अब
अपने नेतृत्व के स्वप्र को स्पष्ट करने का समय आ गया है। इसके लिए आपको
अपने जीवन मूल्यों और भावी लक्ष्यों की दोबारा जांच-परख करने की आवश्यकता
है। अपने जीवन की चार-पांच सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं को पहचानने से शुरूआत
करें-
ऐसे लम्हे, जिन्होंने आपके वर्तमान स्वरूप को आकार दिया। हर घटना के संदर्भ में यह बताएं कि उसने आपके जीवन मूल्यों को कैसे परिभाषित किया। फिर अपने आदर्श व्यक्तिगत नेतृत्व का काल्पनिक कथन तैयार करें यानी भविष्य की ऐसी स्पष्ट तस्वीर, जिसे साकार किया जा सकता हो। विस्तार से बताएं कि आप किस प्रकार के लीडर बनना चाहते हैं और आज से 2025 के बीच संसार को कौन-कौन से प्रमुख योगदान देना चाहते हैं। सन् 2025 में आप क्या कर रहे होंगे और किस प्रकार का प्रभाव डाल रहे होंगे?
सीखने की इच्छा बढ़ाएं
सीखने की राह में अपने अहं को बाधक न बनने दें। सफल नेतृत्व करने वाले नई चीजों के प्रति दिमाग खुला रखते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि उनकी महारत का स्तर चाहे कितना ही ऊंचा हो, नई खोज की संभावनाएं हमेशा बनी रहती हैं। यदि आप किसी एक क्षेत्र में विशेषज्ञ बन चुके हैं, तो दूसरे क्षेत्र तलाशें, जिनमें आप अपनी विशेषज्ञता को हस्तांतरित कर सकें और उसका इस्तेमाल कर सकें। चुनौतियां सामने आने पर, भले ही आप कई बार पहले भी उनका सामना कर चुके हों, कुछ नया सीखने की नीति अपनाएं-सवाल पूछें या समस्या सुलझाने के नए तरीके खोजें।
ऐसे लम्हे, जिन्होंने आपके वर्तमान स्वरूप को आकार दिया। हर घटना के संदर्भ में यह बताएं कि उसने आपके जीवन मूल्यों को कैसे परिभाषित किया। फिर अपने आदर्श व्यक्तिगत नेतृत्व का काल्पनिक कथन तैयार करें यानी भविष्य की ऐसी स्पष्ट तस्वीर, जिसे साकार किया जा सकता हो। विस्तार से बताएं कि आप किस प्रकार के लीडर बनना चाहते हैं और आज से 2025 के बीच संसार को कौन-कौन से प्रमुख योगदान देना चाहते हैं। सन् 2025 में आप क्या कर रहे होंगे और किस प्रकार का प्रभाव डाल रहे होंगे?
सीखने की इच्छा बढ़ाएं
सीखने की राह में अपने अहं को बाधक न बनने दें। सफल नेतृत्व करने वाले नई चीजों के प्रति दिमाग खुला रखते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि उनकी महारत का स्तर चाहे कितना ही ऊंचा हो, नई खोज की संभावनाएं हमेशा बनी रहती हैं। यदि आप किसी एक क्षेत्र में विशेषज्ञ बन चुके हैं, तो दूसरे क्षेत्र तलाशें, जिनमें आप अपनी विशेषज्ञता को हस्तांतरित कर सकें और उसका इस्तेमाल कर सकें। चुनौतियां सामने आने पर, भले ही आप कई बार पहले भी उनका सामना कर चुके हों, कुछ नया सीखने की नीति अपनाएं-सवाल पूछें या समस्या सुलझाने के नए तरीके खोजें।