सेल्स व मार्केटिंग: बढ़ रहे हैं अवसर
मार्केटिंग और विक्रय सेवाओं के अंतर्गत विज्ञापन, बाजार अनुसंधान और ब्रांड विपणन शामिल हैं, प्रत्येक सेवा के अंतर्गत अनेक चुनौतियां और काम करने का नया माहौल होता है।
मार्केटिंग मैनेजमेंट व्यापारिक गतिविधियों के संचालन की वह कला है जिसके द्वारा सामान और सेवाओं को उत्पादकों तक पहुंचने की व्यवस्था की जाती है। विपणन के क्षेत्र में कार्य करने वालों को उपभोक्ताओं की जरूरतों का पता लगाना पड़ता है और मुनाफे को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त विपणन की रणनीतियां लागू करनी पड़ती हैं। इसके पीछे मूल उद्देश्य यह होता है कि उपभोक्ताओं की जरूरत का सामान और सेवाएं ऐसे दामों में उपलब्ध कराई जाएं तो क्रेताओं और विक्रेताओं दोनों के लिए उपयुक्त हों, विपणन के अंतर्गत उपभोक्ता वस्तुएं जैसे खाने-पीने का सामान, फर्नीचर, टेलीविजन व वाशिंग मशीन तथा उपकरण, प्रयोगशाला उपकरण, कच्चा माल, औद्योगिक सामान आदि शामिल हैं। शिक्षा संस्थाओं, वित्तीय संस्थाओं, ट्रेवल और टूर एजेंसियों और मनोरंजन उपलब्ध कराने वाले संगठनों को भी अपनी सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए विपणन सेवाओं की आवश्यकता पड़ती है। इसके अलावा निर्यात के क्षेत्र में भी विपणन सेवाओं का बड़ा महत्व है क्योंकि इससे देश को विदेशी मुद्रा की आमदनी होती है।
मार्केटिंग व सेल्स के लिए जिस तरह के कौशल की आवश्यकता पड़ती है उसमें प्रभावी सम्प्रेषण तथा निर्णय लेने की क्षमता, चुनौती और दबाव भरे माहौल में काम करने की क्षमता और नाजुक हालात से निपटने के तरीके की जानकारी के साथ-साथ नेतृत्व संबंधी गुणों का होना जरूरी है। विपणन प्रबंधक विभिन्न गतिविधियों के जरिए ये कौशल हासिल कर सकता है।
विपणन और विक्रय के क्षेत्र में अनेक संस्थान व्यावसायिक पाठï्यक्रम संचालित कर रहे हैं इनके द्वारा व्यक्तित्व का विकास तथा व्यवसाय में दक्षता प्राप्त की जा सकती है। इन पाठï्यक्रमों में आम तौर पर विपणन और विक्रय के बारे में जानकारी, अंतर-वैयक्तिक सम्प्रेषण, विक्रय प्रक्रिया, वितरण प्रणाली का प्रबंध, व्यक्तिगत विक्रय आयोजन और ग्राहक व्यवहार, ग्राहक संरक्षा, विपणन के बुनियादी तत्व, महत्त्वपूर्ण खातों का प्रबंधन तथा गुणात्मक मात्रात्मक विश्लेषण आदि शामिल है।
विपणन का प्रभाव आज सभी जगह महसूस किया जाने लागा है। समय के साथ-साथ विपणन के कार्यक्षेत्र में नाटकीय विस्तार हुआ है। उत्पादों की धारणा और जिस प्रकार के संगठनों के लिए इसकी उपयोगिता है इसके लिहाज से भी विपणन का क्षेत्र बढ़ा है। परम्परागत उत्पादों अर्थात सामान और सेवाओं के अलावा आज उत्पादों के नए प्रकार सामने आए हैं जिनमें व्यक्ति, संगठन और विचार भी शामिल हैं। पुराने जमाने में विपणन की अवधारणाएं और तकनीकें सिर्फ व्यावसायिक संगठनों के लिए प्रासंगिक मानी जाती थीं।
मगर आज अन्य संगठन भी इनकी उपयोगिता को और अधिक महसूस करने लगे हैं और बेहतर नतीजों के लिए उन्हें अपना रहे हैं। इससे राजनीतिक विपणन और सामाजिक विपणन जैसे विपणन के विशिष्टïता वाले क्षेत्रों का विकास हुआ है। विपणन के अंतर्गत बाजार अनुसंधान, विज्ञापन, उत्पाद विकास, मूल्य निर्धारण, विक्रय तथा वितरण जैसी गतिविधियां आती हैं। किसी उत्पाद की सफलता काफी हद तक उपभोक्ताओं में उसकी लोकप्रियता पर निर्भर करती है। बाजार अनुसंधान कार्यपालक ग्राहकों की वर्तमान और संभावित पसंद का पता लगाने के लिए सर्वेक्षण करते हैं। वे संभावित ग्राहकों का पता लगाने के साथ-साथ नए और सुध हुए उत्पादों की आवश्यकता का आकलन करते हैं और प्रतिस्पर्धी उत्पादों के बारे में जानकारी एकत्र करते हैं। इसके अलावा वे बिक्री केन्द्रों के लिए उपयुक्त स्थान, उत्पाद के मूल्य और लाभप्रदता का भी आकलन करते हैं। अनुसंधान कार्यपालन अनुसंधान दल में एक महत्वपूर्ण सदस्य होता है। अन्वेषक या साक्षात्करकर्ता लक्षित ग्राहक से सीधे सूचना एकत्र करता है। सांख्यिकी विश्लेषण के आधार पर विपणन विभाग बिक्री का पूर्वानुमान लगाता है। इसी के आधार पर किसी फर्म की समस्त गतिविधियों की योजना बनायी जाती है और उनमें तालमेल स्थापित किया जाता है। अर्थशास्त्र/सांख्यिकी/गणित में स्नातक और स्नातकोत्तर या एम.बी.ए. डिग्रीधारी बाजार अनुसंधान एजेंसियों में उपयुक्त नौकरियां प्राप्त कर सकते हैं।
उत्पाद विकास : विपणन प्रबंधक उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं के बारे में उत्पादन विभाग को जानकारी देते हा और बाजार अनुसंधान के परिणामों के आधार पर नए उत्पादों का उत्पादन शुरू करने के बारे में बातचीत करता है।
विज्ञापन : विज्ञापन एजेंसियां कंपनियों के लिए रेडियो और टेलीविजन पर प्रसारित हने वाले विज्ञापन बनाती हैं। किसी भी विज्ञापन एजेंसी में ग्राहक सेवा विभाग, विज्ञापन निर्माण विभाग, मीडिया या जन संचार माध्यम विभाग और उत्पादन जैसे प्रमुख विभाग होते हैं। ग्राहक सेवा विभाग ग्राहकों की आवश्यकताओं का आकलन करता है और जनता को उत्पाद या सेवाओं के फायदों के बारे में प्रभावशाली तरीके से जानकारी देता है। विभाग के कार्यपालक अधिकारी फर्मों को संभावित बाजार और रणनीति, बाजार तक पहुंचने के लिए उपलब्ध जनसंचार माध्यमों, लक्षित खरीददारों को आकृष्टï करने के तरीके और विज्ञापनों के माध्यमों से जनता तक पहुंचाए जाने वाले संदेश के बारे में सुझाव देते हैं। वे फर्म की सहमति से विज्ञापन के माध्यमों से जनता तक पहुंचाए जाने वाले संदेश के बारे में सुझाव देते हैं। वे फर्म की सहमति से विज्ञापन अभियान की रूपरेखा तैयार करते हैं। विज्ञापन निर्माण विभाग ग्राहक सेवा विभाग द्वारा बनाई गई विज्ञापन योजना को कार्यान्वित करता है यह विभाग मुद्रित और दृश्य-श्रव्य विज्ञापन तैयार करता है। विज्ञापनों की स्क्रिप्ट और स्लोगन तैयार करने की जिम्मेदारी कापी राइटर की होती है। मीडिया विभाग रेडियो, टी.वी. तथा समाचार पत्र-पत्रिकाओं में स्थान और समय के बारे में आयोजन, कार्यक्रम, बुकिंग और खरीद के लिए उत्तरदायी है। उत्पादन (प्रोडक्शन) विभाग विज्ञापनों को अंतिम रूप देता है। प्रबंधन, विज्ञापन, विपणन या विक्रय जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्राप्त उम्मीदवार विज्ञापन एजेंसी में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। विपणन में व्यावसायिक योग्यता प्राप्त व्यक्तियों को मीडिया विभाग के रोजगार ज्यादा रुचिकर लग सकते हैं।
जनसंपर्क : यह प्रबंधन का एक ऐसा अंग है जिससे किसी कंपनी को अपनी सार्वजनिक छवि बनाने में मदद मिलती है। जनसंपर्क छवि बनाने का एक माध्यम है।
जनसंपर्क द्वारा सरकारी कार्यालयों और शेयरधारकों के साथ तालमेल बनाए रखने के साथ-साथ कम्पनी और उत्पादों का प्रचार भी किया जाता है। विज्ञापन, जनसंपर्क और विपणन के क्षेत्र में व्यावसायिक योग्यता वाले लोग जनसंपर्क एजेंसियों में अच्छे रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
ब्रांड विपणन : कोई उत्पाद खरीददारों में काफी लोकप्रिय हो जाता है और उसकी बिक्री भी अच्छी होती है, फिर भी उसकी ब्रांड छवि बनाने की आवश्यकता होती है। विपणन के क्षेत्र में व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त लोग विपणन विभाग में मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।
विक्रय और वितरण : विपणन प्रबंधक यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है कि मांग और आपूर्ति में संतुलन बना रहे। वे इस बात का विश्लेषण करते हैं कि विक्रय संवर्धन अभियान कितना प्रभावशाली है और उसी के अनुसार भविष्य में उत्पादन की योजना बनाने में मदद करते है। कुछ कम्पनियों में विक्रय और विपण्र की जिम्मेदारी एक ही व्यक्ति को सौंपी जाती है और विपणन प्रबंधक विक्रय के लिए भी उत्तरदायी होता है।
प्रशिक्षण सुविधाएं : नई दिल्ली के नेशनल इंस्टीटï्यूट ऑफ सेल्स में स्नातकों के लिए विपणन और विक्रय (मार्केटिंग एंड सेल्स) में एक वर्ष का उच्च डिप्लोमा पाठï्यक्रम उपलब्ध है, इसे शीघ्रकालिक पद्धति से छह महीने में भी पूरा किया जा सकता है। इंस्टीटï्यूट ने हाल में बिजनेस कम्यूनिकेशन और ग्लोबल मार्केटिंग (व्यावसायिक-सम्प्रेषण तथा विश्वव्यापी विपणन) में स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठï्यक्रम भी प्रारंभ किया है। कॉलेज के छात्र इसे अंशकालिक आधार पर दो साल में पूरा कर सकते हैं। पूर्णकालिक पाठ्यक्रम के रूप में इसे एक साल में पूरा किया जा सकता है। यह पाठï्यक्रम पांच सेमेस्टर का है। चार सेमेस्टर पूरे करने के बाद या तो किसी संगठन में एक साल के लिए पूर्णकालिक व्यावसायिक अभ्यास किया जा सकता है या फिर नेशनल इंस्टीटï्यूट ऑफ सेल्स से रोजगार प्राप्त करने में सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
विभिन्न संस्थान
वाई.एम.सी.ए. और वाई.डब्ल्यू.सी.ए. नई दिल्ली, भारतीय विद्या भवन के विभिन्न केंद्र, भारतीय उत्पादकता परिषद, नई दिल्ली, अलीगढ़, अन्नामलाई, मुम्बई, कोचीन, जीवाजी, कुरुक्षेत्र, मदुरै-कामराज, मैसूर और पंजाबी विश्वविद्यालय, के.जे. सौमेया इंस्टीटï्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंडस्ट्रीयल रिलेशन्स, चंडीगढ़, आदि। इंदिरा गांधी राष्टï्रीय मुक्त विश्वविद्यालय मुक्त विश्वविद्यालय में विपणन प्रबंधन में पत्राचार पाठï्यक्रम भी उपलब्ध है।

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