इंटरनेट के माध्यम से स्वर्णिम कैरियर की नींव


संचार क्रांति के मौजूदा दौर में कंप्यूटर एक वरदान से कम नही। आज कंप्यूटर पर हमारी निर्भरता इतनी बढ़ गई है के 21 वीं सदी में संभवत: इसके बिना गुजारा एक मुश्ïिकल कार्य हो जाएगा। नौकरी की तलाश में जुटे युवाओं के लिए इंटरनेट कई तरह से लाभदायक है। वह एक ओर उम्मीदवारों को उनके लिए बेहतर नौकरियाँ खोजकर देता है तो दूसरी ओर मनचाहे काम के लिए आपका सबसे विश्वसनीय मददगार भी है। इंटरनेट के माध्यम से स्वर्णिम कैरियर की नींव रखी जा सकती है।
इंटरनेट के आविष्कार ने संचार के क्षेत्र में एक नया हंगामा बरपा दिया है। पूरी दुनिया में आज इंटरनेट की धूम मची हुई है। संचार का यह माध्यम अपने भीतर अनेक विकल्पों का समूहबद्ध किए हुए है। इंटरनेट के माध्यम में आज कंप्यूटर की स्क्रीन पर समूची दुनिया सिमट कर रह गई है। इसने दुनिया के समस्त कंप्यूटरों को एक सूत्र  में पिरोने का काम किया है। अखबारों में नौकरियों के विज्ञापन देचना एक सामान्य  बात है। आज के नौकरीशुदा लाखोंं लोगों में से अधिकांश कोि नौकरियाँ इन्हीं विज्ञापनों के जरिए हासिल हो सकी है। परन्तु जैसे-जैसे इंटरनेट की लोकप्रियता व प्रसार क्षेत्र में इफाजा होता जा रहा है, वैस-वैसे रिक्तियों संबंधी सूचनाएं काने का यह एक माध्यम साबित होता जा रहा है।
आज देश के किसी भी कोने में बैठा व्यक्ति कंप्यूटर का भूमंडल के किसी भी हिस्से की जानकारी पलक झपकते ही पज्ञप्त कर सकता है। यह सब कमाल इंटरनेट का ही है। लगभग 10 हजार रुपये मूल्य की एवज में उक उपभोक्ता को 500 घंटे का 'टाइम्स स्पेसÓ प्रदान किया जाता है। इस टाइम स्पेस के खर्च होने के बाद इतनी ही रकम देकर इसे फिर से खरीदा जा सकता है। इसके लिए एक टेलिफोन लाइन तथा एक कप्यूटर की जरूरत होती है। आज भारत में तकरीबन एक लाख कंप्यूटर इंटरनेट से जुड़े हुए हैं। जिनकी संख्या में दिन-प्रतिदिन इजाफा होता जा रहा है।
इंटरनेट के जरिए एक ओर आप कोई भी सूचना, जानकारी अर्जित कर सकते हैं, वहीं दूसरी ओर आप अपनी कंपनी, संस्था या अपनी व्यक्तिगत जानकारी को भी इंटरनेट पर जारी कर सकते हैं।
आपको अपनी मनससंद चीज की खरीदारी करनी हो या फिर आस्ट्रेलिया के किसी विश्ïवविद्यालय में प्रवेश लेना हो तो स्विच ऑन कीजिए और पूरी दुनिया आपकी मु_ïी में। इंटरनेट तकनीक से प्रभावित होकर आज अनेक प्रतिष्ठिïत समाचार पत्र समूहों ने अपने संस्करण इंटरनेट पर उपलब्ध करा दिए हैं। इंटरनेट आज युवाओं को रोजगार के असंख्य अवसर प्रदान करा रहा है। आज इंटरनेट और इससे जुड़े क्षेत्रों में कुशल व्यक्तियों की जबरदस्त मांग है।
भारत में रोजगार के लिए शुरू की गई सबसे अधिक चर्चित वेबारइट 'डॉट कामÓ के नाम से जानी जाती है। डॉट काम पर हर समय लगभग दो हजार नौकरियों की जानकारी मौजूद रहती है। इंटनेट के अंतर्गत जो सूचनाएं कंप्यूटर डाली जाती हैं। उन्हें 'वेबसर्वरÓ कहा जाता है। इसे एक प्रकार का पुस्तकालय कहा जा सकता है, जहां अनेक जानकारियों 'वेब फाइलोंÓ पर उपलब्ध रहती हैं। वेबसाइट पुस्तकों की अलमारियों की भांति होती है, जहाँ 'होम पेजÓ होते हैं, जिन्हें पुस्तकों के रूप में समझा जाता है।
इंटरनेट के माध्सम से अपने संस्थान अथवा संगठन की गतिविधयों में इजाफा करने के लिए वेबसाइटों की आकर्षक व लुभावने तरीके से डिजाइनिंग की जाती है। इंटरनेट में सबसे महत्वपूर्ण कार्य वेबसाइट या होम पेज के आकृति निर्माण को होता है। यह काम करने वाले लोग 'वेबसाइट डिजाइनरÓ अथवा 'होम ्िरडजाइनरÓ कहलाते हैं। डिजाइनिंग में ग्राफिक्स और थ्री-डी तकनीक का ज्ञान रखनेवाले लोगों को अपनी बुद्धमत्ता के प्रयोग की काफी गुंजाइश रहती है। रचनात्म्क अभिवृत्तियों वाले युवक-युवतियों के लिए इंटरनेट के क्षेत्र में धनोपार्जन की कोई सीमा नहीं है। एक बेवसाइट को डिजाइन करने के लिए डिजाइनर को 40,000 रुपये मिलते हैं। इंटरनेट से जुड़े अनेक कार्य हैं जिन्हें टीम में शामिल व्यक्ति संपन्न करते हैं। वेबसाइट पर उपलब्ध सूचनाएं जब पुरानी पड़ जाती हैं। तो उन्हें अपडेट किया जाता है। यह काम 'वेब मास्टर्सÓ करते हैं वब मास्टर्स अत्यधिक कुशल व अनुभवी विशेषज्ञ होते हैं। मैनेजर्स भी वेबसाइट पर अपनी कड़ी नजर रखते हैं। वे समय-समय पर सूचनाओं की विश्ïवसनीय, तथ्यात्मकता तथा प्रामाणिकता की भी जांच करते रहते हैं।
टीम के अन्य लोग वेबसाइट के रिक्त  हुए स्थान को दूसरी कंपनियों को बेचने का काम करते हैं। साइट का उचित प्लेटफार्म पर पंजीकरण करवाना भी उन्हीं के जिम्मे होता है। ज्ञात रहे कि वेबसाइट को 'याहूÓ, 'वेबकालरÓ आदि प्लेटफार्मों पर रजिस्टर करवाना पड़ता है।
इंटरनेट से जुड़े विभिन्न पाठ्ïयक्रमों का अब व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध हो गया है। जहाँ से प्रशिक्षण के बाद शिक्षित युवा अपने लिए बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। इंटरनेट से जुड़े कई पाठ्ïयक्रम कंप्यूटर ससथान भी संचालित कर रहे हैं। इंटरनेट के लिए आपको बंग्रेजी भाषा का ज्ञान अवश्य होना चाहिए। इंटरनेट से संबंधित  पाठ्ïयक्रमों की अवधि 4 दिन से लेकर 2 वर्ष तक होती है।
प्रख्यात अमेरिकी कंपनी नॉवेल इंक ने सर्वप्रथम दुनिया को कंप्यूटर नेटवर्क तकनीक से पवरिचित कराया था। प्रारंभिक अवस्था में यह तकनीक अमेरिका की रक्षा अनुसंधानशालाओं में प्रयोग तक सीमित थी, परन्तु जैसे ही इसकी व्यावसायिक उपयोगिता उजागर हुई अनेक कंपनियां इसके विकास कार्य में जुट गई। परिणामत: इंटरनेट का स्वरूप और अधिक परिष्कृत व व्यापक होता चला गया।
कंप्यूटर नेटवर्क तकनीक कंपनियों की उत्पादकता को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। यह मानव संसाधन को एक सिस्टम से जोड़कर उनके कार्य करने की क्षमता में वृद्धि करती है। यही वृद्धि कंपनी की प्रगति में आश्शनुरूप प्रतिफल करती है। आज प्राय: प्रत्येक प्रगतिशील कंपनी किसी-न-किसी प्रकार के कंप्यूटर नेटवर्क से जुड़ी हुई है। चाहे वह लैन (लोकल एरिया नेटवर्क) हो अथवा वैन (वाइड एरिया नेटवर्क)।
अब पी.सी.ओ. की तर्ज पर बड़े शहरों में स्थान-स्थान पर इंटरनेट बूथ स्थापित किए गए हैं, जहाँ इंटरनेट की रोजगार संबंधी सेवाएं ली जा सकती हैं। इंटरनेट संबंधी पाठ्ïयक्रम उपलब्ध करा रहे संस्थानों के नाम व पते नीचे दिए जा रहे हैं, जहाँ संपर्क करके अतिरिक्त जानकारी ली जा सकती है।
प्रशिक्षण संस्थान
इलेक्ट्रॉनिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर (भारत सरकार का उपक्रम)ए-34, सेक्टर 26 नोएडा (उ.प्र.)
सेंटर फॉर इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन एंड टेक्ïनोलॉजी (भारत सरकार का उपक्रम) मोहाली, चंडीगढ़ (पंजाब)

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