जिंदादिली से भरे कामों में रुचि रखनेवाली युवतियों के लिए 'एयर होस्टेसÓ का कैरियर सर्वथा उपयुक्त है। यदि आप भी पक्षियों की तरह नीले आकाश में उन्मुक्त विचरण करने की तमन्ना रखती हैं तो विमान परिचारिका बनकर अपनी यह तमन्ना पूरी कर सकती हैं। आकर्षक कैरियर, अच्छा वेतन, ग्लैमरयुक्त कार्य, लोकप्रियता, तमाम सुख-सुविधाएं उज्जवल भविष्य के क्षितिज पर कामयाबी के सुनहरे हस्ताक्षर हैं-एयर होस्टेस।
भूमंडलीकरण व उदारीकरण के मौजूदा दौर में बेहतर रोजगार एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है। आज जब युवक-युवितियां विश्ïवविद्यालयों से डिग्री लेकर बाहर निकलते हैं तो उनके समक्ष 'क्या करेंÓ का प्रश्ïन मुंह बाए खड़े रहता है। युवकों की अपेक्षा युवतियां तो रोजगार या चयन के मामले में बेबस व पराधीन तक होती हैं। लेकिन अनेक युवतियां चुनौती भरे रोमांचक कैरियर को तरजीह देती हैं। एयर होस्टेस ऐसी लड़कियों के लिए संीाावना भरा कैरियर है, जो कुछ कर गुजरने का जज्बा लिए रोजगार की खोज में हैं। एयर होस्टेस बनने के लिए जहां दूसरे अन्य रोजगारों के मुकाबले कम मारामारी है, वहीं इसमें धन, प्रतिष्ठïा, मौज सभी कुछ दूसरों की अपेक्षाकृत कहीं अधिक है। विमान परिचारिकाएं बेहतर वेतन व सेवा शर्तों पर कार्य करती हैं। उन्हें देश-विदेश भ्रमण व हजारों-लाखों लोगों से परिचय व विचारों के आदान-प्रदान का अवसर मिलता है।
सामान्य जन जिन वी.वी.आई.पी., राजनेताओं, उद्योगपतियों, फिल्मी सितारों की एक झलक पाने को बेताब रहते हैं वे एयर होस्टेस की एक झलक पाने को बेताब रहते हैं। एयर होस्टेस उन लोगों से व्यक्तिगत रूप से रू-ब-रू होती हैं। विमान परिचारिका बनने के लिए अप्रतिम सुंदरता, आकर्षक व्यक्तिगत, छरहरी देहयष्टिï, व्यवहारकुशलता, स्नातक की डिग्री, तुरंत निर्णय लेने की क्षमता, हिंदी-अंग्रेजी भाषा पर पूरा नियंत्रण जरूरी है। हिंदी-अंग्रेजी के अलावा किसी एक विदेशी भाषा का ज्ञान आपकी योग्यताओं में वृद्धि करता है। जर्मन, फेंच, लैटिन, उर्दू, रूसी आदि भाषाओं का ज्ञान रखनेवाली युवतियों को प्राथमिकता दी जाती है। यही नहीं यदि युवती ने होटल मैनेजमेंट का कार्स भी किया हुआ तो निर्णयक मंडल उसे वरीयता क्रम में रखते हैं। इसके लिए ली जानेवाली परीक्षा की भाषा अंग्रेजी है। लिखित परीक्षा में सामान्य ज्ञान के अतिरिक्त विकित्सा, बुद्धिमता, पाककला समूह चर्चा, व्यक्तिगत, स्वर परीक्षण आदि को भी परखा जाता है। लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद शारीरिक जांच-पड़ताल के लिए मेडिकल टेस्ट होता है, उसके बाद साक्षात्कार लिया जाता है।
एयर होस्टेस बनने से पूर्व कोई प्रशिक्षण लेना अनिवार्य नहीें है लेकिन चयनित होने के बाद प्रशिक्षण लेना होता है। राष्टï्रीय विमान सेवाओं से संबंद्ध 'एयर इंडियाÓ और 'इंडियन एयरलाइंसÓ द्वारा 18 से 25 आयुवर्ग की युवतियों को प्रशिक्षण के लिए चुना जाता है। कुछ निजी एयरलाइंस 18-21 आयुवर्ग की युवतियों का बारहवीं के बाद ही चयन कर लेती हैं। जबकि अंतर्राष्टï्रीय एयरलाइंस में 18 से 35 वर्ष की लड़कियों को रखा जाता है।
जिन युवतियों का चयन (लिखित परीक्षा) होता है उनका साक्षात्कार के दौरान विभिन्न पक्षों पर ज्ञान व नजरिए का जायजा लिया जाता है। साद्वक्षात्कार में सर्वाधिक महत्वपूर्ण पक्ष मनोवैज्ञानिक रूप से तैयार केए गए सवाल होते हैं जिनका बेहद संयत होकर जवाब देना होता है। साक्षात्कार में आपकी मनोवैज्ञानिक परिपच्ता कसौटी पर होती है, जबकि लिखित परीक्षा में विश्ïव तथा देश की भौगोलिक स्थिति, नवीनतम सूचनाओं, ताजातरीन घटनाओं की जानकारी, हवाई उड़ानों का ब्योरा, अंग्रेजी के निबंध तथा महत्वपूर्ण अवसरों पर पत्र लिखने का अभ्यास अपेक्षित होता है।
चयन किए गए अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। एयर इंडिया द्वारा यह प्रशिक्षण मुंबई स्थित उनके प्रशिक्षण हैदराबाद में संपन्न होता है। प्रशिक्षण ले रही युवतियों को तकनीकी सुरक्षा तथा व्यक्तिगत कौशल का प्रशिक्षण दिया जाता है। यही नहीं उन्हें प्राथमिक चिकित्सा, कैटरिंग सेवा, मुस्कराने और बातचीत करने का ढंग, शिष्टïाचार, सौंदर्य कला आदि के बारे में भी बताया जाता है। आजकल कई निजी संस्थान भी एयर होस्टेस के लिए प्रशिक्षण देने का काम कर रहे हैं। यह प्रशिक्षण तीन-चार माह की अवधि का होता है।
एयर होस्टेस के लिए जो प्रशिक्षण सुनिश्चित किया गया है, वह कई मामलों में आधुनिकतम होता है। युवतियों को हवाई जहाज के 'टेक ऑफÓसे लेकर 'टच डाउनÓ (लैंडिग) की अवधि तक यात्रियों को घरेलू वातावरण के सजृन के तौर-तरीके बताए जाते हैं, ताकि यात्री अधिक सुविधाजनक तरीके से अपनी यात्रा पूर्ण कर सकें। विमान परिचारिकाओं को इस प्रकार प्रशिक्षित किया जाता है कि वे जरूरत पडऩे पर यात्रा कर रहे बच्चे के लिए दूध की बोतल तक बना सकें। यही नहीें बिना किसी खीझ या उकताहट के वे ऐसे यात्रियों को भी डील करें जो अपने जीवन की पहली यात्रा होने के कारण एड़ान के वक्त-बार-बार बंद होते कानों के कारण परेशानी का अनुभव कर रहें हों। उन्हें राजनेताओं की सेवा-सुश्रुषा तथा अफसरों को ग्रुप डिनर के कायदे सिखाए जाते हैं।
कुछ एयरलाइंस अपनी विमान सेवाओं में शराब भी परोसती हैं। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को डील करना बेहद दुष्कर काम होता है। हजारों फीट की ऊँचाई पर उडते विमान में घर जैसी सहूलियतें देना, वह भी विनम्रता तथा सौम्य मुस्कान के साथ, यह कार्य जांबाज युवतियों ही कर सकती है। परिचारिका में सेवा भाव की प्रबलता ही उसकी प्रगति का एकमात्र मुख्य आधार होती है। विमान परिचारिकाओं को तो इस प्रकार प्रशिक्षण पाठ्ïयक्रम प्रदान किया जाता है।, उसमें एयरोस्पेस एजुकेशन, सेफ्टी एड, इन्ट्रोडक्ïशन ऑफ एविएशन, साइकोलॉजी, इंग्लिश, एयर ट्रांसपोर्टेशन्ï एयर लाइन ऑपरेशन, स्पीच एंड ड्रामा, फलाइट ट्रेनिंग आदि प्रमुख होता है।
विमान परिचारिकाएं एक खास उम्र तक ही काम कर पाती हैं। उसके बाद उनके स्थान पर नई उम्र की यौवनाओं को नियुक्त कर दिया जाता है। कार्यमुक्त युवतियां दूसरे कामों में लगा दी जाती हैं। इस कैरियर के लिए तैयारी करने वाली युवतियाँ ग्राउंड, रिजर्वेशन सेल्स एजेंट, टिकट सेल्स एजेंट, एयरपोर्ट ऑपरेशन एजेंट, रिजर्वेशन कंट्रोल, स्टीवर्डेस सुपरवाइजर आदि पदों पर भी नियुक्ति पा सकती हैं।
सरकारी सेवाओं के अलावा निजी क्षेत्र की विमान सेवाओं का भी तेजी से विस्तार होता जा रहा है। इस क्षेत्र में जाने का मन बना चुकी युवतियां वहां भी अपनी किस्मत आजमा सकती हैं। लगभग सभी एयरलाइंस अपनी जरूरत के मुताबिक समय-समय पर विज्ञापन छपवाती रहती हैं। ये विज्ञापन मुख्यत: अंग्रेजी भाषा के अखबारों में प्राकशित होते हैं, अत: उन पर नजर रखनी चाहिए।
प्रशिक्षण संस्थान
मेक मेट्रोपोलिटेन एजुकेशन सेंटर, मुंबई