डिजाइनिंग की दुनिया में हैं कई मौके

डिजाइनिंग का क्षेत्र बहुत बड़ा है। फैशन डिजाइन, ज्यूलरी डिजाइन, ड्रैस डिजाइन आदि इत्यादि नए-नए फैशन के अनुसार कपड़े डिजाइन करने के अलावा एक्सैसरीज डिजाइनिंग भी इसी से मिलता-जुलता क्षेत्र है। एक एक्सैसरीज डिजाइनर परिधानों की धारणा से मेल खाती हुई एक्सैसरीज यानी उसका साजो-सामान डिजाइन कर उन्हें तैयार करता है।
एक्सैसरीज में टोपी, बैल्ट, घड़ी, स्कार्फ, नैकलेस और कान के झुमके तक शामिल होते हैं, लेकिन इसकी सीमा यहीं तक सीमित नहीं। दफ्तर, रसोईघर से जुड़े सामान और फर्नीचर को भी डिजाइन करना एक्सैसरीज डिजाइनिंग में शामिल है। जहां तक डिजाइन की बात है तो यहां रचनात्मकता की बहुत अहम भूमिका है। डिजाइनिंग के जरिए हम किसी को भी यह बता सकते हैं कि हम क्या सोचते और महसूस करते हैं इसीलिए एक डिजाइनर को काम की बारीकियों से अच्छी तरह परिचित होना चाहिए और उसमें अपने काम को बाखूबी प्रदर्शित करने व नए से नए कांसैप्ट तलाशने की योग्यता होनी चाहिए।
सबसे अहम बात यह है कि अगर आप में हुनर है तो इस पेशे में आपके सामने कोई सीमा नहीं है। इसलिए अगर आप सीखने को तैयार हैं और अपने हर प्रोजैक्ट के साथ कुछ न कुछ नया सीखने की चाह रखते हैं तो आपके लिए करियर के रूप में इससे बेहतर शायद ही और कोई विकल्प हो। चूंकि बाजारों में मौजूद सैंकड़ों ब्रांड्स और उनके उत्पाद ग्राहक को लुभाने की कोशिश में हैं, इसलिए बतौर एक्सैसरीज डिजाइनर आपको हमेशा कुछ नया और प्रयोगात्मक करते रहना होगा।
भारत का रिटेल सैक्टर, जो लगभग 450 करोड़ डालर का है, लगातार विकास कर रहा है और इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि देश में एक्सैसरीज डिजाइनर की मांग में भी वृद्धि होती रहेगी। इस क्षेत्र में कुछ साल के अनुभव के बाद काम का समय काफी अलग हो जाता है। मिसाल के तौर पर डिजाइनर के लिए दिन कुछ जल्दी खत्म हो सकता है, या काम के अनुसार कुछ ज्यादा घंटे काम करना पड़ सकता है।
वेतन अनुभवहीन ग्रैजुएट को 15 हजार से 40 हजार रुपए मासिक तक बतौर वेतन मिल सकता है। जैसे-जैसे आपका अनुभव बढ़ता चला जाता है, वेतन भी बढ़ता है। आपका वेतन किस कम्पनी में काम करते हैं और आपके डिजाइंस आपके क्लाइंट को कितने पसंद आते हैं। इस पर भी निर्भर करता है।
कैसे पहुंचे 12वीं कक्षा के बाद आप पाठ्यक्रम की बारीकियों और उद्योग जगत में काम के तरीके को समझने के लिए डिजाइनिंग में प्रोफैशनल कोर्स कर सकते हैं।
नफा-नुक्सान
- रचनात्मकता के लिहाज से बेहद संतुष्टि मिलती है।
- लोग आपके काम को पहचानते हैं।
- कार्पोरेट जगत के लोगों से लेकर कारीगरों तक के साथ काम करने का मौका मिलता है।
- कई बार आपके काम की मांग हो सकती है, जिसके चलते दिनचर्या अनिश्चित हो सकती है।
- हो सकता है कि आप जिस डिजाइन को रखना चाहते हैं, उसके लिए क्लाइंट को मनाने में वक्त लगे।
कौशल एवं योग्यताएं
- रचनात्मकता, कलात्मकता एवं दूसरों को आश्चर्यचकित या हैरान करने की कला।
- वैश्विक परिवेश को ध्यान में रखते हुए उनसे सीखने का हुनर।
- लोगों से जुडऩे और उनकी जरूरतों को समझने की क्षमता।
- किसी भी डिजाइनर में क्लाइंट के नजरिए से समझने की क्षमता।
डिजाइनिंग का कौशल
- अगर आप अपना डिजाइन स्टोर खोलना चाहते हैं तो आपको मार्कीटिंग व व्यवसाय का भी कौशल हो।
- लीक से हट कर सोचने की क्षमता।
- प्रयोगात्मक प्रोडक्ट डिजाइंस तैयार करने की क्षमता हो।
संस्थान एवं वैबसाइट्स
- नैशनल इंस्टीच्यूट आफ फैशन टैक्नोलाजी, नई दिल्ली
- नैशनल इंस्टीच्यूट आफ डिजाइन, अहमदाबाद
- कालेज आफ आर्ट, नई दिल्ली - पर्ल अकादमी आफ फैशन, नई दिल्ली

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