खिलौने बच्चों को बेहद प्यारे होते हैं। मॉडर्न एज में खिलौनों की हजारों वैराइटीज हैं। ये बच्चों को बहलाते तो हैं, उन्हें बहुत कुछ सिखाने के भी काम आते हैं। प्ले स्कूल ईरा में आज सिर्फखेलने के लिए ही नहीं, बल्कि पढाई के लिए भी टॉयज की जरूरत है। यही कारण है कि देश और दुनिया में खिलौनों का बहुत बडा बाजार है। विशेषज्ञों के अनुसार टॉय इंडस्ट्री में सालाना 10 से 15 परसेंट ग्रोथ रेट है। भारतीय टॉय मार्केट तेजी से बढ रही है। जिस तरह से इस क्षेत्र में प्रोफेशनल्स आ रहे हैं, कहा जा सकता है कि आने वाले दिनों में इस इंडस्ट्री में युवाओं के लिए जॉब के काफी अवसर उपलब्ध होंगे।
ब्राइट करियर
अगर क्रिएटिव हैं और बच्चों के लिए टॉयज डिजाइन करने में मजा आता है, तो आप करियर के लिए इस फील्ड को सलेक्ट कर सकते हैं। इस फील्ड में नया ट्रेंड साइंटिफिक मेथड से टॉयज डिजाइनिंग का है। प्रोफेशनल बनकर इस फील्ड में अपना करियर बनाने के लिए आज कई इंस्टीट्यूट्स संबंधित कोर्स उपलब्ध करा रहे हैं।
कोर्सेज
टॉय डिजाइनिंग में 4-6 माह के बेसिक ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट प्रोग्राम से लेकर ढाई साल के डिप्लोमा कोर्स तक उपलब्ध हैं। आप अपनी रुचि के अनुसार कोर्स कर सकते हैं। इन कोर्सेज में प्लास्टिक और विभिन्न प्रकार के मेटल्स के साथ टॉय डिजाइन करने की कला सिखाई जाती है।
जरूरी स्किल्स
क्रिएटिविटी के अलावा ड्राइंग, स्केचिंग, कंप्यूटर नॉलेज आदि में दक्ष होना भी जरूरी है। खिलौने बच्चों के लिए डिजाइन किए जाते हैं, इसलिए उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं और केमिकल्स के सुरक्षित होने का भी ध्यान रखना जरूरी होता है।
इंस्टीट्यूट्स
-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद
-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन एंड डेवलपमेंट, विकास मार्ग, दिल्ली
-इंस्टीट्यूट ऑफ टॉय मेकिंग टेक्नोलॉजी, सॉल्ट लेक सिटी, कोलकाता
एक्सपर्ट बाइट
कोई भी क्षेत्र डेवलप तभी हो सकता है, जब इसमें काफी संख्या में ट्रेंड प्रोफेशनल्स आएंगे। यंग प्रोफेशनल्स आने से भारत में टॉय मेकिंग इंडस्ट्री तेजी से बढ रही है। अगर कुछ नया करने का जुनून, क्रिएटिविटी, रुचि और बच्चों की मानसिकता समझने की क्षमता है, तो इसमें करियर बना सकते हैं। आज से दस वर्ष पहले सिर्फ फॉरेन कंट्री में ही अवसर थे, लेकिन आज भारत में अवसरों का पिटारा है। आज टॉय इंडस्ट्री के अलावा एनजीओ में भी करियर के कई ऑप्शन हैं।
प्रो. सुदर्शन खन्ना, डिजाइन एजुकेटर, एक्स चेयरमैन ऑफ एनआईडी (एजुकेशन एंड रिसर्च)