तैयार कीजिए सफलतम भविष्य का लेखा-जोखा-चार्टर्ड एकाउंटेंट

एकाउंटेंसी की दुनिया में चार्टर्ड एकाउंटेंट अर्थात सी.ए. का कैरियर अति सम्मानजनक है। आज आर्थिक जागृति के दौर में इस कैरियर को लेकर युवा वर्ग अत्यधिक उत्साहित है। पिछले सालों में 'चार्टर्ड एकाउंटेंटï्सÓ का रुतबा बढ़ा है। बेहतर धनार्जन तथा सुरक्षा की भावना के चलते आज सी.ए. बनना समाज में प्रतिष्ठïापूर्ण कैरियर बन गया है। सरकार आजकल हर तरह के संस्थान के ऑडिटशुदा हिसाब-किताब में विश्वास रखती है। अत: सी.ए. का भविष्य सुरक्षित है। अपनी मुंहमांगी रेटिंग पर कार्य की उपलब्धता ने ही युवाओं को इस ओर आकर्षित किया है।
सभी प्रकार के छोटे व बड़े कारोबार को सुव्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए एकाउंटिंग, ऑडिटिंग तथा टैक्स कंसलटेंसी का महत्वपूर्ण स्थान है। आर्थिक उदारीकरण के चलते समूचा विश्व एक छोटे से गांव में तब्दील होता जा रहा है। ऐसे में बाजारी जरूरतों की परिभाषाओं में भी बदलाव आया है। इस सबका नतीजा यह है कि आज चार्टर्ड एकाउंटेंट के पास काम की कोई कमी नहीं है। बीते जमाने की बात है कि किसी भी सेठ के सारे कारोबार का दारोमदार एक काइयां टाइप मुनीम के सुपुर्द हुआ करता था लेकिन आज के बदलते परिवेशन में हरेक क्षेत्र में विशेषज्ञों की मांग बढ़ती जा रही है। यह सूत्र एकाउंटिंग के क्षेत्र पर भी लागू होता है। इस क्षेत्र की सर्वाधिक प्रामाणिक काबलियत का नाम है-सी.ए.।
'इंस्टीटï्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंटï्स ऑफ इंडियाÓ (आई.सी.ए.आई.) द्वारा आयोजित चार्टर्ड एकाउंटेंसी कोर्स की फाइनल परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले व्यक्ति को 'सी.ए.Ó कहा जाता है। वह इस संस्थान का सदस्य कहलाता है। सरकारी दिशा-निर्देशों व कंपनी एक्ट के अनुसार भी किसी भी प्राइवेट कंपनी में वही व्यक्ति ऑडिटर हो सकता है, जो सी.ए. हो।
एक चार्टर्ड एकाउंटेंट मुख्यत: एकाउंटेंसी, ऑडिटिंग, टैक्स एक्सपर्ट और वित्तीय मामलों में सलाहकार की भूमिका निभाता है। कंपनी एक्ट को ध्यान में रखते हुए वह किसी भी संस्था के लिए आवश्यक लेखा-जोखा तैयार करता है। वह 'डे बुकÓ तथा वित्तीय घोषणा-पत्र भी तैयार करता है। वित्तीय घोषणापत्रों के मामलों में एक सी.ए. ऑडिटर के रूप में भी काम करता है। सी.ए. को अधिकार है कि वो वित्तीय लागत तथा टैक्स आदि से जुड़े समस्त प्रकरणों को आडिट करे। अनेक प्राइवेट संस्थाएं आमतौर पर सिर्फ आडिटिंग की औपचारिकता पूर्ति हेतु सी.ए. की सेवाएं लेती हैं तथा इसकी एवज में उन्हें समुचित धनराशि का भुगतान करती हैं।
सी.ए. का प्रशिक्षण पाठï्यक्रम 'इंस्टीटï्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंटï्स ऑफ इंडियाÓ द्वारा संचालित किया जाता है। आई.सी.ए.आई. का जाल अपनी 81 शाखाओं के साथ पूरे भारतभर में फैला हुआ है। इस संस्थान की क्षेत्रीय शाखाएं मुम्बई, कलकत्ता, चेन्नई, कानपुर तथा नई दिल्ली में हैं। इस क्षेत्र में अपना भविष्य साकार करने का स्वप्न देख रहे युवक-युवतियों को इस पाठï्यक्रम में प्रवेश के लिए संस्थान द्वारा निर्धारित इंटरमीडिएट और फाइनल परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है। इसके उपरांत अभ्यर्थी को किसी व्यावसायिक सी.ए. की देखरेख में आडिट क्लर्क के रूप में अपना नाम दर्ज कराना तथा संस्थान के बोर्ड ऑफ स्टडीज में इनरोल होना होता है।
10+2 उत्तीर्ण अभ्यर्थी आई.सी.ए.आई. के फाउंडेशन कोर्स को करने की पात्रता रखते हैं। एक वर्ष की अवधिवाले फाउंडेशन कोर्स को स्नातक अथïा स्नातकोत्तर पढ़ाई के साथ भी किया जा सकता है। वाणिज्य स्नातक (50 प्रतिशत), गैर वाणिज्य स्नातक (55 प्रतिशत) तथा गणित (60 प्रतिशत) अंकों के अनुपात में उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं फाउंडेशन कोर्स के लिए बाध्य नहीं हैं। वे सीधे तौर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण हेतु आर्टिकल्ड क्लर्क के रूप में पंजीकरण कराने के हकदार हैं।
फाउंडेशन कोर्स में अर्थशास्त्र, गणित, सांख्यिकी, लेखा आदि की मूलभूत जानकारी तथा मर्केन्टाइल लॉ प्रमुख विषय होते हैं। यहां सैद्धान्तिक के साथ-साथ व्यावहारिक या व्यावसायिक प्रशिक्षण पर भी बल दिया जाता है। व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए किसी चार्टर्ड एकाउंटेंट के पास 'आर्टिकल्डÓ या 'ऑडिट क्लर्कÓ के रूप में कार्यानुभव अर्जित करना पड़ता है। प्रत्याशी सी.ए. को इस सबके लिए एक निश्चित शुल्क का भुगतान करता है। इस व्यावहारिक प्रशिक्षण के दस साल पूर्ण होने से पूर्व से पूर्व ही अभ्यर्थी को आई.सी.ए.आई. द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट परीक्षा पास करनी होती है।
इस परीक्षा को उत्तीर्ण कर लेने वाला अभ्यर्थी आई.सी.ए.आई. द्वारा प्रमाणित किसी वित्तीय, वाणिज्यिक या औद्योगिक उपक्रम में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग ले सकता है। यह ट्रेनिंग अंतिम साल में नौ से 12 महीने तक के लिए होती है। प्रेक्टिकल ट्रेनिंग के अंतिम छह महीनों में प्रत्याशी फाइनल परीक्षा दे सकता है। फाइनल परीक्षा पास करने वाले व्यक्ति आई.सी.ए.आई. की सदस्यता हेतु दावेदारी कर सकते हैं।
सी.ए. बनने के बाद व्यक्ति अपनी सुविधा व परिस्थितियों के मुताबिक अपने काम को अंजाम दे सकता है। वह एक परामर्शदाता के रूप में भी काम कर सकता है अथवा कहीं नियुक्ति भी पा सकता है। आई.सी.ए.आई. के कार्यालय दोहा, अबूधाबी, दुबई, जांबिया, बहरीन, मस्कट, जेद्दाह तथा बोत्सवाना आदि में भी हैं।
संस्थान
सचिव, इंस्टीटï्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंटï्स ऑफ इंडिया, इंद्रप्रस्थ मार्ग, पो.बा. नं. 7100, नई दिल्ली-2
अधीनस्थ सचिव, इंस्टीटï्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंटï्स ऑफ इंडिया, 16/77, सिविल लाइंस, द माल, कानपुर - 208001 (उ.प्र.)
उपसचिव, इंस्टीटï्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंटï्स ऑफ इंडिया, 122 नुंगमबक्कम, हाई रोड, पो.बा.नं. 3314, चेन्नई- 600034

Post a Comment

Previous Post Next Post
संस्कार News
संस्कार News

🎧 LIVE FM RADIO




🔊 Volume