मेहमान नवाजी की आधुनिक तहजीब में भविष्य: होटल मैनेजमेंट


अब 'मेहमान नवाजी पारस्परिक तहजीब की खानापूर्ति एवं व्यक्तिगत शौक की संतुष्टिï तक सीमित नहीं रह गई है। विश्व के बदलते आर्थिक एवं सामाजिक परिदृश्य तता भूमंडलीकरण ने मानवीय तहजीब के इस रूप को एक वृहत उद्योग में तब्दील कर दिया है- जहां सेवा-भावना, व्यापारिक चातुर्य, व्यंजन, पारशास्त्र, तकनीक, मनोविज्ञान, ब्यूटी, ग्लैमर आदि का अदï्भुत संगम है। यह अकारण नहीं है कि 'होटल प्रबंधनÓ विश्व के सर्वाधिक वृहत उद्योग के रूप में उभरा है जिसने ग्लैमर एवं चुनौती से भरे रोजगार के अनेक अवसर भी उपलब्ध कराए हैं। यही कारण है कि युवा वर्ग इस क्षेत्र में कैरियर बनाने के लिए आकर्षित हुए हैं। एक अनुमान के अनुसार आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में लगभग 2,50,000 रिक्तियां होंगी।
'होटल मैनेजमेंटÓ हमेशा से ही ग्लैमर एवं चुनौती से भरपूर कैरियर के रूप में देखा जाता है। होटल इंडस्ट्री विश्व के बड़े उद्योगों में गिना जाता है और इसमें कोई संदेह नहीं है कि आने वाले दिनों में यह इंडस्ट्री रोजगार के असंख्य द्वार खोलेगी।
पहले केवल 'पर्यटकÓ ही होटल इंडस्ट्री के ग्राहक हुआ करते थे लेकिन हाल के वर्षों में 'ग्लोबलाइजेशनÓ एवं 'बिजनेस वर्गÓ के लोगों की बढ़ती आवाजाही ने इस इंडस्ट्री के विकास की संभावनाओं को बहुत मजबूत किया है। होटलों की बढ़ती संख्या ने रोजगार के अवसरों को भी बढ़ाया है। सभी श्रेणी के होटल जैसे स्टार, हाइवे, मोटल्स, हेरीटेज, रिसोर्ट, बिजनेस सेंटर आदि में प्रशिक्षित होटल मैनेजमेंट ग्रेजुएटों की आवश्यकता होती है। होटल इंडस्ट्री ही नहीं, अब तो पूरी दुनिया में सेवा क्षेत्र के उद्योगों की महत्ता एवं उपयोगिता बढ़ती जा रही है। भले ही वह इन्फॉरमेशन टेक्नोलॉजी का क्षेत्र ही क्यों न हो। जिस क्षेत्र ने भी 'कस्टमर डीलिंगÓ होती है वहां प्रशिक्षित होटल मैनेजमेंट ग्रेजुएटों की आवश्यकता होती है।
कार्य की प्रकृति : इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बहुत ज्यादा है। इस कारण भी सेवा के स्तरों में गुणात्मक सुधार हुआ है। होटल इंडस्ट्री ग्राहकों की सुविधा का इस हद तक ख्याल करता है कि बड़े होटलों में तो अब ग्राहक की पसंद नापसंद के अनुसार कमरे के रंग तक में परिवर्तन हो जाता है। यही नहीं, ग्राहक किस तरह के गद्दे, बिस्तर या तकिए में बेहतर महसूस करेगा, इस बात की भी तहकीकात उसके होटल में आने के पूर्व ही कर ली जाती है। जाहिर है, सेवा की गुणवत्ता बेहद ऊंची है और उसे पूरा करने के लिए गहन एवं आधुनिक ट्रेनिंग से युक्त मैनेजमेंट शिक्षा की जरूरत है। कमोबेश सभी होटलों, रेस्तरां व मोटल्स में असिस्टेंट मैनेजर, मैनेजर, पर्सनल मैनेजर एवं अन्य प्रबंधकीय स्टॉफ की एक पूरी फौज होती है जो यह सुनिश्चित करती है कि  'मेहमानÓ का प्रवास आरामदायक एवं सुखद हो। साथ ही यह भी देखनी है कि होटल के अन्य विभागों का काम निर्धारित तरीके से हो रहा है या नहीं। उनका काम केवल ग्राहक की संतुष्टिï पूर्ति नहीं है बल्कि सेवा के स्तर एवं गुणवत्ता की निरंतर जांच-परख भी है। इसके अतिरिक्त उन्हें सेवा क्षेत्र से संबंधित या जुड़े हुए दूसरे क्षेत्रों में हो रहे नित नए खोज एवं प्रयोगों से भी अवगत रहना पड़ता है ताकि वे उसी अनुरूप 'सर्विसÓ के के तौर-तरीकों में भी फेरबदल कर सकें।
होटल मैनेजमेंट ग्रेजुएटों को रूम रेंट के निर्धारण, विभागों के लक्ष्य तय करना, फंड के विभाजन, खान-पान के गुणवत्ता की जांच, साज-सज्जा, समारोह के आयोजन बाद जैसे कार्यों की जिम्मेदारी भी सौंपी जाती है। वे चाहें तो इनमें से किसी में विशेषज्ञता भी हासिल कर सकते हैं।
विभिन्न विभाग : होटल उद्योग में नित नए प्रयोग हो रहे हैं और वर्तमान में होटल मैनेजमेंट का जो स्वरूप है वह पहले से काफी भिन्न हैं। जैसे-जैसे लोगों की जरूरतें बढ़ी हैं वैसे-वैसे नए विभाग भी खुलते जा रहे हैं लेकिन प्रमुख रूप से कैटरिंग, फ्रंट ऑफिस, हाउस कीपिंग, एकाउंटिंग, सेल्स एंड मार्केटिंग, इंजीनियरिंग, फॉरकास्टिंग आदि विभाग ही हैं।
फ्रंट ऑफिस डिपार्टमेंट : यह विभाग मूलत: मेहमानों के स्वागत एवं उनके शुरुआती सुविधाओं का ख्याल रखता है।
हाउस कीपिंग डिपार्टमेंट : कमरों की सफाई, रख-रखाव एवं साज-सज्जा से ताल्लुक रखता है। इस विभाग में मेडï्स, क्लीनर आदि एक टीम भावना के तहत कार्य करते हैं और सफाई ही जिनका 'मिशनÓ है।
कैटरिंग - खाने के मेन्यू के चुनाव के साथ भोजन की पौष्टिïकता, व्यंजनों की उपयुक्तता, सर्विंग के तौर-तरीके से लेकर प्रशिक्षित कामगारों की नियुक्ति तक के कार्य इस विभाग के अन्तर्गत आते हैं।
एकाउंटिंग सेक्शन - पैसों के लगभग सभी लेन-देन की जिम्मेदारी इस विभाग की होती है। प्रत्युक्त एवं अप्रत्यक्ष झंग से होटल के लगभग सभी आर्थिक मामलों से यह विभाग जुड़ा होता है।
सेल्स एंड मार्केटिंग डिपार्टमेंट : होटल उद्योग में प्राय: सेमिनार, लॉचिंग, पार्टियां आदि होती रहती हैं। व्यापारिक मीटिंग के आयोजन से लेकर थीम पार्टी तक यह विभाग कराता है? यहां भी सेल्स एवं मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव जैसे पद होते हैं।
फॉरकास्टिंग डिपार्टमेंट : होटल व्यवसाय में नित नए बदलते प्रारूप की जानकारी देना, भविष्य में होटल उद्योग की महत्ता को बढ़ाने हेतु रिसर्च कार्य, लाभ के अन्य स्रोतों की तलाश संबंधित सभी कार्य इस विभाग से संचालित होते हैं। होटल इंडस्ट्री के इस वृहत क्षेत्र में प्रशिक्षित होटल मैनेजमेंट ग्रेजुएटों की मागं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। जाहिर है, इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं भी ज्यादा है।
मूलरूप से निम्न स्थानों पर उनकी नियुक्तियां संभावित है- स्टार होटल, रेलवे, टूरिस्ट होटल, लॉज, शॉपिंग कंपनी, गेस्ट हाउस/रेस्ट हाउस, कंसल्टेन्सी फर्म, मोटल्स, एयरवेज इसके अतिरिक्त कुछ लोग स्वास्थ्य व्यवसाय में भी अपने हाथ आजमा सकते हैं।
उपरोक्त कोर्सों में प्रशिक्षण के लिए कई सरकारी एवं निजी संस्थाएं देश में उपलब्ध है। इस संदर्भ में नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एवं कैटरिंग टेक्नोलॉजी का जिक्र अनिवार्य है।
चयन हेतु प्रवेश प्रक्रिया : नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एवं कैटरिंग टेक्नोलॉजी परिषद नई दिल्ली द्वारा देश भर में 19 होटल मैनेजमेंट संस्थान संचालित किए जा रहे हैं। इन संस्थानों में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को प्रवेश परीक्षा की दो चरणों से गुजरना पड़ता है।
लिखित एवं इंटरव्यू : लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए 63 केन्द्रों में से एक पर बुलाया जाता है। उम्मीदवार को मेडिकल टेस्ट से भी गुजरना होता है। अंतिम चयन लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार को मिलाकर ही होता है।
योग्यता : 10+2 उत्तीर्ण, 50 प्रतिशत अंकों के साथ (अनुसूचित जाति एवं जनजाति के उम्मीदवारों के लिए 45 प्रतिशत) अंग्रेजी अनिवार्य विषय के रूप में हो।
आयु सीमा - 22 वर्ष
प्रवेश परीक्षा के विषय - सभी सरकारी एवं प्राइवेट संस्थान सामान्यत: निम्नलिखित क्षेत्रों में ही छात्र की योग्यता की जांच करते हैं :-
इंग्लिश लैंग्वेज (अंग्रेजी भाषा)
न्यूमेरिकल एपटीटï्यूट (सांख्यिकीय अभियोग्यता)
साइंटिफिक एपटीटï्यूट (वैज्ञानिक अभिरुचि)
लॉजिकल रीजनिग (तार्किक ज्ञान)
जनरल अवयेरनेस (सामान्य ज्ञान)
कैसे करें आवेदन- प्रत्येक वर्ष देश के प्रमुख अखबारों एवं रोजगार समाचारों में दिसंबर एवं जनवरी माह में इसकी सूचना प्रकाशित होती है। नेशनल काउंसिल फॉर मैनेजमेंट एवं कैटरिंग टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली द्वारा संचालित देश भर के 19 होटल मैनेजमेंट संस्थानों में तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठï्यक्रम हैं जहां से पास करने क ेबाद नौकरी की संभावनाएं अच्छी हैं क्योंकि इसकी मान्यता विदेशों में भी है। ये शिक्षण संस्थान भारत में दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलूर, कलकत्ता, चंडीगढ़, गुवाहाटी, गोवा, गुरदासपुर, भुवनेश्वर, ग्वालियर, लखनऊ, कश्मीर, तिरुवनंतपुरमï्, शिमला, मद्रास, अहमदाबाद, जयपुर एवं भोपाल में स्थित हैं।
विभिन्न कोर्स
अंडरग्रेजुएट स्तर पर :
(क) होटल मैनेजमेंट में डिग्री
(ख) होटल प्रशासन में डिग्री
(ग) होटल प्रबंधन, कैटरिंग टेक्नोलॉजी एवं एप्लाइड न्यूट्रीशन में डिप्लोमा
(घ) होटल प्रबंधन में डिप्लोमा
पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर :
(क) हाउसकीपिंग में पीजी डिप्लोमा
(ख) फ्रंट ऑफिस में पीजी डिप्लोमा
(ग) डायटेटिक्स में पीजी डिप्लोमा
(घ) फूड प्रोडक्शन और मैनेजमेंट, कुकरी, बेकरी में पीजी डिप्लोमा
(ङ) होटल रिसेप्शन और बुककीपिंग में पीजी डिप्लोमा
(च) रेस्टोरेंट और काउंटर सर्विसेज में पीजी डिप्लोमा
(छ) ट्रेवल एंड टूरिज्म में पीजी डिप्लोमा
प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान
इंस्टीटï्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, लाइब्रेरी एवेन्यू, पूसा, न्यू दिल्ली- 110012
इंस्टीटï्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, 1100 क्वाटï्र्स, नीयर एकादमी ऑउ एडमिनिस्ट्रेशन, भोपाल-462016
इंस्टीटï्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कंपाउंड, अहमदाबाद-389015
इंस्टीटï्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, वीर सुरेंद्रा, साई नगर, भुवनेश्वर-75-14
इंस्टीटï्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, एस जे पॉलिटेक्निक कैंपस बेंगलूर-560001
इंस्टीटï्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, कैटरिंग टेक्नोलॉजी एंड एप्लाइड न्यूट्रीशन, ओल्ड एक्जीबीशन ग्राउंड, तारा टोला राड, कलकत्ता-70008
इंस्टीटï्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, वीर   सावरकर, मुंबई-400028
डॉ. अम्बेडकर इंस्टीटï्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, गवर्नमेंट सराय बिल्डिंग सेक्टर-32ए, चंडीगढ़
इंस्टीटï्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, सल्टू पोरोरिम व्रडेज, गोवा-403521
इंस्टीटï्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट कैटरिंग टेक्नोलॉजी एंड एप्लाइड न्यूट्रीशन, सीआईआईटी कैम्पस, थारामानी, पीओ चेन्नई-600113

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