राजनीति का संबंध केवल शासन एवं सत्ता से नहीं है। इसके तहत सम्प्रेषण, रणनीति एवं नीति निर्माण से लेकर विविध कार्य शामिल हैं। सरल शब्दों में कहें तो हर कार्य की सफलता के लिए सम्प्रेषण यानी संचार या संदेशों के आदान-प्रदान का अत्यधिक महत्व है। चाहे कोई उम्मीदवार चुनावों से पहले वोट मांगने हेतु प्रचार करता है या कोई सरकार विदेश नीति के तहत वैश्विक स्तर पर सहयोग जुटाने का प्रयास करती है या किसी आंदोलन के लिए लोगों को एकजुट करने की कोशिश हो या अपने क्लाइंट के हित साधने की खातिर किसी लॉबिस्ट द्वारा नेताओं के समक्ष उसका पक्ष रखना हो, हर मामले में अपनी बात को प्रभावी ढंग से सामने वाले तक पहुंचाना आवश्यक है। राजनीतिक संचार विशेषज्ञ इसी को सुनिश्चित बनाने की कोशिश करते हैं।
कार्यक्षेत्र
राजनीतिक संचार यानी पॉलीटिकल कम्युनिकेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा किसी राष्ट्र का नेतृत्व, मीडिया तथा नागरिक वर्ग सार्वजनिक नीति के संचालन से संबंधित संदेशों का आदान-प्रदान करते हैं और उसे अर्थ देते हैं। इसकी विशेषता है कि ये संदेश व्यापक रूप में शासन या सार्वजनिक नीति के संचालन से संबंधित होते हैं। माना जाता है कि राजनीतिक संचार केवल चुनावों से संबंधित होता है किन्तु ऐसा नहीं है। राजनीति मोटे तौर पर उस प्रक्रिया को निर्धारित करती है और उससे संबंधित होती है जिसके द्वारा समाज नीतिगत मामलों पर सर्वसम्मति पर पहुंचता है। इस तरह से राजनीति संचार का आधार विशिष्ट वर्ग अथवा आम जनता के व्यापक संबंध वाले मामलों के बारे में नागरिकों, मीडिया एवं नेताओं के मध्य होने वाले संदेशों का आदान-प्रदान है।
राजनीतिक संचार विद्वतापूर्ण अध्ययन का एक बहु विषयीय क्षेत्र है। इसमें संचार, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान, सामाजिकी, प्रबंधन एवं दर्शन शास्त्र जैसे विषयों के स्नातकों के लिए भरपूर अवसर हैं।
राजनीतिक संचार के छात्र सामान्यत: नीति एवं शासकीय मामलों को आम जनता की समझ में आने लायक रूप देने में संचार एवं मीडिया की भूमिका के बारे में शिक्षा प्राप्त करते हैं। वे मीडिया के समर्थन, राजनीतिक विकास के बारे में संदेशों के प्रारूपण एवं राजनीतिक सेवाओं को प्रोत्साहन देने की नीतियों के बारे में ज्ञान प्राप्त करते हैं। संचार एक मुख्य साधन है जिसका प्रयोग किसी के राजनीतिक जीवन के प्रत्येक पहलू पर बल देते हुए राजनीतिक माहौल को समझने में किया जाता है।
सम्भावनाएं
संचार / मीडिया अध्ययन में डिग्री या डिप्लोमा धारी युवा जिन्हें किसी समाज / राष्ट्र की राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक तथा मनोवैज्ञानिक प्रणाली की व्यापक समझ हो, उनके पास सरकार एवं सार्वजनिक कार्यों के बीच एक सम्पर्क कड़ी के रूप में कार्य करने के बढिय़ा मौके होते हैं। वे यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आम व्यक्ति अच्छे शासन के श्रेष्ठ परिणाम प्राप्त कर सके।
राजनीतिक विकास के क्षेत्र में कार्यरत सरकारी राजनीतिक संगठन, राजनीतिक एजैंसियों और विभाग तथा शैक्षिक एवं अनुसंधान संस्थाएं, संचार परामर्श संस्थाएं, शासन क्षेत्र में कार्यरत मीडिया संगठन, गैर-सरकारी संगठन इस विषय का ज्ञान रखने वाले युवाओं को रोजगार प्रदान करते हैं। इन संगठनों के साथ युवा एक राजनीतिक संचार विशेषज्ञ, पत्रकार, अनुसंधानकर्ता तथा मीडिया सलाहकार के रूप में कार्य कर सकते हैं।
कौशल
प्रिंट या इलैक्ट्रॉनिक मीडिया या वैबसाइट में काम करने वालों को साधारण राजनीतिक संदेशों को नया तथा प्रभावशाली रूप देने के लिए भाषा तथा इस विषय की अच्छी समझ होनी चाहिए। श्रोताओं के लिए मीडिया संदेश तैयार करने तथा उन्हें उन तक पहुंचाने के लिए अनुसंधान आधारित संचार नीतियों की आवश्यकता होती है। राजनीतिक संचार के तहत किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक परिवर्तन एवं राष्ट्र निर्माण की सम्पूर्ण प्रक्रिया में अभिवृत्ति तथा महत्व की अत्यधिक सुस्पष्ट संरचनात्मक समस्याओं का विश्लेषण करना सीखना होगा।
कार्यक्षेत्र
राजनीतिक संचार यानी पॉलीटिकल कम्युनिकेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा किसी राष्ट्र का नेतृत्व, मीडिया तथा नागरिक वर्ग सार्वजनिक नीति के संचालन से संबंधित संदेशों का आदान-प्रदान करते हैं और उसे अर्थ देते हैं। इसकी विशेषता है कि ये संदेश व्यापक रूप में शासन या सार्वजनिक नीति के संचालन से संबंधित होते हैं। माना जाता है कि राजनीतिक संचार केवल चुनावों से संबंधित होता है किन्तु ऐसा नहीं है। राजनीति मोटे तौर पर उस प्रक्रिया को निर्धारित करती है और उससे संबंधित होती है जिसके द्वारा समाज नीतिगत मामलों पर सर्वसम्मति पर पहुंचता है। इस तरह से राजनीति संचार का आधार विशिष्ट वर्ग अथवा आम जनता के व्यापक संबंध वाले मामलों के बारे में नागरिकों, मीडिया एवं नेताओं के मध्य होने वाले संदेशों का आदान-प्रदान है।
राजनीतिक संचार विद्वतापूर्ण अध्ययन का एक बहु विषयीय क्षेत्र है। इसमें संचार, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान, सामाजिकी, प्रबंधन एवं दर्शन शास्त्र जैसे विषयों के स्नातकों के लिए भरपूर अवसर हैं।
राजनीतिक संचार के छात्र सामान्यत: नीति एवं शासकीय मामलों को आम जनता की समझ में आने लायक रूप देने में संचार एवं मीडिया की भूमिका के बारे में शिक्षा प्राप्त करते हैं। वे मीडिया के समर्थन, राजनीतिक विकास के बारे में संदेशों के प्रारूपण एवं राजनीतिक सेवाओं को प्रोत्साहन देने की नीतियों के बारे में ज्ञान प्राप्त करते हैं। संचार एक मुख्य साधन है जिसका प्रयोग किसी के राजनीतिक जीवन के प्रत्येक पहलू पर बल देते हुए राजनीतिक माहौल को समझने में किया जाता है।
सम्भावनाएं
संचार / मीडिया अध्ययन में डिग्री या डिप्लोमा धारी युवा जिन्हें किसी समाज / राष्ट्र की राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक तथा मनोवैज्ञानिक प्रणाली की व्यापक समझ हो, उनके पास सरकार एवं सार्वजनिक कार्यों के बीच एक सम्पर्क कड़ी के रूप में कार्य करने के बढिय़ा मौके होते हैं। वे यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आम व्यक्ति अच्छे शासन के श्रेष्ठ परिणाम प्राप्त कर सके।
राजनीतिक विकास के क्षेत्र में कार्यरत सरकारी राजनीतिक संगठन, राजनीतिक एजैंसियों और विभाग तथा शैक्षिक एवं अनुसंधान संस्थाएं, संचार परामर्श संस्थाएं, शासन क्षेत्र में कार्यरत मीडिया संगठन, गैर-सरकारी संगठन इस विषय का ज्ञान रखने वाले युवाओं को रोजगार प्रदान करते हैं। इन संगठनों के साथ युवा एक राजनीतिक संचार विशेषज्ञ, पत्रकार, अनुसंधानकर्ता तथा मीडिया सलाहकार के रूप में कार्य कर सकते हैं।
कौशल
प्रिंट या इलैक्ट्रॉनिक मीडिया या वैबसाइट में काम करने वालों को साधारण राजनीतिक संदेशों को नया तथा प्रभावशाली रूप देने के लिए भाषा तथा इस विषय की अच्छी समझ होनी चाहिए। श्रोताओं के लिए मीडिया संदेश तैयार करने तथा उन्हें उन तक पहुंचाने के लिए अनुसंधान आधारित संचार नीतियों की आवश्यकता होती है। राजनीतिक संचार के तहत किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक परिवर्तन एवं राष्ट्र निर्माण की सम्पूर्ण प्रक्रिया में अभिवृत्ति तथा महत्व की अत्यधिक सुस्पष्ट संरचनात्मक समस्याओं का विश्लेषण करना सीखना होगा।
यह समझने के लिए कि किसी देश में राजनीतिक आधुनिकीकरण की सम्पूर्ण प्रक्रिया किस तरह चल रही है, एक राजनीतिक संचारक के रूप में युवाओं को उस देश की सामाजिक तथा आर्थिक समस्याओं के विश्लेषण तथा मनोवैज्ञानिक समस्याओं के सूक्ष्म विश्लेषण की समझ होनी चाहिए। राजनीतिक संचार विशेषज्ञ के रूप में युवाओं को ज्ञान होना चाहिए कि राजनीतिक सर्वसम्मति का क्या महत्व है तथा उसके बारे में लोगों की क्या तथा कैसी राय हो सकती है।
अध्ययन और योग्यता
वर्तमान में अनेक भारतीय विश्वविद्यालयों के संचार विभाग स्नातकोत्तर स्तर पर राजनीतिक संचार को एक वैकल्पिक विषय के रूप में पढ़ा रहे हैं। पत्रकारिता एवं जनसंचार में प्रशिक्षित एवं राजनीति विज्ञान, सामाजिकी, मनोविज्ञान या प्रबंधन में डिग्रीधारी युवाओं के पास विविध क्षेत्रों में राजनीतिक संचार सुनिश्चित बनाने वाले पेशेवर के रूप में कार्य करने के अनेक मौके मिल सकते हैं।