करियर
में तरक्की पाने के लिए ही लोग अपनी पुरानी जॉब बदलना चाहते हैं। वेतन
में बढ़ौतरी, क्रिएटीविटी की आजादी या फिर काम करने का मनचाहा माहौल न मिल
पाना इत्यादि कई कारण होते हैं नई जॉब की तलाश करने में। यदि आप भी
पुरानी जॉब को चेंज करना चाहती हैं, तो आपको इसके लिए पहले से ही तैयारी
एवं होमवर्क करना होगा।
पहली जॉब जल्दी न बदलें
इस बात का ध्यान रखें कि यदि यह आपकी पहली जॉब है और आपको वहां एडजस्ट करने में थोड़ी दिक्कत महसूस हो रही है, तो भी स्वयं को वहां के माहौल के अनुसार ढालने का प्रयास करें। जाहिर-सी बात है कि पहली जॉब में आपको थोड़ी-बहुत असुविधा तो होगी ही और ऐसे में अपना संयम खो कर, यदि आप कुछ ही महीने में नई जॉब ढूंढना आरंभ कर देंगी, तो आपको अपने प्रोफाइल में यह दिखाना होगा कि आपने पहली नौकरी कुछ ही महीनों में छोड़ दी थी, जिसका नकारात्मक असर होगा। आप उस जॉब को प्रोफाइल से हटाएंगी, तो फिर से फ्रैशर की कैटेगरी में आने से आपको नई जॉब मिलने में दिक्कत आएगी। अत: छोटी-छोटी असुविधाओं के कारण अपनी जॉब छोड़ेने का निर्णय कभी न लें।
रिटर्न नहीं, तभी सोचें
आप जिस लगन और मेहनत से अपनी वर्तमान जॉब एवं काम की जिम्मेदारियों को निभा रही हैं, यदि उसके अनुसार आपको कम्पनी से काफी समय से कोई रिटर्न नहीं मिल रहा है, तभी अपनी पुरानी जॉब बदलने के बारे में सोचें।
नई जॉब ढूंढने से पहले
यदि आपने जॉब बदलने का मन बना ही लिया हो, तो सबसे पहले अपने प्रोफाइल को बेहतरीन ढंग से तैयार करें, ताकि जब आप किसी नई कम्पनी में अप्लाई करें, तो आपका प्रोफाइल आपका इम्प्रैशन कायम कर सके। अपनी सारी काबिलियत एवं अनुभव इसमें शामिल करें। यदि संभव हो तो मल्टीटॉस्किंग एटीच्यूड डिवैल्प करने के साथ एक-दो क्षेत्रों में अपनी स्पैशलाइजेशन भी साबित करें, ताकि आपकी सिलैक्शन उस कम्पनी में सुनिश्चित हो सके।
होमवर्क कर के जाएं
जिस नई कम्पनी में आप जॉब के लिए अप्लाई कर रही हैं, उसके बारे में कम्प्लीट होमवर्क कर लें कि वह कम्पनी क्या-क्या करती है, उसके बनाए प्रोडक्ट्स की विशेषताएं क्या हैं या फिर किन क्षेत्रों में कम्पनी का विस्तार हो रहा है। इससे आप इंटरव्यू में कम्पनी के बारे में पूछे जाने वाले सवालों से अनजान नहीं होंगी तथा पूरे कांफिडैंस के साथ उन सवालों का जवाब दे पाएंगी।
पहली जॉब जल्दी न बदलें
इस बात का ध्यान रखें कि यदि यह आपकी पहली जॉब है और आपको वहां एडजस्ट करने में थोड़ी दिक्कत महसूस हो रही है, तो भी स्वयं को वहां के माहौल के अनुसार ढालने का प्रयास करें। जाहिर-सी बात है कि पहली जॉब में आपको थोड़ी-बहुत असुविधा तो होगी ही और ऐसे में अपना संयम खो कर, यदि आप कुछ ही महीने में नई जॉब ढूंढना आरंभ कर देंगी, तो आपको अपने प्रोफाइल में यह दिखाना होगा कि आपने पहली नौकरी कुछ ही महीनों में छोड़ दी थी, जिसका नकारात्मक असर होगा। आप उस जॉब को प्रोफाइल से हटाएंगी, तो फिर से फ्रैशर की कैटेगरी में आने से आपको नई जॉब मिलने में दिक्कत आएगी। अत: छोटी-छोटी असुविधाओं के कारण अपनी जॉब छोड़ेने का निर्णय कभी न लें।
रिटर्न नहीं, तभी सोचें
आप जिस लगन और मेहनत से अपनी वर्तमान जॉब एवं काम की जिम्मेदारियों को निभा रही हैं, यदि उसके अनुसार आपको कम्पनी से काफी समय से कोई रिटर्न नहीं मिल रहा है, तभी अपनी पुरानी जॉब बदलने के बारे में सोचें।
नई जॉब ढूंढने से पहले
यदि आपने जॉब बदलने का मन बना ही लिया हो, तो सबसे पहले अपने प्रोफाइल को बेहतरीन ढंग से तैयार करें, ताकि जब आप किसी नई कम्पनी में अप्लाई करें, तो आपका प्रोफाइल आपका इम्प्रैशन कायम कर सके। अपनी सारी काबिलियत एवं अनुभव इसमें शामिल करें। यदि संभव हो तो मल्टीटॉस्किंग एटीच्यूड डिवैल्प करने के साथ एक-दो क्षेत्रों में अपनी स्पैशलाइजेशन भी साबित करें, ताकि आपकी सिलैक्शन उस कम्पनी में सुनिश्चित हो सके।
होमवर्क कर के जाएं
जिस नई कम्पनी में आप जॉब के लिए अप्लाई कर रही हैं, उसके बारे में कम्प्लीट होमवर्क कर लें कि वह कम्पनी क्या-क्या करती है, उसके बनाए प्रोडक्ट्स की विशेषताएं क्या हैं या फिर किन क्षेत्रों में कम्पनी का विस्तार हो रहा है। इससे आप इंटरव्यू में कम्पनी के बारे में पूछे जाने वाले सवालों से अनजान नहीं होंगी तथा पूरे कांफिडैंस के साथ उन सवालों का जवाब दे पाएंगी।