देश
में बड़ी संख्या में समाचारपत्र तथा पत्रिकाएं छपती हैं। बदलती तकनीक की
वजह से सूचना एवं समाचार की दुनिया में भी आमूलचूल परिवर्तन आया है। अब
समाचारपत्रों के प्रकाशन में अत्याधुनिक तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है।
जब से इंटरनैट की दुनिया लोकप्रिय हुई है, दीन-दुनिया की खबरों को जानने
के लिए इंटरनैट का खूब सहारा लिया जाने लगा है। इंटरनैट के आगमन तथा
लोकप्रिय होने के बाद से इंटरनैट संबंधी पत्रकारिता यानी वैब जर्नलिज्म के
क्षेत्र में भी तेजी से विकास हुआ है। अब अधिक से अधिक समाचारपत्र एवं
पत्रिकाओं से लेकर टी.वी. न्यूज चैनल तक इंटरनैट पर उपलब्ध हैं। हर व्यक्ति
तेजी से खबरें चाहता है। युवाओं की भी पसंद इंटरनैट बनता जा रहा है।
पहले जहां इंटरनैट कम्प्यूटर तक सीमित था, वहीं नई तकनीकों से लैस मोबाइलों में भी इंटरनैट का चलन बढ़ता जा रहा है। किसी भी जगह कहीं भी इंटरनैट का इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे में वैब जर्नलिज्म के क्षेत्र में करियर के व्यापक अवसर पैदा हुए हैं। दिनों-दिन समाचार, चैनलों व अखबारों की संख्या बढ़ती जा रही है। पत्रकारिता पहले जहां अखबारों, पुस्तकों में हुआ करती थी, वहीं इंटरनैट के बढ़ते प्रचलन के बीच वैब पत्रकारिता का जन्म हुआ। इंटरनैट पर समाचार पोर्टलों के लिए वैब पत्रकारिता में योग्य पत्रकारों की मांग बनी हुई है।
योग्यता
इस क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के पास सबसे पहले तो संबंधित भाषा पर मजबूत पकड़ होनी चाहिए। साथ ही उन्हें इंटरनैट सहित सभी जरूरी कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर एवं तकनीकों का ज्ञान भी होना चाहिए। वैसे जर्नलिज्म के किसी भी क्षेत्र में कदम रखने से पहले मास कम्युनिकेशन या जर्नलिज्म में डिप्लोमा या डिग्री करना बेहतर होता है। इससे इस क्षेत्र में सफलता को काफी हद तक पक्का किया जा सकता है।
सम्भावनाएं
वैब पत्रकारिता के क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य बनाने के बहुत अधिक अवसर हैं। इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए खबरों को समझ कर उन्हें प्रस्तुत करने की कला, तकनीकी ज्ञान, भाषा पर अच्छी पकड़ होना आवश्यक है। न्यूज पोर्टल के रूप में स्वतंत्र रूप से कार्य करने वाली वैबसाइटों की संख्या फिलहाल भारत में अन्य कई देशों से कम है। ऐसी वैबसाइट्स की संख्या ज्यादा है जो अपने वैब पोर्टल के लिए सामग्री अपने चैनलों या अखबारों से लेती हैं परंतु वहां भी वैब जर्नलिस्ट्स या एडिटर्स की काफी जरूरत होती है। इनके अलावा स्वतंत्र न्यूज पोर्टल्स में भी वैब जर्नलिस्ट बनकर युवा करियर संवार सकते हैं।
कार्य क्षेत्र
जिस प्रकार अखबारों व पत्रिकाओं में खबरों का चयन, संपादन या लेखन होता है, यही कार्य इंटरनैट पर किया जाता है। यहां इंटरनैट पोर्टल पर खबरें डालने के लिए उनका चयन, सम्पादन या जरूरत पडऩे पर खबरें लिखने का काम किया जाता है। यहां कार्य में भी तेजी होनी चाहिए। खबर लिखकर उसका संपादन ही नहीं बल्कि लगातार उसे अपडेट भी करना पड़ता है। यह वैब पत्रकारिता का ही कमाल है कि आप दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर किसी भी भाषा में किसी भी देश का अखबार या खबरें पढ़ सकते हैं।
संस्थान
मास कम्युनिकेशन या जर्नलिज्म में डिग्री या डिप्लोमा देश भर में स्थित अनेक कालेज एवं विश्वविद्यालयों में उपलब्ध हैं। कई संस्थानों में
पहले जहां इंटरनैट कम्प्यूटर तक सीमित था, वहीं नई तकनीकों से लैस मोबाइलों में भी इंटरनैट का चलन बढ़ता जा रहा है। किसी भी जगह कहीं भी इंटरनैट का इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे में वैब जर्नलिज्म के क्षेत्र में करियर के व्यापक अवसर पैदा हुए हैं। दिनों-दिन समाचार, चैनलों व अखबारों की संख्या बढ़ती जा रही है। पत्रकारिता पहले जहां अखबारों, पुस्तकों में हुआ करती थी, वहीं इंटरनैट के बढ़ते प्रचलन के बीच वैब पत्रकारिता का जन्म हुआ। इंटरनैट पर समाचार पोर्टलों के लिए वैब पत्रकारिता में योग्य पत्रकारों की मांग बनी हुई है।
योग्यता
इस क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के पास सबसे पहले तो संबंधित भाषा पर मजबूत पकड़ होनी चाहिए। साथ ही उन्हें इंटरनैट सहित सभी जरूरी कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर एवं तकनीकों का ज्ञान भी होना चाहिए। वैसे जर्नलिज्म के किसी भी क्षेत्र में कदम रखने से पहले मास कम्युनिकेशन या जर्नलिज्म में डिप्लोमा या डिग्री करना बेहतर होता है। इससे इस क्षेत्र में सफलता को काफी हद तक पक्का किया जा सकता है।
सम्भावनाएं
वैब पत्रकारिता के क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य बनाने के बहुत अधिक अवसर हैं। इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए खबरों को समझ कर उन्हें प्रस्तुत करने की कला, तकनीकी ज्ञान, भाषा पर अच्छी पकड़ होना आवश्यक है। न्यूज पोर्टल के रूप में स्वतंत्र रूप से कार्य करने वाली वैबसाइटों की संख्या फिलहाल भारत में अन्य कई देशों से कम है। ऐसी वैबसाइट्स की संख्या ज्यादा है जो अपने वैब पोर्टल के लिए सामग्री अपने चैनलों या अखबारों से लेती हैं परंतु वहां भी वैब जर्नलिस्ट्स या एडिटर्स की काफी जरूरत होती है। इनके अलावा स्वतंत्र न्यूज पोर्टल्स में भी वैब जर्नलिस्ट बनकर युवा करियर संवार सकते हैं।
कार्य क्षेत्र
जिस प्रकार अखबारों व पत्रिकाओं में खबरों का चयन, संपादन या लेखन होता है, यही कार्य इंटरनैट पर किया जाता है। यहां इंटरनैट पोर्टल पर खबरें डालने के लिए उनका चयन, सम्पादन या जरूरत पडऩे पर खबरें लिखने का काम किया जाता है। यहां कार्य में भी तेजी होनी चाहिए। खबर लिखकर उसका संपादन ही नहीं बल्कि लगातार उसे अपडेट भी करना पड़ता है। यह वैब पत्रकारिता का ही कमाल है कि आप दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर किसी भी भाषा में किसी भी देश का अखबार या खबरें पढ़ सकते हैं।
संस्थान
मास कम्युनिकेशन या जर्नलिज्म में डिग्री या डिप्लोमा देश भर में स्थित अनेक कालेज एवं विश्वविद्यालयों में उपलब्ध हैं। कई संस्थानों में