सिर्फ पत्रकारिता से ही नहीं जुड़ा है फ्रीलांसिंग


आम तौर पर फ्रीलांसिंग यानि स्वतंत्र रूप से व्यवसाय करने वालों में फोटोग्राफरों और पत्रकारों की गिनती की जाती है। मगर विभिन्न निष्पादन कलाकार, पेशेवर खिलाड़ी, चित्रकार, डिजाइनर, आंतरिक सज्जाकार, खानपान सेवाएं, उद्यान डिजाइनर / लैंडस्केप कलाकार, सौन्दर्य चिकित्सक, अनुवादक, दुभाषिए, टूरिस्ट गाइड,  मार्गरक्षण सेवा (एस्कोर्ट सर्विस), पुष्प सज्जाकार और कुछ अन्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाले भी इसके अंतर्गत आते हैं।
जैसे-जैसे संगठन अपना आकार सीमित कर रहे हैं और बाहरी लोगों से काम कराने तथा सिर्फ अत्यंत आवश्यक सेवाओं को ही बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है वैसे-वैसे स्वतंत्र रूप से काम करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। भारत में भी सरकारी और गैर सरकारी संगठनों में कर्मचारियों की संख्या कम-से-कम करने पर जोर दिया जा रहा है। उससे बहुत से अनुभवी पेशेवर लोग ढंग से नियमित व्यवसाय से वंचित हो रहे हैं। लेकिन एक खुशखबरी यह है कि काम कम नहीं हुआ है, बलिक इसमें लगातार बढ़ोतरी ही हो रही है। नौकरियां कम होने का मतलब यह नहीं है कि काम कम हो गया है। अधिक काम के समय ढेर सारे कर्मचारी काम पर रख कर उनकी रोजी-रोटी तो पक्की हो जाती है मगर काम की मंदी के समय ये ही कर्मचारी संगठन पर बोझ बन जाते हैं, ऐसे में अब संगठन 'जरूरत के वक्तÓ और 'समय आने परÓ मानव संसाधनों का इस्तेमाल करने की नीति अपना रहे हैं। यहीं पर फ्रीलांस काम करने वालों की आवश्यकता उत्पन्न होती है। स्वतंत्र रूप से काम करने का फैसला आम तौर पर तीन बातों पर निर्भर करता है :-
1. अपने चुने हुए क्षेत्र में आपकी विश्वसनीयता,
2. अपने कौशल को बेच सकने की आपकी क्षमता,
3. स्वतंत्र रूप से काम करने में अनिश्चितता और काम के दबाव से निपटने का आपका तरीका।
क्या यह स्वरोजगार है ?
फ्रीलान्सिंग निश्चित रूप से एक तरह का स्वरोजगार ही है। इसलिए इसे व्यावसायिक तरीके से ही चलाया जाना चाहिए। लेकिन यह उस तरह का व्यवसाय नहीं है जिसके लिए ज्यादा पूंजी या विस्तृत परिसर की आवश्यकता पड़े। हां, काम के लिए जरूरी उपकरण अवश्य जुटाने पड़ते हैं।
स्वतंत्र रूप से काम करने वाला व्यक्ति ऐसा कुशल काम है जो कई लोगों के लिए काम करता है। अपने काम का समय वह खुद तय करता है। कार्य को किस तरह किया जाए इस बारे में उसे पर्याप्त छूट होती है। उसे सिर्फ इस बात को ध्यान में रखना होता है कि काम निर्धारित समय पर और लागत पर ग्राहक की संतुष्टिï के अनुसार हो। फ्रीलान्सिंग करने वालों को नियमित रूप से कोई वेतन नहीं मिलता। इसके अलावा व िकाम पूरा करने के लिए दूसरे लोगों को नहीं रख सकता।
फ्रीलान्सिंग कैसे शुरू करें
स्वतंत्र रूप से काम करने के लिए बहुत अधिक पैसे की जरूरत नहीं पड़ती। इसके लिए सबसे बड़ी आवश्यकता किसी चुने हुए क्षेत्र में विश्वसनीयता कायम करने की होती है। आमतौर पर जो व्यक्ति कर्मचारी के रूप में कोई कार्य कर चुका होता है, वह स्वतंत्र रूप से भी काम कर सकता है। बिना कार्य अनुभव हासिल किये या बिना संपर्क बनाए फ्रीलान्सिंग काम करना बड़ा मुश्किल है।
बुनियादी जानकारी और अनुभव के अलावा स्वतंत्र रूप से काम करने वालों को अपने व्यवसाय से संबंधित वस्तुएं जुटानी पड़ती हैं। जैसे फ्रीलान्स पत्रकार को संदर्भ पुस्तकेें, लेखन सामग्री, डाक सामग्री, टेलीफोन, फैक्स मशीन, कम्प्यूटर, प्रिंटर, टेलीफोन संदेशों का जवाब देने वाली मशीन और यात्रा खर्च आदि की जरूरत पड़ सकती है।
तैयारी
फ्रीलान्सिंग करने वालों को अनिश्चितताओं में जीना आना चाहिए। कभी-कभी तो उनके सामने यह स्थिति आ जाती है कि ढेरों काम आता रहता है, और कभी यह नौबत आ सकती है कि काम न होने से आमदनी का कोई नियमित स्रोत नहीं रह जाता।
फ्रीलान्सिंग करने वालों का दफ्तर उनका घर ही होता है। इसका मतलब ये हुआ कि उन्हें घर पर ही ऑफिस जैसी अनुशासित दिनचर्या बनानी पड़ती है। उन्हें घर की झंझटों से निपटने के साथ-साथ अपने समय का सही-सही उपयोग करना पड़ता है और समय पर कार्य पूरा करके देना होता है।
अनौपचारिक कामकाजी माहौल में और अपनी ही शर्तों पर अपना मेहनताना तय करना एक ऐसा कौशल हैजिसे फ्रीलान्सर को घर से चलने वाले अपने ऑफिस में ही सीखना पड़ता है।
स्वतंत्र रूप से काम करने वाले बहुत से लोग, जैसे फोटोग्राफर, पत्रकार, अनुवादक आदि मेहनताने के लिए मोल-तोल नहीं करते। उनके काम कौशल से ही लोगों का ध्यान उनकी ओर आकृष्टï होता है, मगर उन्हें विस्तृत नेटवर्क बनाना होता है ताकि नियमित रूप से काम मिलता रहे।
विशेषज्ञता वाले क्षेत्र और आवश्यकताएं:
- लेखांकन: जिसके लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण व अनुभव की जरूरत पड़ती है।
- शब्द संसाधन या वर्ड प्रोसेसिंग के लिए आवश्यक उपकरणों तथा सचीवीय एवं कम्प्यूटर संबंधी कौशल की जरूरत पड़ती है।
- जन संपर्क: जिसके अंतर्गत फोटोग्राफी, चित्रकारी और प्रचार अभियान शामिल हैं।
- बाजार अनुसंधान साक्षात्कार
- निजी तौर पर खुफिया जानकारी जुटाने का काम भूतपूर्व सैनिक या पुलिसकर्मी कर सकते हैं।
- सीधी बिक्री (डायरेक्ट मार्केटिंग): खरीददारों  को सीधे बिक्री करने वाली कई कम्पनियां मैदान में कूद चुकी हैं, इनमें एमवे, ओरीफ्लेम, टप्परवेयर, एवीएन्स, लोएस लर्निंग जैसी कुछ कंपनियों का नाम तो शायद आपने सुना भी होगा। सीधी बिक्री में घरेलू, शैक्षिक और सौन्दर्य प्रसाधन संबंधी उत्पाद दोस्तों, पड़ोसियों और जान-पहचान वालों को बेचे जाते हैं। डायरेक्ट सेलिंग में आमदनी कमीशन के आधार पर दी जाती है। बिक्री जितनी ज्यादा होगी कमीशन भी उतना ही ज्यादा होगा। कई कंपनियां विपणन की बुनियादी ट्रेनिंग भी देती हैं, मगर सबसे बड़ी बाधा जान-पहचान वालों को सामान बेचने में आने वाली संास्कृतिक हिचक की होती है।
शिल्प: इनमें से अधिकतम महज शौक होती हैं और उनसे आमदनी की गुंजाइश कम होती है। इसके अंतर्गत पुस्तक शिल्प (बुक बाइंडिंग) फैशन सामग्री, सुलेखन, लैटरिंग, सेरेमिक्स, गुडिय़ा / खिलौने बनाना, धातुशिल्प, पुराने फर्नीचर की मरम्मत आदि। शिल्पी के रूप में शौकिया काम एकाकी व्यवसाय है। आपके द्वारा किया गया बढिय़ा काम ही आपकी तरक्की है। साथ ही अपने संपर्कों को बनाए रखने की भी आवश्यकता पड़ती है।
संपादक और प्रूफ रीडर
अगर आपके पास पहले से इस तरह के काम का बाकायदा अनुभव है तो आप अपने बाप को फ्रीलांस संपादक  / प्रूफरीडर की तरह स्थापित कर सकते हैं और विभिन्न प्रकाशनगृहों/वेबसाइट/पोर्टल के लिए कार्य कर सकते हैं।
घरेलू सेवाएं
- इंटीरियर डिजाइन और डेकोरेशन (आंतरिक डिजाइन और सज्जा)
- खानपान और पाक कला
- बच्चों की देखभाल
- उद्यान डिजाइनिंग
- सौन्दर्य चिकित्सा
- ठेके पर सफाई
- घरेलू नौकर उपलब्ध कराना, आदि
इन क्षेत्रों में फ्रीलांस शुरू करने के लिए आपके द्वारा किया जाने वाला कार्य साफ-सुथरा और सरल होना चाहिए। अपनी क्षमता से बाहर का काम हाथ में न लें। सरल शब्दों में अपना प्रचार संदेश ग्राहक तक पहुंचाएं। आपका कारोबार एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक होकर आगे फैलेगा तो अच्छा रहेगा। इसके लिए वाजिब लागत पर अपनी सेवा ग्राहक को उपलब्ध कराने की पक्की व्यवस्था करें।
प्रबंधन सलाहकार सेवा
प्रबंधन सलाहकार आंकड़ों का संकलन, समीक्षा और विश£ेषण करके सिफारिशें करते हैं और इस तरह योजनाओं को लागू करने में मदद करते हैं। इस कारण यह कार्य सेवानिवृत्त/अनुभवी और/या किसी नियमित रोजगार में न लगे प्रशिक्षित प्रबंधकों द्वारा किया जा सकता है। अगर आप किसी एक कार्यक्षेत्र या विषय में विशेषज्ञता हासिल कर लें कि आपकी सलाह गंभीरता से ली जाएगी।
कुछ विशिष्टï क्षेत्र निम्र प्रकार हैं :-
- कम्प्यूटर सलाहकार सेवा
- रोजगार/व्यवसाय परामर्श सेवा
- मानव संसाधन विकास परामर्श सेवा
- कर परामर्श सेवा
- कई अन्य सेवाओं में परामर्श सेवा या आमोद-प्रमोद और मनोविनोद परामर्श सेवा
- कुछ विशिष्टï अनुसंधान के क्षेत्र में भी शौकिया परामर्श सेवा खूब फल-फूल रही है। इनमें बाजार अनुसंधान से लेकर सुरक्षा प्रणाली अनुसंधान और वरिष्ठï प्रबंधकीयपदों की पृष्ठïभूमि का पता लगाने के लिए अनुसंधान सेवाएं जैसी सेवाएं शामिल हैं।
निष्पादन कलाएं
संगीतकार, गायक, मॉडल, कलाकार, नर्तक आदि आम तौर पर फ्रीलांस काम करते हैं। ये लोग अपना बुनियादी हुनर प्रशिक्षण और व्यवहारिक अनुभव से हासिल करते हैं। व्यवसाय में आगे रहने के लिए नेटवर्किंग तथा बदलते रुझान की समझ होना जरूरी है।
फोटोग्राफी, चित्रकारी और डिजाइन
फोटोग्राफी, चित्रकारी और डिजाइन बड़ी लोकप्रिय फ्रीलांस गतिविधियां हैं। इन सृजनात्मक  व्यवसायों में कलाकार एक से ज्यादा नियोक्ताओं से काम प्राप्त करते हैं। पिछले काम का रिकॉर्ड, सुव्यवस्थित जीवन तथा कार्यवृत्त और सही प्रकार के विपणन कौशल से अच्छे संपर्क बन सकते हैं और अच्छा फायदा भी हो सकता है। सही ग्राहकों की पहचान भी बहुत जरूरी है।
रेडियो और टेलीविजन
रेडियो और टेलीविजन दोनों फ्रीलांस काम करने वालों से चलने वाले संगठन हैं। असल में प्रसारण व्यवसाय या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के बहुत से लोग अपना व्यवसाय भी चलाते हैं। चाहे आप डायरेक्टर हों, कलाकार हों, कैमरा ऑपरेटर हों, लेखक हों या कुछ अन्य हों, आपको अपना कारोबार भी देखना होता है और लेखा, विपणन, प्रबंधन आदि की जिम्मेदारी निभानी होती है। आपको अपना दफ्तर चलाना होता है, पत्राचार का ध्यान रखना होता है, काम को समय पर निपटाने का इंतजाम करनार पड़ता है, अपने सचिव/सहायक आदि सहयोगी कर्मचारियों के बारे में फैसला करना होता है।
वैब कन्टेन्ट प्रोवाइडर
वैबसाइट और पोर्टल के प्रसार से कन्टेन्ट प्रोवाडिंग या विषय सामग्री उपलब्ध कराना एक विस्तृत फ्रीलांस गतिविधिीयों के रूप में उभर कर सामने आई है। इस क्षेत्र में प्रवेश के लिए मुद्रित या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए लेखन का अनुभव या प्रमाणित व्यावसायिक अनुभव व ज्ञान बड़ा उपयोगी सिद्घ हो सकता है।
लेखन और पत्रकारिता
पत्रकार या लेखक के रूप में आप एक से अधिक नियोक्ताओं के लिए कार्य कर सकते हैं। हांलांकि औपचारिक शिक्षा इसके लिए उपयोगी हो सकती है, मगर ज्यादा नहीं। व्यक्तिगत खूबियां, जैसे ऊंचे दर्जे की उत्सुकता, लिखित और मौखिक सम्प्रेषण में ऊंचे दर्जे की दक्षता शैक्षिक उपलब्ध्यिों से कहीं ज्यादा मायने रखती है।
तकनीकी लेखन :
उपयुक्त तकनीकी/वैज्ञानिक प्रशिक्षण तथा अनुभव के साथ-साथ आवश्यक लेखन कौशल वालों के लिए यह एक फ्रीलांसिंग का एक उभरता हुआ क्षेत्र है।
इनके अलावा आर्किटेक्ट, वकील, बीमा सर्वेक्षक जैसे क्षेत्रों में बहुत से लोग फ्रीलांस काम करते मिल जाएंगे।
व्यक्तित्व संबंधी विशेषताएं
फ्रीलांसिंगकरने वाले को अपने कौशल को हर समय अद्यतन बनाए रखना चाहिए। विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग तरह के कौशल की आवश्यकता पड़ती है। उदाहरण के लिए काम ढूंढने के लिए लिखित रूप में अपने आप को ठीक से अभिव्यक्त करना तो आना ही चाहिए, परामर्शदाता के रूप में भी कार्य कर सकने की जानकारी होनी चाहिए। किसी काम को करने से पहले, काम पूरा करते समय और इसके पूरा हो जाने के बाद लिखित रिपोर्ट तो हर जगह बनानी ही पड़ती है।
बुनियादी तौर पर जलनसंपर्क के लिए लेखन कौशल होना जरूरी है। इसके अलावा पत्रकारों से अच्छे संपर्क भी होने चाहिए। बाजार अनुसंधान होने वालों को यों तो लोगों से बातचीत की किसी खास योग्यता की जरूरत नहीं पड़ती, मगर उनमें अच्छी प्रेक्षण क्षमता, चातुर्य, अनुमान लगाने का गुण, तरह-तरह के लोगों से काम निकलने की कला, मोटी चमड़ी तथा ढेर सारी उर्जा होनी चाहिए।
निजी तौर पर खुफिया जांच-पड़ताल करने वालों को दीवानी और फौजदारी कानून की संबंधित धाराओं का ज्ञान होना चाहिए। इसके अलावा पूछताछ करने का कौशल और धैर्य होना जरूरी है।
घरेलू सेवाएं उपलब्ध कराने वालों को संबंधित क्षेत्र में अच्छा अनुभव व प्रशिक्षण होना चाहिए। इसके अलावा प्रबंधन की संपूर्ण जानकारी होना भी जरूरी है।
फोटोग्राफरों/कलाकारों के पास अपने बनाए उत्कृष्टï चित्रों/छायाचित्रों के नमूनों के साथ विपणन कौशल से युक्त होना चाहिए।
हस्तशिल्पियों को बातचीत में ही नहीं लेखन में भी अच्छा संप्रेषक होना चाहिए। इसके अलावा उन्हें नई चीज की तलाश में माहिर होना चाहिए। समसामयिक रुझान और चलन की जानकारी होना जरूरी है। सबसे अच्छा प्रचार तो आपके बनाए उत्कृष्टï कार्य से ही होता है लेकिन साथ में आपके संपर्क भी बहुत मायने रखते हैं। मेहनती, आत्मसंयमी, निर्धारित समय-सीमा का पालन करते हुए नियत समय में काम पूरा करना और नयी चीजें सीखने को तत्पर रहना फ्रीलांसिंग के लिए महत्वपूर्ण गुण है।
संभावनाएं
जो लोग अपनी सक्रिय कामकाजी $िजंदगी में काम करते और कमाते हुए जीना चाहते हैं, उन्हें फ्रीलांसिंग सीखने की जरूरत है। उन्हें एक व्यक्ति वाले ज्ञान के इस कारोबार में अपने कौशल की पहचान करने, उसकी पैकेजिंग करने, कीमत तय करने और बिक्री करने की कला आनी चाहिए।
ज्ञान, बुद्घि और सक्रियता आज कामकाज के रोजमर्रा के तौर-तरीकों का स्थान लेते जा रहे हैं। ऐसे में भविष्य में फ्रीलांसिंग की भूमिका और बढ़ सकती है। लेखाकारों, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों आदि की तरह फ्रीलांसर हमारी रम शक्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। कुछ विशेषज्ञों का विचार है कि 21वीं शताब्दी में वे श्रमशक्ति का सबसे बड़ा हिस्सा बन सकते हैं।
जो लोग अपना काम भलि-भांति कर सकते हैं और अपनी सेवा या उत्पादों का विपणन कर सकते हैं उनके लिए खरीददारों की कमी नहीं है। इसलिये इमानदार फ्रीलांसर के लिए नियमित रूप से आमदनी न होने की कोई आशंका उत्पन्न ही नहीं होती। बहुत से लोग तो  फ्रीलांसिंग में नियमित रोजगार से कहीं ज्यादा आमदनी कमा रहे हैं। 'जितना गुड़ डालोगे उतना ही मीठा होगाÓ, यह कहावत फ्रीलांसिंग में मेहनत करने वालों पर पूरी तरह से लागू होती है।

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