जिम्मेदारियों की साझा सफर- कंपनी सेक्रेटरी


मौजूदा दौर की मुक्त अर्थव्यवस्था में निजी क्षेत्र तेजी से विकास की यात्रा तय कर रहा है। कारपोरेट सेक्टर के प्रबंधन में कंपनी सेक्रेटरी की शिक्षा लेने के बाद कोई व्यक्ति आसानी से शीर्षस्थ अधिकारियों के समूह में शामिल हो सकता है। महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति से लेकर वित्तीय नीति निर्धारण तक में कंपनी सेक्रेटरी की भूमिका खासा महत्व रखती है।
पहले समय में जब कंपनी सेक्रेटरी का नाम सामने आता था तो एक ऐसे व्यक्ति की छवि आँखों के समक्ष घूम जाती थी जो इतने भरोसे का होता था कि उस पर आंखे मूंदकर विश्ïवास किया जा सकता था। मगर आज के बदले परिवेश में चीजों के अर्थ भी बदल गए हैं। आज इस पद पर कार्यरत व्यक्ति का व्यक्तित्व एक सेक्रेटरी भर का नहीं है अपिुतु वह क्षेत्र विशेष का विशेषज्ञ सचिव कहलाता है। आर्थिक उदारीकरण के मौजूदा दौर में कारपोरेट सेक्टर ने तो विकास व एपलब्धियों की लंबी यात्रा तय की ही, साथ ही औद्योगिक घरानों का भी पेशेवरपन अधिक मुखर होकर सामने आया। अत्यधिक व्यावसायिक की बढ़ती प्रवृत्ति ने कारपेरेट प्रबंधन के क्षेत्र में विशेषज्ञों की भारी खपत के लिए द्वार खोल दिए। इसी कारपोरेट मैनेजमेंट टीम का एक महत्वपूर्ण सदस्य आज 'कंपनी सेक्रेटरीÓ है। कंपनी के कुशल प्रबंधन, मुख्यत: कारपोरेट निकाय की उपलब्धियों व जिम्मेदारियों का काफी कुछ दारोमदार कंपनी सेक्रेटरी के कंधों पर ही होता है। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि पचास लाख से ज्यादा शेयर कैपिटलवाली किसी भी कंपनी के लिए कंपनी सेक्रेटरी की नियुक्ति अनिवार्य कर दी गई है।
सामान्यतया कंपनी सचिव का काम संगठन के आकार और कार्यपद्धति की प्रकृति पर भी निर्भर करता है। कंपनी में वह बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स तथा शेयरधारकों की बैठकें आहूत करता है। बैठक के लिए एजेंडा बनाने से लेकर सांख्यिकीय आंकड़े, पुराने रिकार्डों का ब्योरा, वित्तीय, वैधानिक व तकनीकी सूचनाओं को व्यवस्थित करने का काम कंपनी सचिव के जिम्मे होता है। संस्था की शीर्षस्थ बैठकों में उसके परामर्श को तरजीह दी जाती है, अमूमन कानूनी व व्यावसायिक प्रकरणों पर उसकी प्रतिक्रिया को स्वीकृत किया जाता है। शेयर होल्डर्स का रिकॉर्ड रखना तथा लाभंश (डिविडेंड) के भुगतान को व्यवस्थित करना भी उसी का कार्य है। कंपनी के लिए नए निवेश से संबंधित निर्णयों तथा महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति की जिम्मेदारी भी कंपनी सचिव की ही होती है। मोटेतौर पर कंपनी सेक्रेटरी निदेशक मंडल तथा शेयरधारकों के मध्य एक सेतु का काम करता है।
यदि कंपनी का कोई नया प्रोजेक्ट शुरू होने को है तो उसके और सरकार के मध्य तमाम औपचारिकताओं की प्रतिपूर्ति की जिम्मेदारी भी कंपनी सचिव ही निभाता है। वह इस हेतु सरकार से अनुमति प्रदान करता है। यही नहीं संस्थागत निवेश जुटाना, फेमा के अंतर्गत विदेशी के मामलों का निस्तारण तथा कंपनी के विलयन तथा पुनर्गठन सरीखे मामलात में कंपनी सचिव के फैसले अच्छी-खासी अहमियत रखते हैं। कंपनी सचिव अप्रत्यक्ष रूप से कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि हैसियत रखता है और  प्रतिनिधि की हैसियत रखता है और संस्थागत दस्तावेजों को हस्ताक्षरित तथा प्रमाणित करने का उसे पूरा अधिकार होता है। कंपनी सचिव कंपनी एक्ट 1956 के अधीन प्रबंधन, वैधानिक और अधिकारिक कार्रवाई के मसलों पर मुख्य परामर्शदाता का वजूद रखता है। यही नहीं वह स्टॉक ब्रोकर, शेयर हस्तांतरण एजेंट तथा ऑडिटर के रूप में भी काम करता है।
कंपनी सचिव के लिए आज देशभर में विभिन्न शैक्षिक व निजी संस्थान पाठ्ïयक्रम संचालित कर रहें हैं। प्रशिक्षित कंपनी सेक्रेटरी 50 लाख या अधिक शेयर कैपिटलवाली कंपनी में स्थायी कर्मचारी के रूप में नौकरी पा सकते हैं। यही नहीं प्रशिक्षण केे उपरांत ऐसे युवक-युवती उच्च सरकारी पदों, राज्य सरकार में वित्तीय संस्थानों तथा स्टॉक एक्सचेंज में भी काम पा सकते हैं। भारत सरकार के कंपनी विषयक प्रकोष्ठï की विधायी लेखा शाखा में ग्रेड (प्रथम) से ग्रेड (चतुर्थ) तक कंपनी सेक्रेटरी चयनित किए जाते हैं।
वित्त, विधि, लेखा और राष्टï्रीकृत बैंकों की मचेँंट बैकिंग में विशेषज्ञ कंपनी सचिवों की नियुक्ति की जाती है। अनेक लोग विश्ïवविद्यालयों में लेक्चर बन सकते हैं। वरिष्ठï कंपनी सेक्रेटरी किसी भी संगठन के उच्च स्तरीय निकाय या मैनेजमेंट बोर्ड में जगह पा सकते हैं। अनेक लागों को कार्यानुभव व योग्यता के आधार पर प्रतिष्ठिïत कंपनियों में अध्यक्ष, निदेशक और प्रबंध निदेशक भी बनते देखा गया है। कंपनी सचिव बनने के लिए पहली शर्त होती है-इंस्टीट्ïयूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया की सदस्यता हासिल करना। यह स्ंस्थान नई दिल्ली में स्थित है, जहां निश्चित परीक्षाएं उत्तीर्ण करने के बाद सदस्यता अर्जित की जाती है।
दि इंस्टीट्ïयूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया की स्थापना कंपनी सेक्रेटरीज एक्ट 1980 के अंतर्गत की गई है। समूचे भारतवर्ष में यही एक व्यावसायिक संस्था है जो कंपनी सेक्रेटरीज के व्यवसाय को संचालित एवं नियंत्रित करती है। यह संस्था योग्य सदस्यों को प्रमाणपत्र प्रदान करती है। सस्थान के चार क्षेत्रीय कार्यालय भी हैं, जो मुंबई, दिल्ली, कलकत्ता और चेन्नई में हैं। इसके अतिरिक्त देशभर में संस्थान के 52 चैप्टर (शाखाएं) भी हैं। संस्थान आमतौर पर त्रिस्तरीय परीक्षाएं आयोजित करता है, जिसमें फाउंडेशन कोर्स इंटरमीडिएट और फाइनल हैं।
10+2 की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद कोई भी युवक-युवती नामांकित होने की पात्रता रखता है। फाइन आर्ट के अतिरिक्त किसी संकाय अथवा वाणिज्य में स्नातक अथवा स्नातकोत्तर प्रत्याशी सीधे इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकने के अधिकारी होते हैं। यही नही इंस्टीट्ïयूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्ïस ऑफ इंडिया तथा इंस्टीट्ïयूट ऑफ कॉस्ट्ïस एंड वक्र्स एकाउंटस ऑफ इंडिया की फाइनल परीक्षा देनेवाली प्रत्याशी भी सीधे इंटरमीडिएट की परीक्षा दे सकते हैं।
फाउंडेशन  परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए जो प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाता है, वह पोस्टल ट्ïयूशन की भांति होता है। यहां प्रवेश के समय ही छात्रों को प्रत्येक विषय में आवश्यक पढ़ाई से संबंधित विवरण उपलब्ध करा दिया जाता है। फाउंडेशन कार्स के विषय निम्रानुसार होते हैं:
1. बिजिनेस कम्युनिकेशन
2. बिजिनेस लॉ एंड मैनेजमेंट
3. पिं्रसिपल ऑफ एकाउंटेंसी
4. इकोनोमिक्स एंड स्टैटिस्टिक्स
फाउंडेशन कार्स में प्रवेश के लिए एवऊ.सी. वन आवेदन-पत्र भरना होता है, जिसे संस्थान के मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय तथा चैप्टर कार्यालयों से प्राप्त किया जा सकता है। फाउंडेशन कार्स के लिए वर्षपर्यन्त प्रवेश की प्रक्रिया चलती रहती है। जिन विद्यार्थियों के नाम मार्च तक रजिस्टर्ड हो जाते हैं, वे दिसंबर में आयोजित होनेवाली परीक्षा में भाबग ले सकते हैं। इसी प्रकार जिनका पंजीकरण सितंबर माह तक हो जाता है, वे अगले वर्ष के जून माह में आयोजित परीक्षा में भाग ले सकते हैं। इस परीक्षा के लिए कोचिंग की भी व्यवस्था है। यह कोचिंग इसी संस्थान के मुख्यालय द्वारा पोस्टल ट्ïयूशन के रूप में चलाई जाती है। यह समस्त विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य है। यह परीक्षा हिंदी अथवा अंग्रेजी किसी एक के माध्यम से दी जा सकती है। फाउंडेशन परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अथवा जिन्हें नहीं देने की रियायत प्राप्त है तथा जिनकी आयु 17 वर्ष से कम न हो, एस.टी.वन आवेदन पत्र देकर दंटरमीडिएट पाठ्ïयक्रम के लिए आवेदन कर सकते हैं। संस्थान 37 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएं आयोजित करता है। इनमें से एक संस्थान दुबई में भी है।
प्रशिक्षण संस्थान
इंस्टीट्ïयूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया, आई.सी.एस.आई. हाउस, 22 इंस्टीट्ïयूशनल एरिया, लोदी रोड नई दिल्ली-110003
आई.सी.एस.आई. नं. 13, जॉली मेकर्स चैम्बर्स नं. 2, फस्र्ट फ्लोर, नरीमन पॉइंट, मुंबई-21
आई.सी.एस.आई. 4 व्हीट क्रॉस रोड, नंगमपाकम, चेन्नई-600034
आई.सी.एस.आई. 18-ए, एवरेस्ट हाउस, 19 वां तल 46 सी, चौरंगी रोड, कलकत्ता-700071
आई.सी.एस.आई. चैप्टर, गोमती प्लाजा, द्वितीय तल 118/90, कौशलपुरी, कानपुर-208012
आई.सी.एस.आई. चैप्टर द्वारा सरस्वती शिशु मंिदर, मीना मार्केट के पास, ए-ब्लाक इंदिरा नगर, लखनऊ-226016
निर्मला निकेतन कॉलेज ऑफ होमसाइंस, मुंबई

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