आज सभी विषयों में ग्रैजुएशन तथा मास्टर डिग्री कोर्स के अलावा अनेक सर्टीफिकेट कोर्स एवं डिप्लोमा भी पत्राचार माध्यम से दूरस्थ शिक्षा के रूप में उपलब्ध हैं। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को सभी संबंधित विषयों का बुनियादी ज्ञान प्रदान करना होता है। अधिकतर पत्राचार पाठ्यक्रम विश्वविद्यालयों द्वारा चलाए जाते हैं और इनमें सभी विषय-विधाओं के 10+2 छात्रों को प्रवेश दिया जाता है।
कुछ प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश एक चयन परीक्षा के माध्यम से दिया जाता है। पत्राचार शिक्षा ने हमारे देश की शिक्षा प्रणाली में एक आश्चर्यजनक परिवर्तन ला दिया है। पत्राचार माध्यम से अध्ययन करने वाले छात्रों को शिक्षा प्रदान करने के लिए विभिन्न आधुनिक तकनीकों का सहारा भी दिया जा रहा है। उपग्रह संचार, लो पावर ट्रांसमीटर्स की सहायता एवं सूचना सुपर-हाइवेज के माध्यम से देश भर में शिक्षा का प्रसार हो रहा है।
देश में अनेक मुक्त विश्वविद्यालय तथा उससे भी अधिक नियमित विश्वविद्यालय तथा कई अन्य संस्थाएं दूरस्थ अध्ययन कार्यक्रम चलाते हैं। दूरस्थ शिक्षा पद्धति कई श्रेणियों के शिक्षार्थियों, विशेष रूप से देरी से पढ़ाई शुरू करने वालों, जिन व्यक्तियों के घर के पास उच्चतम शिक्षा साधन नहीं है, सेवारत व्यक्तियों और अपनी शैक्षिक योग्यताएं बढ़ाने के इच्छुक व्यक्तियों को लाभ प्रदान कर रही है।
मुक्त विश्वविद्यालय ऐसे लचीले पाठ्यक्रम विकल्प देते हैं जिन्हें वे छात्र ले सकते हैं जिनके पास कोई औपचारिक योग्यता नहीं है किन्तु अपेक्षित आयु (प्रथम डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए 18 वर्ष) के हो चुके हैं और लिखित प्रवेश परीक्षा भी उत्तीर्ण कर चुके हैं। ये पाठ्यक्रम छात्र अपनी सुविधानुसार भी ले सकते हैं। विश्वविद्यालयों के दूरस्थ शिक्षा केंद्र न्यूनतम पात्रता रखने वाले उम्मीदवारों को प्रवेश देते हैं। यह पात्रता नियमित पाठ्यक्रमों के समान ही होती है। पत्राचार शैक्षिक संस्थाएं छात्रों को पाठ्यक्रम सामग्री के साथ-साथ संपर्क कक्षाएं भी उपलब्ध कराती हैं और परीक्षाएं संचालित करती हैं।
अधिकांश विश्वविद्यालय मुद्रित अध्ययन सामग्री के अलावा अपने स्थानीय केंद्रों पर मल्टीमीडिया साधनों से भी छात्रों को शिक्षित करते हैं। ये विश्वविद्यालय ग्रैजुएशन पाठ्यक्रम, मास्टर डिग्री पाठ्यक्रम, एम.फिल पीएच.डी. तथा डिप्लोमा एवं सर्टीफिकेट पाठ्यक्रम भी चलाते हैं जिनमें से अधिकांश पाठ्यक्रम करियर उन्मुखी होते हैं।
पत्राचार माध्यम से शिक्षा प्रदान करने वाले प्रमुख विश्वविद्यालय
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, मैदान गढ़ी, नई दिल्ली
* पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़
* पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला, पंजाब
* गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर, पंजाब
* वर्धमान महावीर मुक्त विश्वविद्यालय, कोटा, राजस्थान
* नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय, तीसरी मंजिल, बिस्कोमान भवन, पश्चिम गांधी मैदान, पटना, बिहार
* डा. बी.आर. अम्बेदकर मुक्त विश्वविद्यालय, जी. राम रैड्डी मार्ग, मार्ग सं. 46, जुबली हिल्स, हैदराबाद, आंध्र प्रदेश
* यशवंतराव चह्वाण महाराष्ट्र मुक्त विश्वविद्यालय, ध्यान गंगोत्री, गंगापुर डैम के पास, नासिक , महाराष्ट्र
कुछ प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश एक चयन परीक्षा के माध्यम से दिया जाता है। पत्राचार शिक्षा ने हमारे देश की शिक्षा प्रणाली में एक आश्चर्यजनक परिवर्तन ला दिया है। पत्राचार माध्यम से अध्ययन करने वाले छात्रों को शिक्षा प्रदान करने के लिए विभिन्न आधुनिक तकनीकों का सहारा भी दिया जा रहा है। उपग्रह संचार, लो पावर ट्रांसमीटर्स की सहायता एवं सूचना सुपर-हाइवेज के माध्यम से देश भर में शिक्षा का प्रसार हो रहा है।
देश में अनेक मुक्त विश्वविद्यालय तथा उससे भी अधिक नियमित विश्वविद्यालय तथा कई अन्य संस्थाएं दूरस्थ अध्ययन कार्यक्रम चलाते हैं। दूरस्थ शिक्षा पद्धति कई श्रेणियों के शिक्षार्थियों, विशेष रूप से देरी से पढ़ाई शुरू करने वालों, जिन व्यक्तियों के घर के पास उच्चतम शिक्षा साधन नहीं है, सेवारत व्यक्तियों और अपनी शैक्षिक योग्यताएं बढ़ाने के इच्छुक व्यक्तियों को लाभ प्रदान कर रही है।
मुक्त विश्वविद्यालय ऐसे लचीले पाठ्यक्रम विकल्प देते हैं जिन्हें वे छात्र ले सकते हैं जिनके पास कोई औपचारिक योग्यता नहीं है किन्तु अपेक्षित आयु (प्रथम डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए 18 वर्ष) के हो चुके हैं और लिखित प्रवेश परीक्षा भी उत्तीर्ण कर चुके हैं। ये पाठ्यक्रम छात्र अपनी सुविधानुसार भी ले सकते हैं। विश्वविद्यालयों के दूरस्थ शिक्षा केंद्र न्यूनतम पात्रता रखने वाले उम्मीदवारों को प्रवेश देते हैं। यह पात्रता नियमित पाठ्यक्रमों के समान ही होती है। पत्राचार शैक्षिक संस्थाएं छात्रों को पाठ्यक्रम सामग्री के साथ-साथ संपर्क कक्षाएं भी उपलब्ध कराती हैं और परीक्षाएं संचालित करती हैं।
अधिकांश विश्वविद्यालय मुद्रित अध्ययन सामग्री के अलावा अपने स्थानीय केंद्रों पर मल्टीमीडिया साधनों से भी छात्रों को शिक्षित करते हैं। ये विश्वविद्यालय ग्रैजुएशन पाठ्यक्रम, मास्टर डिग्री पाठ्यक्रम, एम.फिल पीएच.डी. तथा डिप्लोमा एवं सर्टीफिकेट पाठ्यक्रम भी चलाते हैं जिनमें से अधिकांश पाठ्यक्रम करियर उन्मुखी होते हैं।
पत्राचार माध्यम से शिक्षा प्रदान करने वाले प्रमुख विश्वविद्यालय
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, मैदान गढ़ी, नई दिल्ली
* पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़
* पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला, पंजाब
* गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर, पंजाब
* वर्धमान महावीर मुक्त विश्वविद्यालय, कोटा, राजस्थान
* नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय, तीसरी मंजिल, बिस्कोमान भवन, पश्चिम गांधी मैदान, पटना, बिहार
* डा. बी.आर. अम्बेदकर मुक्त विश्वविद्यालय, जी. राम रैड्डी मार्ग, मार्ग सं. 46, जुबली हिल्स, हैदराबाद, आंध्र प्रदेश
* यशवंतराव चह्वाण महाराष्ट्र मुक्त विश्वविद्यालय, ध्यान गंगोत्री, गंगापुर डैम के पास, नासिक , महाराष्ट्र
