एक आधुनिक रोजगार - मैडिकल ट्रांसक्रिप्शन


हम अपना 40 प्रतिशत समय सुनने में बिताते है, क्या इस सुनने के कार्य को व्यवसाय के रूप में नहीं अपनाया जा सकता? हाल में शुरू हुए मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन कोर्स के बारे में विज्ञापन में यही सवाल उठाया गया था, देश में इन दिनों ऐस विज्ञापनों का जोर है जिनमें स्नातक डिग्रीधारियों (कहीं-कहीं तो सिर्फ 12वीं पास विद्यार्थियों) को ऐसी आकर्षक नौकरियों का आमंत्रण दिया जा रहा है, जिनमें उन्हें रोगियों की डॉक्टरी रिपोर्ट तथा अन्य ब्यौरे को ध्यान से सुनने, समझने और लिखने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। इसके लिए शीघ्रता और शुद्धता  से टाइप करने, चिकित्सा और औषधियों से सम्बन्धित शब्दावली का ज्ञान और उत्तर अमरीकी अंग्रेजी प्रयोगों तथा क्षमता होनी जरूरी है। इन सब योग्यताओं से मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन के क्षेत्र में प्रवेश किया जा सकता है। इन दिनों भारतीय ट्रांसक्रिप्शनिस्ट अमरीका के मुकाबले कम तनख्वाह पर मिल जाते हैं। इस कारण भारतीय ट्रांसक्रिप्शनिस्टï की बड़ी मांग है। नतीजा यह हुआ है कि मेडिकल टं्रासक्रिप्शन के क्षेत्र में रोजगार और व्यवसाय के व्यापक अवसर उत्पन्न हो गये हैं। इस तरह जिस कम्प्यूटर टैक्रोलॉजी पर नौकरियों को खत्म करने का आरोप लगाया जाता था उसने रोजगार के ढेर सारे अवसर उपलब्ध करा दिये हैं। भारत के प्रतिभाशाली शिक्षित बेरोजगार इसका भरपूर फायदा उठा सकते हैं।
दायित्व
मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन में रोगी के चिकित्सा सम्बन्धी ध्वन्यंकित रिकॉर्ड को सुनकर लिखित रूप में रूपांतरित किया जाता है। अमरीका में डॉक्टरों, अस्पतालों, स्वास्थ्य सम्बन्धी सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं को प्रशासनिक तथा बीमा संबंधी उद्देश्य के लिए रोगी को उपलब्ध कराई गई सेवा का चिकित्सकीय विवरण रखना जरूरी होता है। मेडिकल ट्रांसक्रिप्शनिष्टï रिकॉर्डेड ब्यौरे को सुनता है और सम्पादकीय नीति-निर्देशों के अनुसार वर्ड प्रोसेसर (शब्द संसाधक) की सहायता से उन्हें लिखित रूप में रूपांतरित करता है। यह लिखित विवरण वापस डॉक्टरों के पास भेज दिया जाताहै। जहां यह स्थाई मेडिकल दस्तावेज बन जाता है। इस व्यवसाय में गलतियों के लिए जरा भी गुंजाइश नहीं है, इस कारण इस क्षेत्र में कार्य करने वालों को अपने काम में पूरी तरह दक्ष होना जरूरी है। इस समय मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन का काम कर रहे अधिकतर लोग जैव विज्ञानों, फामेसी, नर्सिंग आदि में स्नातक या स्नातकोत्तर डिग्री वाले है।
काम का माहौल
यह कार्य मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन सेंटरों में किया जाता है। हालांकि इसमें कार्यस्थल से दूर बैठ कर काम करने की गुंजाइश है। मगर घर बैठे इस तरह का काम करना मुश्किल होगा, क्योंकि सुरक्षा और संवेदनशीलता की दृष्टिï से इसे ट्रांसक्रिप्शन सेंटर पर ही करना उचित होगा, हालांकि यह काम बहुत हद तक उबाऊ है, मगर एक बार इसमें महारत हासिल कर लेने का मतलब है और अधिक पैसा इसमें सफलता के लिए उत्पादकता और गुणवत्ता बुनियादी शर्त है।
भर्ती का तरीका
मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन का काम ऐसे लोगों के लिए उपयुक्त है जो जिम्मेदार और भरोसेमंद हैं, अपनी प्रेरणा से कार्य कर सकते हैं।, व्यवधानों से कारगर तरीके से निपटने में सक्षम हैं, बहुत कम नियंत्रण में भी अपने काम कार्य कर सकते हैं और जिन्हें यह पता है कि कब क्या पूछना या बताना है। इस क्षेत्र में काम करने के इच्छुक लोगों में लम्बे समय तक ध्यानपूर्वक कार्य करने की क्षमता के साथ-साथ, एकदम सही-सही कार्य करनेकी लगन और कम्प्यूटर संचालन का कार्यसाधक ज्ञान (तीव्रगति से शुद्ध टाइप करने का कौशल प्राप्त करने की इच्छा) होना जरूरी है, अगर आप में ये गुण है, तो आप नीचे बताया गया प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।
प्रशिक्षण
मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन पाठ्ïयक्रम के विज्ञापन देशभर के समाचार पत्रों में छपते रहते हैं। तीन-चार महीने के इस पाठ्ïयक्रम में स्नातक, स्नातकोत्तर और अन्डर ग्रेजुएट विद्यार्थियों से लेकर सामान्य गृहणियां, नर्स प्रयोगशाला तकनीशियन आदि प्रवेश ले सकते हैं। लेकिन इस व्यवसाय में सफलता के लिए अंग्रेजी के अच्छे ज्ञान के साथ-साथ ध्यानपूर्वक आवाज सुनने की क्षमता और स्वास्थ्य सेवा उद्योग में काम करने में दिलचस्पी होना जरूरी है।
मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन पाठ्ïयक्रम के अन्तर्गत चिकित्सा टर्मिनोलॉजी, औषधि शब्दावली, विभिन्न बीमारियों के नाम, शरीर रचना विज्ञान, शरीर क्रिया विज्ञान, चिकित्सा व शल्य चिकित्सा की प्रक्रिया तथा इसमें काम आने वाले उपकरण, चिकित्सा संदर्भ सामग्री और अनुसंधान तकनीक का उपयोग, सप्लाई व उपकरण (प्रोस्थेटिक उपकरण), सुनने का अभ्यास और वास्तविक स्थितियों में अमरीकी लहजे तथा शब्दावली का परिचय तथा अत्याधुनिक यंत्रों व उपकरणों से ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन के क्षेत्र में अनेक कम्पनियां कई तरह के प्रशिक्षण देने में लगी है। महत्वपूर्ण बात यह है कि आप सिर्फ ज्यादा पैसा कमाने की लालच में न पड़ कर अपनी क्षमता के मद्देनजर कोई फैसला करें, ऐसी कम्पनी का चयन करें जिसका अमरीका में सेल्स ओर मार्केटिंग का जमा जमाया कारोबार कराने के लिए तमाम टैक्रोलॉजी और बुनियादी ढांचे से सुसज्जित हो। जिसमें काम करने का अच्छा माहौल हो ओर प्रशिक्षण की उत्कृष्टï सुविधाएं हों, भारत में मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन प्रशिक्षण को शुरू हुए कुछ अरसा हो चुका है, इसलिए बेहतर यही होगा कि आप इसके बारे में खुद प्रशिक्षण ले चुके लोगों से जानकारी प्राप्त करें। अगर प्रवेश प्रक्रिया इतनी सरल है कि संस्थान में हर एक को दाखिला मिल जाता है तो समझ लीजिए कि दाल में कुछ काला है। जिन कम्पनियों का अमरीका में जमा-जमाया कारोबार है, व्यापारिक सम्पर्क है, वही अच्छी नौकरी दिला सकती हैं। असल में ऐसी कम्पनियां लोगों को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षण देने केलिए पंजीकृत करती है।
रोजगार के अवसर
भारत में ऐसी कम्पनियों की अचानक बाढ़ सी आ गई है जो मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन सेंटर खोलना चाहती है या जिन्होंने ऐसे केन्द्र खोल लिए हैं। असल में मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन परम्परागत सेक्रेटेरियल (सचिवीय) कार्य का ही नया रूप है, जिसमें टाइपिंग कौशल, कम्प्यूटर संचालन की बुनियादी जानकारी, अंग्रेजी भाषा का ज्ञान (ऊपर बताए गए कार्यों के लिए) होना जरूरी है, इस तरह की कम्पनियों को विदेशी मुद्रा में आमदनी होती है। मेडिकल ट्रंासक्रिप्शन कम्पनी खोलने के इच्छुक उद्यमी के अमरीका में अच्छे सम्पर्क सूत्र होने चाहिए ताकि वह इस तरह का काम हाथ मे ले सकें। इस समय मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन का काम अमरीका में ही उपलब्ध है। प्रशिक्षुओं को लगभग पांच हजार रुपए मासिक दिये जातेहैं। अलग-अलग कम्पनियों में वेतन-भत्ते तथा अन्य सुविधाएं अलग-अलग होती है।
इस समय मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन के क्षेत्र में रोजगार की बड़ी संभावनाएं है। इस उद्योग पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले सात-आठ वर्षों में रोजगार में 7-8 गुना वृद्धि  होगी, इसके अलावा जिन देशों के लिए ट्रांसक्रिप्शन का कार्य किया जा रहा है। वहां इस व्यवसाय से सामाजिक व राजनीतिक प्रभाव पड़ सकते हैं क्योंकि उन देशों का रोजगार बाहर चल रहा है। भारत में मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन प्रमाणन परीक्षा आयोजित करने की भी योजना है।
अन्य विकल्प-
भारत में मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन की ही तरह रिमोट प्रोसेसिंग का कार्य भी खूब किया जा रहा है इसके अन्तर्गत ये सुविधाएं उपलब्ध है -
कॉल सेंटर-बहुराष्टï्रीय कम्पनियां अपने दुनिया भर के उपभोक्ताओं के लिए चौबीस घंटे चलने वाली पूछताछ सेवा चला रही है, जिसमें भौतिक उपस्थिति की आवश्यकता नहीं होती।
डेटा कन्वर्जन-इसमें सूचनाओं को संगठित डेटा फील्ड में बदल दिया जाता है, जिसके आधार पर पूछताछ की जा सकती है। आज लगभग सभी उद्योगों में यह सुविधा उपल्बध है।
भौगोलिक सूचना प्रणाली-इसके अन्तर्गत सड़कों, रेल मार्गों, बस्तियों और विभिन्न सुविधाओं की जानकारी देने वाले डिजिटल मानचित्र बनाए जाते हैं।
कांटेट डेवलपमेंट-इसके अन्तर्गत विदेशी ग्राहकों के लिए सूचना की सार्वजनिक प्रणाली कायम की जाती है। इसके अन्तर्गत वेब पेज डिजाइन करने और इसका संचालन तथा उपभोक्ताओं के मतलब की सूचनाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाती है।
बीमा दावा निपटान-इसमें पूर्वनिर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार बीमा दावों को दुनिया में कहीं पर भी निपटाया जा सकता है।
अमरीका, यूरोप ओर पूर्वी एशिया के अनेक देशों में इस तरह की रिमोट प्रोसेसिंग का कार्य खूब किया जाने लगा है। इन कम्पनियों के टेलीवर्कर दूर किसी स्थान पर बैठे दुनिया भर के देशों की कम्पनियों के कार्यालयों का कामकाज निपटा रहे हैं।
संभावनाएं-
मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन जैसा टेलीवर्क एक अलग ही तरह का कार्य है। विश्वस्तरीय नेटवर्क से जुड़ी आज की अर्थव्यवस्थाओं को टेलीवर्किंग बड़ा लाभदायक है। इससे खुशहाली बढ़ती है और रोजगार के अवसर पैदा होते है। विदेशी कम्पनियों और ग्राहकों के लिए काम करने वाले भारतीयों की संख्या जिस रफ्तार से बढ़ रही है उसे देखते हुए यह बहुत जल्द दस लाख को पार कर जाएगी। टेलीवर्कर की एकाकी दुनिया में आपको अपने आप से स्पर्धा करनी है। आपको यह बताना है कि आप कितने उत्पादक बन सकते हैं और आपमें कितनी विश्वसनीयता व गुणवत्ता है, दक्षता और अनुभव के साथ आप आसानी  से किसी टेलीसेंटर के सुपरवाइजर, एडीटर या प्रोडक्शन मैनेजर बन सकते हैं और उत्पादकता के साथ-साथ गुणवत्ता बनाए रखने की जिम्मेदारी आप पर आ सकती है। नेशनल एसोसिएशन ऑफ  सॉफ्टवेयर कम्पनीज (नैसकॉम) के अनुमान के अनुसार सन्ï 2007-2008 तक कार्यालय से संबंधित काम, जैसे डेटा एंट्री, डेटा कनवर्जन, रेवेन्यू अकाउंटिंग (राजस्व लेखाकन) आदि में 2.60 लाख लोग रोजगार प्राप्त कर सकेंगे और 1.7 खरब रुपये की आमदनी कर सकेंगे। इतना ही नहीं मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन, बीमा दावा निपटान में 1.70 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा और वे 90 अरब रुपये की आयम होगी डेटाक्स सेवा के क्षेत्र में करीब एक लाख लोगों को रोजी मिलेगी और वे 50 अरब रुपये कमा सकेंगे। कन्टेंट डेवलपमेंट में 3.20 लाख लोग 1.6 खरब रुपये की आमदनी कर सकेंगे।
दूरसंचार टैक्नोलॉजी और सेवाओं के मुक्त व्यापार की वजह से भारत को कारोबार का सबसे बड़ा अवसर उपलब्ध हो गया।  यह एक ऐसा उद्योग है जिसमें अभी शुरुआत हो ही रही है। ऐसे में अगर आप जैव विज्ञान के स्नातक नहीं हैं तो भी कोई हर्ज नहीं है। अगर आप में लगन है, सीखने की चाह है और समय पर काम करके देने को तैयार है तो देर मत कीजिए, आगे बढि़ए मगर साथ ही यह भी मत भूलिए कि प्रशिक्षण संस्थान के बारे में सही-सही निर्णय लेने का विकल्प आपको ही इस्तेमाल करना है।
नीचे कुछ संस्थाओं के पते दिए गए है , जहां आप इस बारे में पूछताछ कर सकते हैं।
-ब्यूरो ऑफ एजुकेशनल टेस्टिंग, पो.बॉ.नं. 205, वसंतनगर, पो.आ. बंगलौर-560052,
इंडियन एसोसिएशन फॉर मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन, 319/3 80, फुट रोड, इंडोर स्टेडियम के सामने, 8वां ब्लॉक, कोरमंगला, बंगलौर-560095

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