्य अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछे जाते है।
जबकि दूसरे प्रश्नपत्र में सामान्य विज्ञान और गणित से संबंधित प्रश्न पूछे
जाते हैं। प्रश्नों का स्तर माध्यमिक परीक्षाओं का होता है। यह परीक्षा
वस्तुनिष्ठ प्रकार की होती है।
ज्यादा जानकारी के लिए निदेशक, राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा महाविद्यालय अमरावती रोड, नागपुर से सम्पर्क किया जा सकता है।