इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भविष्य


लगभग सभी विज्ञान एवं गणित के विद्यार्थियों का सपना होता है कि वो इंजीनियर बने और ग्लेमर की दुनिया में प्रवेश कर असीमित आय अर्जित करें किन्तु यह इतना आसान नहीं जिसे जो चाहे प्राप्त कर लें याद रखें कि इस व्यवसाय में प्रवेश हेतु कड़ी प्रतियोगिता प्रारंभ हो चुकी है।
अत: केवल वे विद्यार्थी जो प्रारूप को वास्तविकता का जामा पहनाने की क्षमता रखता हो, तीव्र कल्पना शक्ति लिये हुये गणनात्मक मस्तिष्क के साथ यांत्रिक तर्कशक्ति रखते हो अपने दृढ़ आत्मविश्वास के सहारे विपरीत परिस्थितियों में भी कार्य सम्पन्न कर सकें वे ही इस व्यवसाय के लिये उपयुक्त साबित होंगे।
व्यवसाय का क्षेत्र
सभी क्षेत्रों का विकास और औद्योगिकीकरण का कमाल इंजीनियरों की मेहनत ही है इनमें चाहे सड़कों का निर्माम हो, पुलों का निर्माण हो, बड़ी-बड़ी बिल्डिंग, मशीनें, कारखाने उसमें लगे पुर्जे औजार, कार, स्कूटर, कम्प्यूटर ऊर्जा व ऊर्जा संयंत्र, इस्पात एवं सभी सुख-सुविधा की वस्तुएं सब इन्हीं की कारीगरी का कमाल है। अत: प्रत्येक तकनीकी क्षेत्र इंजीनियरी से जुड़ा हुआ है तथा इसकी विभिन्न ब्रांचेज हैं।
प्रतिष्ठिïत एवं मान्य शिक्षण संस्थान
देश में इस शिक्षा के क्षेत्र में अनेक प्रतिष्ठिïत एवं मान्य शिक्षण संस्थान हैं जो बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद विद्यार्थियों को बैचल ऑफ इंजीनियरिंग या बैचलर ऑफ टैक्नोलॉजी (वी.टैक) की उपाधि प्रदान कराते हैं। लगभग सभी राज्यों में इन कॉलेजों में एडमिशन का आधार प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होता है। तीक्ष्ण बुद्धि वाले छात्र भारतीय प्रौद्योगिक संस्थानों मेंं प्रवेश प्राप्त करने का प्रयास करते हैं जिनमें प्रवेश ज्वाइन्ट एन्टरेंश अर्थातï् संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से होता है। ये परीक्षाएं जनवरी माह में विज्ञापन के द्वारा मई मास में प्रत्येक वर्ष परीक्षाओं का आयोजन कर विद्यार्थियों का चयन उनमें उपलब्ध सीटों के आधार पर किया जाता है। भारत में ये आई.आई.टी. संस्थान मुम्बई, गुवाहाटी, दिल्ली, चेन्नई, कलकत्ता और कानपुर में स्थित है। इन्हीं के साथ बनारस, हिन्दू विश्वविद्यालय और धनबाद स्थित खान विद्यालय के विभिन्न पाठï्यक्रमों में भी प्रवेश पा सकते हैं। साथ ही समुद्र विज्ञान में इंजीनियरी के इच्छुक मुम्बई अथवा कलकत्ता से 4 वर्षीय समुद्री इंजीनियरिंग का कोर्स कर सकते हैं।
आयु सीमा
आई.आई.टी. संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में 20 वर्ष से अधिक आयु के विद्यार्थी पात्र नहीं होते किन्तु अनुसूचित जाति तथा जनजाति के छात्रों को आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट प्रदान है। वैसे इसमें वे ही विद्यार्थी जो 10+2 विज्ञान एवं गणित विषय के साथ उत्तीर्ण हो पात्र हैं किन्तु 12 वीं कक्षा की परीक्षा में बैठ रहे छात्र भी परीक्षा के योग्य हैं। ऐसे छात्र जो तीन वर्षीय डिप्लोमाधारी हैं इसके पात्र समझे जाते हैं।
अनुसूचित जाति, जनजाति हेतु आरक्षण
प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से प्रवेश में अनुसूचित जाति के छात्रों हेतु 15 प्रतिशत तथा जनजाति के छात्रों हेतु साढ़े सात प्रतिशत सीटें आरक्षित रखी जाती हैं। साथ ही प्रत्येक संस्थान में एक-एक सीट विकलांग तथा सैनिकों के आश्रितों जो युद्ध के दौरान वीरगति को प्राप्त हुये या अपंग हो गये हेतु होती है। छात्रों का चयन उनके मैरिट के आधार पर होता है।
प्रवेश का पाठï्यक्रम
सभी आई.आई.टी. संस्थानों में संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से प्रत्येक छात्र की मैरिट आधार पर उसे बी.टैक, वी. आर्क, बी. फार्मा एकीकृत एम.एससी., एम. टैक, प्रशिक्षण पोत, टी.एस. (चाणक्य) मुम्बई के तीन वर्षीय बी.एस.सी. नेवी विज्ञान, समुद्र इंजीनियरी पाठï्यक्रम तथा इण्डियन स्कूल ऑफ माइन्स धनबाद के खनन इंजीनियरी से सम्बन्धित पाठï्यक्रमों के प्रथम वर्ष में प्रवेश दिया जाता है।
प्रदेश में शिक्षण संस्थान तथा उनमें प्रवेश
अपने राज्य राजस्थान में इन कॉलेजों में प्रवेश हेतु कोई भी विद्यार्थी जिसने सीनियर हायर सैकण्डरी विज्ञान एवं गणित विषय के साथ उत्तीर्ण कर ली है तथा जिसकी आयु 17 वर्ष की पूरी हो चुकी है। संयुक्त प्रवेश प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से जिसे पी.ई.टी. कहा जाता है बैठकर प्रवेश पा सकता है। 12वीं कक्षा की परीक्षा दे रहे आशार्थी भी इसके पात्र हो सकते हैं।
इस प्रवेश परीक्षा के माध्यम से राजस्थान में पांच निर्धारित कॉलेजों की सीटों तथा अन्य सभी रीजनल कॉलेजों की निर्धारित सीटों के लिये भी इसी मैरिट सूची के आधार पर प्रवेश मिल सकता है ये संस्थान निम्न प्रकार हैं-
1. मालवीया रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज, जयपुर
2. एम.बी.एम. इंजीनियरिंग कॉलेज, जोधपुर
3. इंजीनियरिंग कॉलेज, कोटा
4. एम.एल.बी. टैक्सटाइल इंस्टीटï्यूट, भीलवाड़ा
5. कॉलेज ऑफ टैक्नोलोजी एण्ड एग्रीकलचरल इंजीनियरिंग, उदयपुर
आयु सीमा
पी.ई.टी. परीक्षा में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों को 17 वर्ष की आयु पूरी करना एवं 23 वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिये। जो आवेदन पत्र में नियत तिथियों को मांगी जाती हैं।
प्रश्न-पत्र
इस प्रवेश परीक्षा में विद्यार्थियों के लिये तीन-तीन घंटे के तीन प्रश्न-पत्र भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र तथा गणित विषय हेतु वस्तुनिष्ठï बहुविकल्पित प्रकार के होते हैं जिनमें 3-4 संभावित उत्तर भी दिये होते हैं प्रत्येक वैकल्पिक उत्तर संभावित सही प्रतीत होता है ऐसी स्थिति में बिल्कुल सही जवाब देना ही बुद्धि की असली परीक्षा होती है। परीक्षा में निगेटिव मार्किंग होती है। परीक्षा में प्रवेश हेतु विवरणिका समाचार पत्रों में प्राप्त विज्ञापन अनुसार प्राप्त की जा सकती है।
रोजगार की संभावनाएं
देश के विभिन्न संस्थानों जैसे भारतीय रेल, रेल भण्डार सेवा, केन्द्रीय जल, इंजीनियरिंग सेवा, सैनिक इंजीनियरिंग सेवा, भारतीय सर्वेक्षण सेवा, डाकतार भवन निर्माण सेवा, केन्द्रीय इंजीनियरिंग सेवा, सीमा सड़क इंजीनियरिंग भारतीय आयुध कारखाना आदि सेवाओं हेतु विभिन्न इंजीनियरों के पदों हेतु संघ लोक सेवा आयोग के माध्यम से प्रतिवर्ष परीक्षा आयोजित कर चयन किया जाता है।
उपरोक्त संस्थानों के अतिरिक्त भी अनेक संस्थानों में इंजीनियरों के विभिन्न पद इस माध्यम से भरे जाते हैं।
निजी क्षेत्र में आजकल इंजीनियरों की सेवाएं उनको सुख सुविधा वेतन भत्ते भी बड़े आकर्षक प्राप्त हो रहे हैं।
उपरोक्त के अतिरिक्त भारतीय प्रशासनिक सेवाओं एवं राज्य स्तरीय प्रशासनिक सेवाओं में भी नियुक्ति प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।
राज्य के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में निगमों में स्थानीय निकायों में बोर्डों में भी इंजीनियरों के विभिन्न पदों पर नियुक्ति प्राप्त की जा सकती है। सरकारी कार्यालयों में नौकरी प्राप्त करने हेतु लोक सेवा आयोग के विज्ञापनों में विज्ञापित पदों के विरुद्ध रिक्तियों हेतु आवेदित कर नियुक्तियां प्राप्त की जा सकती हैं।

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