देश में फूलों का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और लोग अब सिर्फ गुलाब ही नहीं, बल्कि दूसरे फूलों के साथ भी प्रयोग कर रहे हैं। फर्न्स एन पीटल्स (एफएनपी) के संस्थापक और प्रबंध निदेशक विकास गुटगुटिया ने कहा, ‘‘लोग आजकल गुलदावदी, ऑर्किड, सिंबीडियम, गुलनार, कुमुदनी और अथूरियम जैसे फूलों को भी काफी तरजीह दे रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लोग हाइड्रेजिया, ऑरेंज-गोल्डेन टॉर्च, येलो ब्रैसिका और लाल जिंजर लिली को भी पसंद कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि लोग प्रयोगधर्मी हो रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में बॉलीवुड का थीम लोकप्रिय हो रहा है। महानगरों में लोग फ्लोरल फेंटेसिया, पंजाबी पिंड, मैजिकल गार्डन और फ्यूजन सूफी जैसे थीम के साथ प्रयोग कर रहे हैं।’’ इसलिए फूलों का कारोबार उफान पर है।
एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) की रिपोर्ट के मुताबिक फूलों का कारोबार देश में 37 अरब रुपए का है। यह 30 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। 2015 तक यह 80 अरब रुपए को पार कर जाएगा। गुटगुटिया ने कहा, ‘‘फूल बाजार सालाना 30-40 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। आज लोगों की जेब में पैसा बढ़ा है और वे अपनी भावना का इजहार करने के लिए बड़ी खरीदारी कर रहे हैं। लोग अच्छे फूलों के एक गुच्छे के लिए 1,000 रुपए से 2,000 रुपए तक खर्च कर रहे हैं।’’
एफएनपी ने 1994 में यहां एक स्टोर से काम शुरु किया था। आज उसके 65 शहरों में 157 आउटलेट हैं। कंपनी 150 देशों को फूलों का निर्यात करती है। कंपनी ने हाल ही में काठमांडू में पहला अंतर्राष्ट्रीय स्टोर खोला है। गुटगुटिया ने बताया कि उनके साधारण स्टोरों में फूलों के गुच्छों और उसके पैकिंग की कीमत 350 रुपए से शुरु होती है। वहीं एफएनपी के मुख्य स्टोरों में यह 750 रुपए से शुरू होती है।
