समाज में महिलाओं की स्थिति सुधारने में केन्द्र तथा राज्य सरकारों के संगठित प्रयासों के बावजूद भी महिलाएं अभी बहुत से क्षेत्रों में पिछड़ी हुई है भारतीय समाज में अधिकांश वर्ग की महिलाओं की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है सिवाय इसके कि उनके लिए स्वतंत्र रोजगार के अवसरों को प्रदान किया गया है। स्कूल, कॉलेजों में पढ़ाई पूरी कर निकलने वाली महिलाओं को आत्म सात कर लेना चाहिए कि कोई भी कार्य चाहे वह जरूरत पडऩे पर ही क्यों न किया जावे न केवल रोटी कमाने का जरिया है बल्कि अपनी अलग पहिचान बनाने के लिये भी काम करना जरूरी है।
चुने हुए कैरियर
फैशन डिजाइनर
फैशन डिजाइनर पुरुषों महिलाओं और बच्चों के परिधानों के मौलिक डिजाइन बनाते है इस हेतु नवीनतम प्रचलित फैशन की जानकारी होनी चाहिए। वस्त्रों और उसकी क्षमताओं की अच्छी जानकारी एक डिजाइन के कार्य का आधार होती है।
फैशन डिजाइन को वस्त्रों और वस्त्र के डिजाइन में प्रयुक्त तकनीकी का चाहे छापे के द्वारा हो अथवा रंगाई या बुनाई द्वारा हो अच्छा ज्ञान होना चाहिये।
पाठï्यक्रम
लगभग सभी बड़े शहरों में सैकड़ों ऐसे संस्थान हैं जो परिधान डिजाइन के लिये पाठï्यक्रम चलाते हैं।
सबसे पहले बम्बई में एस.एन.डी.टी. विश्वविद्यालय के पी.वी. पॉलीटेकनीक द्वारा महिलाओं के लिये परिधान सज्जा और फैशन समन्वय विभाग शुरू किये गये थे। इस डिप्लोमा पाठï्यक्रम में +2 उत्तीर्ण होना अनिवार्य है लगभग सभी महिला पॉलीटेकनीक में ये पाठï्यक्रम चलाये जा रहे हैं। इस क्षेत्र में सबसे प्रतिष्ठिïत संस्थान राष्टï्रीय फैशन प्रौद्योगिक संस्थान, इन्दिरा गांधी स्टेडियम इन्द्रप्रस्थ, नई दिल्ली है। यह महिला एवं पुरुषों को फैशन में व्यवसाय एवं इससे संंभावित क्षेत्रों के लिये तैयार करता है। इसका सम्बन्ध प्रतिष्ठिïत फैशन प्रौद्योगिक संस्थान अमेरिका से है।
द्विवर्षीय फैशन डिजाइन डिप्लोमा :- फैशन डिजाइन में ही दो वर्ष का फैशन डिजाइनिंग डिप्लोमा कोर्स ऐसे सृजनात्मक योग्यता रखने वाले जिनके पास स्नातक योग्यता 50' अंकों से उत्तीर्ण को ही दिल्ली, बम्बई, मद्रास और कलकत्ता में एक साथ आयोजित प्रवेश परीक्षा के अध्ययन से प्रवेश पा सकते हैं।
वस्त्र उद्योग
यह पाठï्यक्रम इंजीनियरिंग उपाधि प्राप्त (मशीनरी/वस्त्र उद्योग) अथवा 50' न्यूनतम अंक प्राप्त विज्ञान स्नातकों के लिये है। इसमें वे लोग भी आवेदन कर सकते हैं जिनके पास-
10+2 के उपरान्त कम से कम तीन वर्ष का वस्त्र प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा है और ऐसे व्यक्ति जिन्होंने मशीन आपरेटर, फोरमेन सहायक, उत्पादक प्रबन्धक आदि के रूप में किसी वस्त्र निर्माण संस्थान में तीन वर्ष के अनुभवी हों। प्रवेश विज्ञापन राष्टï्रीय प्रेस से निकलते हैं इसमें विद्यार्थियों को छात्रावास तक की सुविधाएं प्राप्त हैं।
विमान परिचारिका
विमान परिचारिकाओं का मुख्य कार्य यात्रियों की सुविधा हेतु उनकी देखभाल करना तथा सूचना सहायता प्रदान करना है। उड़ान के दौरान सुरक्षा सम्बन्धी सूचनाएं तथा यात्रियों को पठन योग्य सामग्री उपलब्ध कराना है। इनको आहार तथा जल-पान भी परोसना पड़ता है। 19 से 25 वर्ष की आयु सीमा की 10+2 उत्तीर्ण और होटल प्रबन्ध एवं खान-पान प्रबन्ध में तीन वर्षीय डिप्लोमा प्राप्त महिला इसके लिए पात्र हैं। इस पद के लिये कद 154.5 से.मी. और वजन 43.55 से 59 किलोग्राम कद के अनुपात में अत्यावश्यक है साथ ही आकर्षक व्यक्तित्व, वाणी माधुर्य, रंग साफ, स्वच्छ व सुन्दर दांत होना तथा सामान्य नेत्र दृष्टिï (बिना चश्मे के), अविवाहित युवतियों के लिए है। जिसमें विदेशी भाषा के ज्ञान वालों को वरीयता प्रदान की जाती है। इनकी नियुक्ति विज्ञापन के माध्यम से की जाती है।
गृह विज्ञान के साथ कैरियर
गृह विज्ञान का अध्ययन स्कूल से लेकर स्नातक स्तर तक कला एवं विज्ञान के विद्यार्थियों के लिये उपलब्ध है। इस विषय में अनेक विश्वविद्यालय विज्ञान में तथा कुछ विश्वविद्यालय कला में डिग्री प्रदान करते हैं।
गृह विज्ञान के क्षेत्र में अपना भविष्य तलाश करने वालों को 10वीं कक्षा से ही अधिक अंक प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिये तथा इस क्षेत्र में अपना कैरियर चुनने हेतु किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से डिग्री व डिप्लोमा प्राप्त करें। गृह विज्ञान में बी.एस.सी. या बी.ए. के अतिरिक्त 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद व्यावसायिक या गैर विश्वविद्यालयी पाठï्यक्रम आते हैं। इनमें गृह सज्जा, प्रदर्शनी व प्रदर्शन कला, वस्त्र रूपांकन या टैक्सटाइल डिजाइनिंग, ब्यूटी कल्चर, हाउसकीपिंग, ड्रेस डिजाइनिंग, केयर टेकिंग शामिल है। यहां यह भी ध्यान रखें कि बी.एस.सी. गृह विज्ञान का कोर्स सभी विश्वविद्यालयों में उपलब्ध नहीं है।
रोजगार की संभावनाएं
गृह विज्ञान के क्षेत्र में जितने पाठï्यक्रम और अध्ययन की व्यापकता है उतने ही अधिक अवसर रोजगार एवं स्व-रोजगार के भी हैं। बड़े पांच सितारी होटलों, संस्थानों, रेलवे, शिपिंग कम्पनियों, विभिन्न सेवाओं, औद्योगिक भोजन गृहों, वस्त्र सज्जा, फैशन आहार-विज्ञान, कला सज्जा आदि में वैतनिक तथा स्व-रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं।
माडलिंग
आधुनिक युग में महिलाओं के लिये माडलिंग व्यवसाय भी आकर्षण का केन्द्र बनता जा रहा है किसी भी वस्तु की बिक्री उसकी पब्लिसिटी पर निर्भर हो गई है प्रतिस्पर्धा के इस युग में विज्ञापन के सहारे ही बाजार में वस्तुओं को बेचा जा रहा है। ऐसे में महिलाओं को उनके फोटोग्राफी और फिल्म में विज्ञापन के लिये काम करना पड़ता है और इस दौरान उन्हें स्टूडियोज में और आउटडोर शूटिंग के लिये जाना पड़ता है।
प्रशिक्षण
इस व्यवसाय में जाने वाली इच्छुक महिलाओं के लिए सुन्दर एवं आकर्षक व्यक्तित्व, खूबसूरत चेहरे की बनावट, लम्बाई एवं वजन का सही अनुपात तथा बौद्धिक क्षमता एवं आत्मविश्वास का होना आवश्यक है। इस व्यवसाय में प्रवेश हेतु किसी औपचारिक प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं किन्तु फिर भी कुछ संस्थाएं इच्छुक महिलाओं की सहायता करती हैं।
1. ग्रामिंग स्कूल (महिलाओं के लिये)
इन स्कूलों में मेकअप का सही ज्ञान, चलने फिरने की कला तथा आप अपना शारीरिक सुन्दरता कैसे बनाये सिखाया जाता है 'आर्चिड बाम्बेÓ इस प्रकार के प्रमुख स्कूलों में एक है।
2. नेशनल इंस्टीटï्यूट ऑफ फिल्म टेलीविजन एंड थियेटर
बोम्बे में एक माह के प्रशिक्षण से माडलिंग व्यवसाय हेतु तैयारी करायी जाती है दिल्ली तथा बड़े शहरों में भी इस प्रकार के कुल स्कूल प्रशिक्षण प्रदान करते हैं।
आप मॉडल कैसे बने
यदि आप मॉडल बनना चाहते हैं तो आप को अपने सुन्दर एवं आकर्षक विभिन्न पोजेज में फोटोग्राफ तैयार कराने होंगे। जिसमें आप तरह तरह की वेशभूषा परिधान पहनेंगे साथ ही अपनी ऊंचाई, वजन, योग्यता आदि वर्णन सहित पोर्टफोलियो तैयार कर अनेक विज्ञापन एजेन्सियों के पास भेजें उनमें से कुछ स्वीकार करेगी और कुछ नहीं।
कुछ और चुनिंदा व्यवसाय
महिलाओं के लिये कुछ ऐसे चुनिंदा व्यवसाय के क्षेत्र और भी उपलब्ध हैं जिनमें से अपनी औपचारिक या अनौपचारिक शिक्षा ग्रहण कर वेतनीक या स्व-रोजगार के क्षेत्र में प्रवेश पा सकती हैं। इनमें प्रमुख है होटल एवं खान पान उद्योग, बैंक उद्योग, उपचारिका (नर्स), चिकित्सा प्रयोगशाला तकनीशियन, फिजियो थैरपिस्ट व्यवसायिक चिकित्सक, पुलिस सेवाएं, व्यावसायिक प्रबन्ध, कम्प्यूटर व्यवसाय आदि अनेक ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें महिलाओं के लिये रोजगार की पर्याप्त संभावनाएं हैं। अनेक महिलाएं टूरिस्ट गाइड, डेकोरेटर, मंच कलाकार, वाणिज्यिक कलाकार, ब्यूटीशियन, सामाजिक कार्यकर्ता, पायलट, फोटोग्राफर, प्रेस रिपोर्टर, कम्पनी सेक्रेटरी के रूप में भी कार्य कर सकती हैं।
चुने हुए कैरियर
फैशन डिजाइनर
फैशन डिजाइनर पुरुषों महिलाओं और बच्चों के परिधानों के मौलिक डिजाइन बनाते है इस हेतु नवीनतम प्रचलित फैशन की जानकारी होनी चाहिए। वस्त्रों और उसकी क्षमताओं की अच्छी जानकारी एक डिजाइन के कार्य का आधार होती है।
फैशन डिजाइन को वस्त्रों और वस्त्र के डिजाइन में प्रयुक्त तकनीकी का चाहे छापे के द्वारा हो अथवा रंगाई या बुनाई द्वारा हो अच्छा ज्ञान होना चाहिये।
पाठï्यक्रम
लगभग सभी बड़े शहरों में सैकड़ों ऐसे संस्थान हैं जो परिधान डिजाइन के लिये पाठï्यक्रम चलाते हैं।
सबसे पहले बम्बई में एस.एन.डी.टी. विश्वविद्यालय के पी.वी. पॉलीटेकनीक द्वारा महिलाओं के लिये परिधान सज्जा और फैशन समन्वय विभाग शुरू किये गये थे। इस डिप्लोमा पाठï्यक्रम में +2 उत्तीर्ण होना अनिवार्य है लगभग सभी महिला पॉलीटेकनीक में ये पाठï्यक्रम चलाये जा रहे हैं। इस क्षेत्र में सबसे प्रतिष्ठिïत संस्थान राष्टï्रीय फैशन प्रौद्योगिक संस्थान, इन्दिरा गांधी स्टेडियम इन्द्रप्रस्थ, नई दिल्ली है। यह महिला एवं पुरुषों को फैशन में व्यवसाय एवं इससे संंभावित क्षेत्रों के लिये तैयार करता है। इसका सम्बन्ध प्रतिष्ठिïत फैशन प्रौद्योगिक संस्थान अमेरिका से है।
द्विवर्षीय फैशन डिजाइन डिप्लोमा :- फैशन डिजाइन में ही दो वर्ष का फैशन डिजाइनिंग डिप्लोमा कोर्स ऐसे सृजनात्मक योग्यता रखने वाले जिनके पास स्नातक योग्यता 50' अंकों से उत्तीर्ण को ही दिल्ली, बम्बई, मद्रास और कलकत्ता में एक साथ आयोजित प्रवेश परीक्षा के अध्ययन से प्रवेश पा सकते हैं।
वस्त्र उद्योग
यह पाठï्यक्रम इंजीनियरिंग उपाधि प्राप्त (मशीनरी/वस्त्र उद्योग) अथवा 50' न्यूनतम अंक प्राप्त विज्ञान स्नातकों के लिये है। इसमें वे लोग भी आवेदन कर सकते हैं जिनके पास-
10+2 के उपरान्त कम से कम तीन वर्ष का वस्त्र प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा है और ऐसे व्यक्ति जिन्होंने मशीन आपरेटर, फोरमेन सहायक, उत्पादक प्रबन्धक आदि के रूप में किसी वस्त्र निर्माण संस्थान में तीन वर्ष के अनुभवी हों। प्रवेश विज्ञापन राष्टï्रीय प्रेस से निकलते हैं इसमें विद्यार्थियों को छात्रावास तक की सुविधाएं प्राप्त हैं।
विमान परिचारिका
विमान परिचारिकाओं का मुख्य कार्य यात्रियों की सुविधा हेतु उनकी देखभाल करना तथा सूचना सहायता प्रदान करना है। उड़ान के दौरान सुरक्षा सम्बन्धी सूचनाएं तथा यात्रियों को पठन योग्य सामग्री उपलब्ध कराना है। इनको आहार तथा जल-पान भी परोसना पड़ता है। 19 से 25 वर्ष की आयु सीमा की 10+2 उत्तीर्ण और होटल प्रबन्ध एवं खान-पान प्रबन्ध में तीन वर्षीय डिप्लोमा प्राप्त महिला इसके लिए पात्र हैं। इस पद के लिये कद 154.5 से.मी. और वजन 43.55 से 59 किलोग्राम कद के अनुपात में अत्यावश्यक है साथ ही आकर्षक व्यक्तित्व, वाणी माधुर्य, रंग साफ, स्वच्छ व सुन्दर दांत होना तथा सामान्य नेत्र दृष्टिï (बिना चश्मे के), अविवाहित युवतियों के लिए है। जिसमें विदेशी भाषा के ज्ञान वालों को वरीयता प्रदान की जाती है। इनकी नियुक्ति विज्ञापन के माध्यम से की जाती है।
गृह विज्ञान के साथ कैरियर
गृह विज्ञान का अध्ययन स्कूल से लेकर स्नातक स्तर तक कला एवं विज्ञान के विद्यार्थियों के लिये उपलब्ध है। इस विषय में अनेक विश्वविद्यालय विज्ञान में तथा कुछ विश्वविद्यालय कला में डिग्री प्रदान करते हैं।
गृह विज्ञान के क्षेत्र में अपना भविष्य तलाश करने वालों को 10वीं कक्षा से ही अधिक अंक प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिये तथा इस क्षेत्र में अपना कैरियर चुनने हेतु किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से डिग्री व डिप्लोमा प्राप्त करें। गृह विज्ञान में बी.एस.सी. या बी.ए. के अतिरिक्त 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद व्यावसायिक या गैर विश्वविद्यालयी पाठï्यक्रम आते हैं। इनमें गृह सज्जा, प्रदर्शनी व प्रदर्शन कला, वस्त्र रूपांकन या टैक्सटाइल डिजाइनिंग, ब्यूटी कल्चर, हाउसकीपिंग, ड्रेस डिजाइनिंग, केयर टेकिंग शामिल है। यहां यह भी ध्यान रखें कि बी.एस.सी. गृह विज्ञान का कोर्स सभी विश्वविद्यालयों में उपलब्ध नहीं है।
रोजगार की संभावनाएं
गृह विज्ञान के क्षेत्र में जितने पाठï्यक्रम और अध्ययन की व्यापकता है उतने ही अधिक अवसर रोजगार एवं स्व-रोजगार के भी हैं। बड़े पांच सितारी होटलों, संस्थानों, रेलवे, शिपिंग कम्पनियों, विभिन्न सेवाओं, औद्योगिक भोजन गृहों, वस्त्र सज्जा, फैशन आहार-विज्ञान, कला सज्जा आदि में वैतनिक तथा स्व-रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं।
माडलिंग
आधुनिक युग में महिलाओं के लिये माडलिंग व्यवसाय भी आकर्षण का केन्द्र बनता जा रहा है किसी भी वस्तु की बिक्री उसकी पब्लिसिटी पर निर्भर हो गई है प्रतिस्पर्धा के इस युग में विज्ञापन के सहारे ही बाजार में वस्तुओं को बेचा जा रहा है। ऐसे में महिलाओं को उनके फोटोग्राफी और फिल्म में विज्ञापन के लिये काम करना पड़ता है और इस दौरान उन्हें स्टूडियोज में और आउटडोर शूटिंग के लिये जाना पड़ता है।
प्रशिक्षण
इस व्यवसाय में जाने वाली इच्छुक महिलाओं के लिए सुन्दर एवं आकर्षक व्यक्तित्व, खूबसूरत चेहरे की बनावट, लम्बाई एवं वजन का सही अनुपात तथा बौद्धिक क्षमता एवं आत्मविश्वास का होना आवश्यक है। इस व्यवसाय में प्रवेश हेतु किसी औपचारिक प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं किन्तु फिर भी कुछ संस्थाएं इच्छुक महिलाओं की सहायता करती हैं।
1. ग्रामिंग स्कूल (महिलाओं के लिये)
इन स्कूलों में मेकअप का सही ज्ञान, चलने फिरने की कला तथा आप अपना शारीरिक सुन्दरता कैसे बनाये सिखाया जाता है 'आर्चिड बाम्बेÓ इस प्रकार के प्रमुख स्कूलों में एक है।
2. नेशनल इंस्टीटï्यूट ऑफ फिल्म टेलीविजन एंड थियेटर
बोम्बे में एक माह के प्रशिक्षण से माडलिंग व्यवसाय हेतु तैयारी करायी जाती है दिल्ली तथा बड़े शहरों में भी इस प्रकार के कुल स्कूल प्रशिक्षण प्रदान करते हैं।
आप मॉडल कैसे बने
यदि आप मॉडल बनना चाहते हैं तो आप को अपने सुन्दर एवं आकर्षक विभिन्न पोजेज में फोटोग्राफ तैयार कराने होंगे। जिसमें आप तरह तरह की वेशभूषा परिधान पहनेंगे साथ ही अपनी ऊंचाई, वजन, योग्यता आदि वर्णन सहित पोर्टफोलियो तैयार कर अनेक विज्ञापन एजेन्सियों के पास भेजें उनमें से कुछ स्वीकार करेगी और कुछ नहीं।
कुछ और चुनिंदा व्यवसाय
महिलाओं के लिये कुछ ऐसे चुनिंदा व्यवसाय के क्षेत्र और भी उपलब्ध हैं जिनमें से अपनी औपचारिक या अनौपचारिक शिक्षा ग्रहण कर वेतनीक या स्व-रोजगार के क्षेत्र में प्रवेश पा सकती हैं। इनमें प्रमुख है होटल एवं खान पान उद्योग, बैंक उद्योग, उपचारिका (नर्स), चिकित्सा प्रयोगशाला तकनीशियन, फिजियो थैरपिस्ट व्यवसायिक चिकित्सक, पुलिस सेवाएं, व्यावसायिक प्रबन्ध, कम्प्यूटर व्यवसाय आदि अनेक ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें महिलाओं के लिये रोजगार की पर्याप्त संभावनाएं हैं। अनेक महिलाएं टूरिस्ट गाइड, डेकोरेटर, मंच कलाकार, वाणिज्यिक कलाकार, ब्यूटीशियन, सामाजिक कार्यकर्ता, पायलट, फोटोग्राफर, प्रेस रिपोर्टर, कम्पनी सेक्रेटरी के रूप में भी कार्य कर सकती हैं।