सेंसर डिवाइस डर के आगे जीत

सेंसर डिवाइस डर के आगे जीत
वे एक फैशन डिजाइनर हैं। वेडिंग प्लानर भी हैं। दिल्ली के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी से पढाई पूरी करने के बाद अपना एक फैशन स्टोर चलाते हैं, लेकिन उन्होंने कुछ ऐसा इनोवेशन किया है, जो वूमन की सेफ्टी में काफी हेल्पफुल हो सकता है। यश भाटिया ने एक खास फियर सेंसर डिवाइस तैयार की है, जो किसी भी इमरजेंसी से पहले लडकियों को अलर्ट करने के साथ ही उनके फैमिली मेंबर्स या फ्रेंड्स को भी अलर्ट कर देगी।
वाइफ से मिला आइडिया
यश ने बताया कि बीते साल दिल्ली में जब रेप कांड को लेकर आंदोलन हो रहे थे, तो वे टीवी पर उसे देखते थे। उसी समय उन्हें फील हुआ कि लडकियों की सेफ्टी का इश्यू काफी बडा है और इसके लिए कुछ ठोस करना होगा, सिर्फ पुलिस रिफॉर्म या प्रोटेस्ट से बात नहीं बनेगी। यश की एक बेटी है और वे नहीं चाहते हैं कि उसे किसी तरह की मुसीबत का सामना करना पडे। वे कहते हैं, मेरी वाइफ ने बताया कि आमतौर पर लडकियों का सिक्सथ सेंस काफी स्ट्रॉन्ग होता है। इस तरह उन्हें एक ऐसी डिवाइस बनाने का ख्याल आया, जो इस सेंस की हेल्प से ग‌र्ल्स को खतरे से पहले ही अलर्ट कर दे। यश ने काफी ऑनलाइन स्टडीज की। डॉक्टर्स और एक्सप‌र्ट्स से मिले। आखिर में उन्हें सेंसर टेक्नोलॉजी में इसका सॉल्यूशन नजर आया और आठ महीने की कडी मेहनत के बाद फियर सेंसर डिवाइस तैयार हुआ।
कैसे करती है काम
यश ने बताया कि फियर सेंसर डिवाइस एक मॉडर्न माइंड रीडर है, जो किसी भी हमले या खतरे से पहले डर को भांप लेता है। किसी भी डर की स्थिति में हमारा पल्स रेट अचानक बढ जाता है और यह डिवाइस इसे सेंस कर लेता है। इस डिवाइस को कपडे के नीचे पहना जाता है और यह यूजर के हैंडसेट के ब्लूटूथ से कनेक्ट रहता है। किसी भी खतरे से पहले यह डिवाइस फोन लिस्ट में शामिल लोगों को हेल्प मी मैसेज भेजती है। साथ ही यूजर की लोकेशन भी बताती है, जिससे कि उनके पास पहुंचना ईजी हो जाता है। इसमें ऑटोमैटिक अपडेट्स भी होते रहते हैं। यश कहते हैं, जैसे ही किसी लडकी का सामना किसी खतरे से होता है, तो माइंड-बॉडी फ्रीज मोड में चली जाती है। उसे समझ नहीं आ पाता कि कैसे रिएक्ट करें। ऐसे में अगर उसके पास पेपर स्प्रे भी हो, तो वह उसे यूज नहीं कर पाती है। इस तरह एक ऑटोमैटिक फियर सेंसर डिवाइस उसके लिए ज्यादा हेल्पफुल हो सकती है।
फ्लाइट रिस्पॉन्स थ्यौरी पर बेस्ड
यश कहते हैं कि ये सेंसर डिवाइस अमेरिकी साइंटिस्ट वॉल्टर कैनन की फाइट और फ्लाइट रिस्पॉन्स थ्योरी पर बेस्ड है, जिसके मुताबिक एक इंसान जब डर या स्ट्रेस महसूस करता है, तो उसका हार्ट बीट बढ जाता है, सांसें तेज चलने लगती हैं और बॉडी में दूसरे चेंजेज होने लगते हैं। ऐसा सिंपेथेटिक नर्वस सिस्टम के एड्रेनेलिन और कॉर्टिजोल नामक हारमोन रिलीज करने से होता है। इससे ब्रेन का थैलेमस रीजन एक्टिवेट हो जाता है और वह कॉर्टेक्स के साथ हाइपोथैलेमस को एक्शन लेने के लिए अलर्ट कर देता है। जैसे ही खतरा टलता है, बॉडी 20 से 60 मिनट में दोबारा अपने नॉर्मल लेवल पर आ जाती है। कॉर्टेक्स ही किसी भी तरह के इमोशनल बिहेवियर या फीलिंग पैदा करने के लिए रिस्पॉन्सिबल होता है। यश कहते हैं कि उन्होंने इस कॉन्सेप्ट की मदद से ही यह डिवाइस तैयार की है।
फ्यूचर प्लानिंग
यश ने इस डिवाइस के पेटेंट के लिए अप्लाई कर दिया है। फिलहाल वे हांगकांग की आरऐंडडी कंपनी के अलावा मोबाइल और दूसरी टेक्नोलॉजी बेस्ड कंपनीज के साथ कोलैबरैट और पार्टनरशिप की बातचीत में हैं। उन्हें उम्मीद है कि इसके आने से वर्रि्कग वूमन और स्टूडेंट्स को फायदा होगा। इस साल नवंबर महीने में डिवाइस को लॉन्च करने के बाद कोई भी कस्टमर फ्री में इसकी बुकिंग करा सकता है। वैसे, इस डिवाइस की प्राइस 7 हजार से लेकर 10 हजार रुपये के बीच आ सकती है। उन्होंने बताया कि 2014 के फरवरी महीने से यह मार्केट में आ जाएगी।

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