भारतीय समाज शुरू से ही पुरूष प्रधान रहा है। आधुनिक युग के साथ बहुत कुछ बदला है मगर क्या महिलाओं के हालात में सुधार हो सका है। कल तक महिलाएं घर की चारदिवारी में रहकर काम करती थी और आज वह पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिला कर काम कर रही हैं। महिलाओं और पुरुषों के बीच उन्मुक्तता, चुहल, फ्लर्ट, प्रेम और सेक्स का दौर आम हो गया है। जहां पहले यह सब पर्दे के पीछे छुप-छुप कर होता था वहीं अब इसे आधुनिक समझा जाता है।
इस मामले में अलग-अलग देशों में अलग-अलग स्थितियां हैं मगर आज दफ्तरों में पुरुष और महिला कर्मियों के बीच सेक्स के चर्चे और यहां तक कि यौन शोषण के मामले बहुत बढ़ गए हैं। ऑफिस में कैसा व्यवहार करें इसे लेकर लोगों का नजरिया हमेशा बदलता रहा है।
ऑफिस में बॉस की सेक्रेटरी का होना आम बात है और अधिकतर इन दोनों के किस्से ही दफ्तर में मशहूर होते हैं। सेक्रेटरी की नौकरी काफी मुश्किल भरी होती है। सेक्रेटरी को न केवल अपने बॉस को खुश करना होता है बल्कि बॉस की बीवी को भी खुश रखना होता है ताकि दोनों के रिश्ते पर कोई सवाल न उठाया जाए।
ऐसा भी नहीं है कि बॉस ही अपने सेक्रेटरी को फंसाने की फिराक में रहता है। कई बार मामला इसके उलट भी होता है। कुछ लड़कियों का मानना है कि नौकरी में बेहतर अवसर पाने के लिए अपनी सेक्स अपील का प्रयोग करना उन्हें जरा भी गलत नहीं लगता। मनमुताबिक नौकरी पाने के लिए सेक्स का रास्ता अख्तियार करना कहां तक सही है?
नौकरी पाने के लिए लोग फ्लर्ट तो करते हैं लेकिन इसके लिए किसी के साथ हमबिस्तर नहीं होते। कुछ नौकरी हासिल करने के लिए भर्ती करने वाले के साथ सोना तो चाहते हैं लेकिन वे उस दिशा में कदम बढ़ाने का साहस नहीं कर पाते।
पहले शादी के बाद महिलाओं का करियर थम जाता था। अब शादी के बाद नौकरी न करने की परंपरा टूटने लगी है। शादी के बाद भी करियर बनाने की संभावनाएं बढ़ने लगी हैं। विज्ञापन और प्रकाशन जगत में महिलाएं सेक्रेटरी से ऊपर के पदों पर भी काम करने लगी हैं।
पुरुषों द्वारा कामुकता के किस्से तो हम सुनते ही हैं लेकिन विभिन्न कंपनियों की महिला बॉस द्वारा अपने जूनियर पुरुष कर्मचारियों का शोषण करने के बारे में अभी भी कोई बात नहीं होती। महिला बॉसों से जुड़े किस्से तो बहुत होते हैं लेकिन असली कहानियां कभी सामने नहीं आती।
इस मामले में अलग-अलग देशों में अलग-अलग स्थितियां हैं मगर आज दफ्तरों में पुरुष और महिला कर्मियों के बीच सेक्स के चर्चे और यहां तक कि यौन शोषण के मामले बहुत बढ़ गए हैं। ऑफिस में कैसा व्यवहार करें इसे लेकर लोगों का नजरिया हमेशा बदलता रहा है।
ऑफिस में बॉस की सेक्रेटरी का होना आम बात है और अधिकतर इन दोनों के किस्से ही दफ्तर में मशहूर होते हैं। सेक्रेटरी की नौकरी काफी मुश्किल भरी होती है। सेक्रेटरी को न केवल अपने बॉस को खुश करना होता है बल्कि बॉस की बीवी को भी खुश रखना होता है ताकि दोनों के रिश्ते पर कोई सवाल न उठाया जाए।
ऐसा भी नहीं है कि बॉस ही अपने सेक्रेटरी को फंसाने की फिराक में रहता है। कई बार मामला इसके उलट भी होता है। कुछ लड़कियों का मानना है कि नौकरी में बेहतर अवसर पाने के लिए अपनी सेक्स अपील का प्रयोग करना उन्हें जरा भी गलत नहीं लगता। मनमुताबिक नौकरी पाने के लिए सेक्स का रास्ता अख्तियार करना कहां तक सही है?
नौकरी पाने के लिए लोग फ्लर्ट तो करते हैं लेकिन इसके लिए किसी के साथ हमबिस्तर नहीं होते। कुछ नौकरी हासिल करने के लिए भर्ती करने वाले के साथ सोना तो चाहते हैं लेकिन वे उस दिशा में कदम बढ़ाने का साहस नहीं कर पाते।
पहले शादी के बाद महिलाओं का करियर थम जाता था। अब शादी के बाद नौकरी न करने की परंपरा टूटने लगी है। शादी के बाद भी करियर बनाने की संभावनाएं बढ़ने लगी हैं। विज्ञापन और प्रकाशन जगत में महिलाएं सेक्रेटरी से ऊपर के पदों पर भी काम करने लगी हैं।
पुरुषों द्वारा कामुकता के किस्से तो हम सुनते ही हैं लेकिन विभिन्न कंपनियों की महिला बॉस द्वारा अपने जूनियर पुरुष कर्मचारियों का शोषण करने के बारे में अभी भी कोई बात नहीं होती। महिला बॉसों से जुड़े किस्से तो बहुत होते हैं लेकिन असली कहानियां कभी सामने नहीं आती।
