कामकाज
के दौरान हमारा बहुत-सा समय और ऊर्जा इस कोशिश में खर्च हो जाती है कि हम
असफल न हो जाएं। बहरहाल, बहुत से लोग बताते हैं कि उनकी असफलताएं सीखने और
विकास करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं इसलिए विकास की मानसिकता
अपनाएं और यह मानकर चलें कि असफलता योग्यता के विकास की प्रकिया का ही एक
हिस्सा है।
विकास की मानसिकता वाले लोग खुद को सिर्फ तभी योग्य महसूस नहीं करते हैं जब वे सफल हो रहे होते हैं, बल्कि तब भी महसूस करते हैं जब वे सीख रहे होते हैं इसलिए खुद को सिर्फ उन्हीं कामों तक सीमित न रखें जिन्हें आप आसानी से कर सकते हैं-इस तरह आप विकास नहीं कर पाएंगे।
इसके बजाय अपनी योग्यता से ऊपर के कार्य करने की कोशिश करें। ऐसे ऊंचे लक्ष्य तय करें, जिनके बारे में आपको पक्का विश्वास न हो कि आप उन तक पहुंच सकते हैं। हो सकता है कि आप सफल होकर खुद को हैरान कर दें। यदि ऐसा न हो तब भी आप कोई नई चीज तो सीख ही लेंगे।
विकास की मानसिकता वाले लोग खुद को सिर्फ तभी योग्य महसूस नहीं करते हैं जब वे सफल हो रहे होते हैं, बल्कि तब भी महसूस करते हैं जब वे सीख रहे होते हैं इसलिए खुद को सिर्फ उन्हीं कामों तक सीमित न रखें जिन्हें आप आसानी से कर सकते हैं-इस तरह आप विकास नहीं कर पाएंगे।
इसके बजाय अपनी योग्यता से ऊपर के कार्य करने की कोशिश करें। ऐसे ऊंचे लक्ष्य तय करें, जिनके बारे में आपको पक्का विश्वास न हो कि आप उन तक पहुंच सकते हैं। हो सकता है कि आप सफल होकर खुद को हैरान कर दें। यदि ऐसा न हो तब भी आप कोई नई चीज तो सीख ही लेंगे।