कला से मिलेनियर

कला से मिलेनियर
पैशन से प्रोफेशन तक
इंडिया के कंटेंपरेरी यंग आर्टिस्ट्स आर्ट स्पेस में अपनी एक खास जगह बनाते जा रहे हैं। पेंटिंग के पैशन को इन्होंने अपना प्रोफेशन बनाया है। इनमें से कुछ को तो पैदाइशी आर्टिस्ट कहा जा सकता है, जबकि कई यंगस्टर्स ने अपने कॉरपोरेट और दूसरे जॉब्स छोडकर अलग-अलग आ‌र्ट्स को अपनाया। आज इनके इन्हींकाम को सराहा भी जा रहा है और उन्हें कॉमर्शियल सक्सेस भी मिल रही है। 23 साल की अलीशा भसीन को सबने डिस्करेज किया कि वे पेंटिंग में करियर न बनाएं क्योंकि हर कोई एमएफ हुसैन नहीं हो सकता है, मगर अलीशा ने इसे चैलेंज की तरह लिया और आज अपने ब्रांड इंटरनेशनल लेवल तक पहुंचा दिया है।
बेलीनोज को बनाया कलरफुल
दिल्ली की अलीशा भसीन अक्सर ग‌र्ल्स को मोनोटोनस बेलीज में देखा करती थीं। मन में आया, क्यों न ऐसा कुछ तैयार करें, जो सिर्फ उनके पास हो। इस तरह इन्होंने बेलीज को हैंडपेंट करना शुरू किया और देखते ही देखते वे इतनी हिट हो गईं कि अलीशा ने अल आ‌र्ट्ज जैसा ब्रांड खडा कर दिया। अलीशा कहती हैं कि डेली यूज में आने वाले सभी प्रोडक्ट की आज काफी डिमांड है।
दिल की हैं सुनते
ऋषिदेव आरके ने केरल के कन्नूर से फाइन आ‌र्ट्स में ग्रेजुएशन करने के बाद बेंगलुरु में एडवरटाइजिंग कैंपेंस से अपना करियर शुरू किया। फ्री टाइम में पेंटिंग करते थे। इनका कैनवास ट्रंक बॉक्स, स्नीकर, ज्वैलरी, बैग्स, क्ले कुछ भी हो सकता था। वे कहते हैं कि जब भी केरल के ट्रेडिशनल डांस फॉ‌र्म्स को देखते थे, तो उनके कलर्स इन्हें इंस्पायर करते थे। इस तरह हमेशा अपने दिल की सुनने वाले ऋषिदेव ने पेंटिंग और इलेस्ट्रेशन पर फोकस हो काम करना शुरू किया और आज एक पेंटर, स्कल्प्चरर, इलेस्ट्रेटर के साथ-साथ आर्ट डायरेक्टर भी बन चुके हैं। इन दिनों वे वेडेन ऐंड केनेडी कंपनी में काम भी कर रहे हैं। ऋषिदेव के मुताबिक, डिजिटल मीडियम के आने से यंग आर्टिस्ट्स के लिए काफी अपॉच्र्युनिटीज बनी हैं। वे तमाम तरह के एक्सपेरिमेंट्स कर रहे हैं। अपना वर्क डिस्प्ले करने के लिए इन्हें अब आर्ट गैलरीज के चक्कर लगाने की जरूरत भी नहीं पड रही है, बल्कि अपनी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुडकर वे अपने काम को सबके सामने रख रहे हैं। जिनका काम अच्छा होता है, उन्हें कस्टमर मिलने में भी देर नहीं लगती। ऋषिदेव भी ऑनलाइन गैलरीज की हेल्प लेते हैं जिससे उन्हें इंडिया के अलावा जापान और क्वॉलालंपुर जैसे कंट्रीज से ऑर्डर मिल रहे हैं।
हॉबी बनी प्रोफेशन
निधि भाटिया को बचपन से पेंटिंग का शौक था। इंदौर से बीए करने के बाद उन्होंने बीएड किया। इसके अलावा एक प्रोफेशनल टेक्सटाइल डिजाइनर के तौर पर काम किया, लेकिन फ्री टाइम में जब भी मौका मिलता, तो पेंटिंग बनातीं और उसे घर में लगा देतीं। साल 2003 में इन्होंने पेंटिंग को ही अपना प्रोफेशन बनाने का डिसीजन लिया। कहती हैं, मैंने आर्ट गैलरीज, एग्जीबिशंस में जाना स्टार्ट किया। इससे मुझे सीखने को मिला कि कैसे अपनी आर्ट को लार्जर ऑडिएंस तक पहुंचाया जा सकता है। इस तरह ग्रेटर कैलाश स्थित आर्ट गैलरी में कुछ पेंटिंग्स डिस्प्ले कराई, इनमें कई पेंटिंग्स बिक भी गई। लोगों ने उनकी आर्ट को पसंद किया, जिससे वे नए असाइनमेंट्स करती गई। 2008 में निधि ने अपना पहला सोलो एग्जीबिशन हैदराबाद की स्टेट आर्ट गैलरी में लगाया। इसके बाद दिल्ली के एट्रियम और होटल ताज में शोज हुए। शुरू में उन्होंने कई मीडियम ट्राई किया, लेकिन अब वॉटर कलर ही उनका फेवरेट मीडियम है। इनकी पेंटिंग्स में नेचर और लैंडस्केप खूबसूरती से उकेरे गए होते हैं। निधि कहती हैं कि उनकी पहली पेंटिंग 2000 रुपये में बिकी थी, जबकि कुछ समय पहले एक लाख 30 हजार रुपये में एक पेंटिंग बिकी है, क्योंकि आज लोग आर्ट में इनवेस्ट करना पसंद करने लगे हैं। ये अब कोई लग्जरी नहीं रही।
सेल्फ मेड आर्टिस्ट
अर्चन नायर दिल्ली में फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कर रहे थे, लेकिन 2006 में पिता की अचानक डेथ के बाद 24 साल की एज में उन्हें गारमेंट एक्सपोर्ट का अपना फैमिली बिजनेस संभालना पडा। इस सिलसिले में अर्चन को अक्सर यूरोप के टूर पर जाना पडता था। वहां जब वे किसी आर्ट गैलरी में जाते, तो वह उन्हें फैसिनेट करतीं। इसी तरह इंडिया में राजस्थान के ट्रेडिशनल ब्लॉक आर्ट और एंब्रॉयडरी देखकर उन्हें कला से एक तरह का अट्रैक्शन हो गया। अर्चन कहते हैं, मुझे हर तरह की आर्ट पसंद आती थी, क्योंकि सभी में एक्सप्रेशन अलग होते थे। मैंने भी अपने ऑफिस में एक स्टूडियो सेटअप किया और देर रात तक पेंटिंग करने लगा। एक एडिक्शन सा हो गया। आखिर में 2007 के सितंबर महीने में डिसाइड कर लिया कि पेंटिंग को ही फुलटाइम प्रोफेशन बनाना है। सबने विरोध किया, लेकिन 2008 तक अर्चन ने बिजनेस बंद कर साकेत में एक नया स्टूडियो स्टार्ट कर लिया। इस तरह वे बिजनेसमैन से एक सेल्फ मेड विजुअल आर्टिस्ट, इलेस्ट्रेटर और आर्ट डायरेक्टर बन गए। वे बेसिकली एक्रिलिक मीडियम में पेंटिंग करते हैं। खूबसूरत ऐब्सट्रैक्ट पेंटिंग बनाते हैं, लेकिन मिक्स्ड मीडिया में भी स्पेशलाइजेशन रखते हैं। अर्चन कहते हैं कि डिजिटल मीडियम, आर्ट गैलरीज और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए एवेन्यूज बढने से मॉडर्न आर्टिस्ट्स कई सारे कैनवास और आइडियाज पर काम कर रहे हैं, जिससे आर्ट फील्ड में करियर बनाना अब पहले से ज्यादा आसान हो गया है। हालांकि इनका कहना है कि एक आर्टिस्ट तभी सक्सेसफुल होता है जब उसके आर्टवर्क में पॉजिटिविटी दिखाई दे। आज अर्चन सोनी, नाइक, कैमलीन, इनफिनिटी, रेड बुल, जनरल मोटर्स जैसी कंपनियों के लिए ऐड डिजाइन कर रहे हैं। इसके अलावा दूसरे आर्ट लवर्स के बीच भी इनकी पेंटिंग्स की काफी डिमांड है।
कॉरपोरेट जॉब में नहीं लगा मन
फाइनेंस में एमबीए स्वाति सिंह कुछ साल पहले तक कॉरपोरेट जॉब करती थीं, लेकिन वहां इनका मन नहीं लगा। पेंटिंग में मन लगता था, रंगों से खुशी मिलती थी, तो बस अपने दिल की सुनी और उसे ही अपना फुलटाइम प्रोफेशन बना लिया। स्वाति बताती हैं कि ये डिसीजन लेना थोडा टफ था। पैरेंट्स थोडे शॉक्ड हुए थे डिसीजन से, लेकिन फिर उन्हीं के सपोर्ट से वे आगे बढीं। स्वाति ने शुरू में ऑयल और एक्रिलिक पेंटिंग में हाथ आजमाया, लेकिन अब उनका मीडियम वॉटर कलर बन चुका है। 2012 में स्वाति की पेंटिंग्स की एग्जिबिशन दिल्ली की ललित कला एकेडमी में हुई थी, जिसमें उन्हें काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। इसके बाद साल 2013 में हौज खास की लोकायाता गैलरी में इनका एग्जीबिशन हुआ। इसके अलावा कैमिलीन ऑल इंडिया आर्ट कॉम्पिटिशन के लिए भी इनकी एक पेंटिंग सेलेक्ट की गई। स्वाति ने रिस्क लेकर अपने पैशन को प्रोफेशन बनाया है। इनकी पेंटिंग्स को आज अच्छी कीमत मिल रही है। वह उम्मीद करती हैं कि वे अपने काम से सक्सेस हासिल करेंगी। वैसे, फ्यूचर में वे अपनी एक आर्ट गैलरी खोलना चाहती हैं, जहां सिर्फ वूमन रिलेटेड सब्जेक्ट्स की पेंटिंग्स हों।
पेंटिंग के लिए छोडी कंपनी
कमलनाथ आईटीसी कंपनी में काम करते थे, लेकिन दिल पेंटिंग में बसता था। लिहाजा जॉब छोडी और कलर्स की दुनिया में आ गए। ऑयल और एक्रिलिक मीडियम में काम करने वाले कमलनाथ की पेंटिंग्स का पहला एग्जीबिशन 2008 में दुबई में लगा था। इसका इतना अच्छा रिस्पॉन्स मिला कि अगले ही साल सिडनी में एग्जीबिशन लगाई। इसके अलावा लुधियाना, चंडीगढ, गुडगांव, मुंबई में कई एग्जीबिशंस लगाई। आने वाले दिनों में ये श्रीलंका में अपना एग्जीबिशन करने जा रहे हैं। कमलनाथ अपने पैशन को अपनाकर इतने कामयाब हुए हैं। इनकी पहली दो पेंटिंग्स जहां साढे तीन लाख रुपये में बिकी थी, वहीं एक पेंटिंग ढाई लाख रुपये में भी बिकी है। कहते हैं कि आज कैनवास के साथ एक्सपेरिमेंट्स हो रहे हैं, आर्टिस्ट्स बिना बाउंडेशन के पेंट कर रहे हैं। साथ ही अपने प्रोडक्ट को मार्केट तक पहुंचा रहे हैं। उन्हें सिर्फ आर्ट गैलरीज ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन गैलरीज और वेबसाइट्स का भी फायदा मिल रहा है और वे आर्ट फील्ड में सक्सेसफुल करियर बना रहे हैं।
गैलरी में आर्ट प्रमोशन
आर्ट को प्रोमोट करने में आर्ट गैलरीज काफी इंपॉटर्ेंट रोल प्ले करती हैं। कुछ गैलरीज जिनका मोटिव बिजनेस होता है, वे बडे आर्टिस्ट्स को प्रिफरेंस देती हैं, लेकिन आज कई गैलरीज ऐसी हैं, जो यंग कंटेंपरेरी आर्टिस्ट्स को स्पेस दे रही हैं। इससे गैलरी और आर्टिस्ट दोनों को बेनिफिट हो रहा है। गैलरीज को कमीशन मिलता है और आर्टिस्ट्स को बायर्स। कमीशन गैलरीज पर डिपेंड करती है जो 15 से 30 परसेंट तक के बीच हो सकता है। नए आर्टिस्ट्स जब ग्रुप एग्जीबिशंस में अपना वर्क डिस्प्ले करते हैं, तो उनकी पॉकेट पर ज्यादा बोझ नहीं पडता है। इसी तरह वे चाहें तो दो या तीन दिन के लिए आर्ट गैलरी का कुछ स्पेस रेंट पर ले सकते हैं।
पायल कपूर, आरुषि आर्ट गैलरी
आर्ट इन एवरीडे लाइफ
आर्ट मार्केट की रंगत बदल गई है। अब ट्रेडिशनल के अलावा डिजिटल और तमाम दूसरे कैनवास पर किए गए वर्क में लोग इनवेस्ट कर रहे हैं। इसलिए आज डिजाइनर पेंटेड टी-श‌र्ट्स, हैंडपेंटेड वॉलेट्स, बैकपैक, बेडशिट्स, क्रॉकरी सब काफी डिमांड में हैं।
लो प्राइस में हाई क्वॉलिटी
एंटरप्रेन्योर श्रेया बजाज के मुताबिक, हर दिन 15 से 20 प्रोडक्ट्स की सेल होती है। इनमें बैग्स, ज्वैलरी, कैंडल्स, बास्केट्स की अच्छी डिमांड है। आर्टिस्ट्स कटलरी, टेबल वेयर, कुशन, मैट्स, कारपेट्स पर भी पेंटिग कर सकते हैं, जो बाजार में 100 रुपये से लेकर 9000 रुपये तक में आसानी से बिक जाती हैं।
वॉलपेपर्स का ट्रेंड
घर की दीवारें भी अब आर्टिस्ट का कैनवास बन गई हैं। क्कह्मद्बठ्ठह्लश्रठ्ठद्यद्बठ्ठद्ग2ड्डद्यद्य श्चड्डश्चद्गह्म.ष्श्रद्व के अर्जुन नंदा बताते हैं कि इन दिनों दिल्ली और मेट्रो सिटीज के अलावा इंदौर, लखनऊ, गोरखपुर जैसे सेकंड टियर सिटीज में वॉलपेपर्स की काफी डिमांड है। अगर कस्टमर्स की बात करें, तो रेगुलर होममेकर्स के अलावा होटल्स, ऑफिसेज, एमएनसी कंपनीज में भी काफी डिमांड है।
विंटेज पोस्टर्स इन डिमांड
॥द्बश्चश्च4.द्बठ्ठ के हिनेश बताते हैं, आज ओरिजनल विंटेज बॉलीवुड मूवी पोस्टर की मार्केट में काफी डिमांड है। रेस्टोरेंट्स, होटल्स, क्लब्स, डिस्को, म्यूजियम और आम घरों में लोग हैंडपेंटेड पोट्र्रेट्स और पोस्टर्स लगाना पसंद कर रहे हैं। इसके अलावा फिल्मी पोस्टर वाली फैशन एक्सेसरीज, क्लच, पर्स, हैंडबैग, बेल्ट, वॉलेट, चेयर, एल्युमिनियम ट्रंक, साइनबोर्ड और डायरी फोल्डर्स जैसी चीजों का भी मार्केट अच्छा है। वैसे, 90 परसेंट बिजनेस विंटेज पोस्टर्स की बिक्री से होता है।
कस्टमाइज्ड आर्ट
आप अपनी तस्वीर या फैमिली फोटोग्राफ को पेंसिल स्केच में कनवर्ट करा सकते हैं। ये ट्रेंड मार्केट में नया है। ऐसी आ‌र्ट्स को आप चाहें, तो फ्रेम करवा कर घर की वॉल भी लगा सकते हैं। आ‌र्ट्स के शौकीनों के लिए भी अर्निग का यह नया ट्रेंड है।
हैंडपेंटेड क्लॉक्स
इस समय इंडियन हिप्पी का लिमिटेड एडिशन विंटेज बॉलीवुड विनाइल रिकॉर्ड वाला क्लॉक काफी हिट है। इसमें कस्टमर को एक साथ तीन बेनिफिट्स मिलते हैं। पहला विंटेज विनाइल रिकॉर्ड, दूसरा बॉलीवुड स्टार की हैंडपेंटेड पोट्र्रेट, डायलॉग और तीसरा एक साल की गारंटी के साथ मिलने वाली वर्किंग क्लॉक। इनकी कीमत 1500 रुपये से 2500 रुपये तक है।
हैंडपेंटेड रिटर्न गिफ्ट
मैरिज, बर्थडे, एनिवर्सरी जैसे ओकेजंस पर स्टाइलिश गिफ्ट्स की काफी डिमांड है। आर्टिस्ट्स की-चेन, व्हाइट मेटल चिराग, डॉटेड जमावर, पोटली बैग, टेराकोटा डिजाइनर गिफ्ट्स बना कर अपनी कला का नया रंग दे सकते हैं।
क्रॉकरी पेंटिंग
क्रॉकरी पर आर्ट भले ही काफी पुराना ट्रेंड हो, लेकिन मॉडर्न आर्ट के साथ यह ट्रेंड बाजार में फिर से हिट हो रहा है। आप अपने इनोवेटिव आइडियाज को क्रॉकरी पर पेंट कर सकते हैं। इसके अलावा क्लोदिंग्स, एक्सेसरीज, किचेनवेयर, ड्रॉइंग रूम मैटेरियल्स, बैग्स, स्टेशनरीज जैसी ढेर सारी चीजें हैं, जिन पर आप कूचियों से रंग भर सकते हैं और इनकी जबरदस्त डिमांड भी है।
3डी आर्ट
थ्री डी फिल्म को तो आप सभी देखते आए हैं, लेकिन अब घरेलू आर्ट में भी थ्री-डी का इस्तेमाल शुरू हो गया है। मार्केट में थ्री-डी आर्ट की वैल्यू तेजी से बढ रही है। यही नहीं, टु-डी डिजाइन इमेज को थ्री-डी में चेंज करने का कॉन्सेप्ट भी मार्केट में शुरू हुआ है।
चुंबक पर पेंटिंग
कैनवास पर पेंटिंग के साथ अब चुंबक पेंटिंग का नया ट्रेंड मार्केट में शुरू हुआ?है। लोग अपने घरों के रेफ्रिजरेटर्स, अलमीरा और आयरन डोर पर चुबंक पेंटिंग करा रहे हैं। चुंबक पेंटिंग को आप जब चाहें किसी दूसरी जगह आसानी से शिफ्ट भी कर सकते हैं।
बेली पेंटिंग
बेली पेंटिंग मार्केट में नया ट्रेंड है। बेलीज पर अलग-अलग डिजाइन लोगों को खूब पसंद आ रहा है। कॉलेज ग‌र्ल्स में इसकी डिमांड तेजी से बढ रही है।
मेड इन इंडिया
इंडियन कल्चर को पापुलर बनाने के लिए घरेलू चीजों में अब इंडियन मानूमेंट्स और हिस्टोरिकल पेंटिंग काफी चलन में है। डिनर सेट और कॉफी मग में इंडियन कल्चर की झलक आपको देखने को मिल जाएगी। नए ट्रेंड को लोग न सिर्फ पसंद कर रहे हैं, बल्कि गिफ्ट के रूप में एक दूसरे को पे्रजेंट भी खूब कर रहे हैं।

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