डेयरी टैक्नोलॉजी में भविष्य संवारे

डेयरी उद्योग में भविष्य संवारने के लिए डेयरी टैक्नोलॉजी में बी.टैक., बी.एससी., एम.टैक, एम.एससी. तथा पी.एचडी. आदि किया जा सकता है। बी.एससी. तीन वर्षीय, बी.टैक. चार वर्षीय तथा एम.एससी. दो-दो वर्षीय पाठ्यक्रम होते हैं।

बी.टैक. पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी को 10+2 परीक्षा विज्ञान विषयों (पी.सी.एम.) में 55 से 60 प्रतिशत अंकों सहित उत्तीर्ण होनी चाहिए। बी.एससी. के लिए 10+2 परीक्षा विज्ञान विषयों (पी.सी.बी.) के साथ उत्तीर्ण होनी चाहिए।

10वीं के उपरांत  सरकार द्वारा संचालित पॉलीटैक्निकल संस्थानों में डिप्लोमा किया जा सकता है। नैशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीच्यूट, करनाल (हरियाणा) प्रमुख संस्थान है जहां बी.टैक.,एम.टैक., एम.एससी. तथा पी.एचडी. की जा सकती है।  बी.टैक. डेयरी टैक्नोलॉजी पाठ्यक्रम के लिए अन्य संस्थान हैं-

- इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर,
- पश्चिम बंगाल यूनिवर्सिटी ऑफ एनीमल एंड फिशरीज साइंस, कोलकाता
- सेठ एम.सी. कालेज ऑफ डेयरी टैक्नोलॉजी, आनंद कैम्पस आनंद, गुजरात
- संजय गांधी इंस्टीच्यूट ऑफ डेयरी टैक्नोलॉजी, पटना
- उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद
- राजेन्द्र प्रसाद एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी समस्तीपुर बिहार
- आचार्य एन.जी. रंगा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, राजेन्द्र नगर, हैदराबाद आदि।

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