अति
आत्मविश्वास से भरे लोग खुद को वास्तविकता से ज्यादा प्रतिभाशाली बताकर
लोगों को बेवकूफ बना डालते हैं। यही नहीं, ऐसे लोग कंपनी को भी जोखिम में
डालते हैं।
यह दावा भारतीय मूल के दो शोधकर्ताओं ने किया है। न्यूकैसल विश्वविद्यालय के सहायक शोधकर्ता डॉ. विवेक नित्यानंद ने कहा, ‘‘निष्कर्ष से स्पष्ट होता है कि लोग अक्सर ज्यादा कुशल लोगों की बजाय ऐसे अति आत्मविश्वासी लोगों को पुरस्कृत करते हैं, जो खुद से धोखा कर रहे होते हैं।’’
नित्यानंद ने कहा, ‘‘इसलिए अगर खुद को वास्तविक क्षमता से ज्यादा क्षमतावान बताने वाले लोगों की कंपनी में फौज है तो उसका डूबना तय है।’’
यह दावा भारतीय मूल के दो शोधकर्ताओं ने किया है। न्यूकैसल विश्वविद्यालय के सहायक शोधकर्ता डॉ. विवेक नित्यानंद ने कहा, ‘‘निष्कर्ष से स्पष्ट होता है कि लोग अक्सर ज्यादा कुशल लोगों की बजाय ऐसे अति आत्मविश्वासी लोगों को पुरस्कृत करते हैं, जो खुद से धोखा कर रहे होते हैं।’’
नित्यानंद ने कहा, ‘‘इसलिए अगर खुद को वास्तविक क्षमता से ज्यादा क्षमतावान बताने वाले लोगों की कंपनी में फौज है तो उसका डूबना तय है।’’