हरेक
इंसान चाहता है कि उसे अच्छी नौकरी मिले। इसके लिए वह अच्छी कम्पनी में
काम करना चाहता है। आप तो ऐसा चाहते हैं, पर आप ये जानते हैं कि अच्छी
कम्पनियां भी बैस्ट कैंडीडेट ढूंढते वक्त काफी कुछ सोचती हैं। आज
मल्टीटास्किंग का जमाना है और ऐसे में अच्छी जॉब पाने के नियम भी बदलने लगे
हैं...
क्या चाहती हैं कम्पनियां अपने कैंडीडेट से
(क) काम की पूरी जानकारी और अनुभव : कोई भी कम्पनी भर्ती करते समय जिस बात पर सबसे अधिक ध्यान देती है वह है कैंडीडेट का अनुभव और अपने फील्ड वर्क की पूरी जानकारी। अनुभवी कैंडीडेट की मांग जॉब मार्कीट में हमेशा रहती है क्योंकि अनुभव होना ही बाकी सभी फैक्ट्र्स पर भारी पड़ता है अत: अपने फील्ड के बारे में हमेशा अपडेट रहें।
(ख) टीम-वर्क में विश्वास : किसी भी प्रोजैक्ट में पूरी टीम के साथ चलने में आप विश्वास रखती हैं। काम की सफलता सिर्फ अपने तक ही सीमित रखना चाहती हैं या इसका श्रेय पूरी टीम को देना चाहती हैं। आप कैसे व्यक्तित्व के मालिक हैं। यह जानने के लिए वे आपसे आप की फैमिली और दोस्तों के बारे में भी जानकारी लेते हैं।
आपका व्यवहार : हर कम्पनी यही चाहती है कि उसके साथ काम करने वाला कर्मचारी हंसमुख और प्रैजैंटेबल हो। इससे वह जल्दी बाकी लोगों के साथ घुल-मिल जाता है और उस जगह का माहौल भी खुशनुमा बना रहता है जिसका अच्छा प्रभाव काम पर भी पड़ता है। आपका एटीच्यूड जरूरी है लेकिन यह ईगो में कभी नहीं बदलना चाहिए। अत: जॉब मार्कीट में बने रहने के लिए ईगो से दूर रहना जरूरी है।
समस्याओं से निपटने की क्षमता रखने वाला : इंटरव्यू में तकरीबन यह पूछा जाता है कि आपकी अच्छाइयां और कमियां क्या हैं? कैंडीडेट अपने अच्छे गुणों के बारे में तो झट से बता देता है पर कमियां नहीं बता पाता। रिक्रूटर्स ऐसे कर्मचारी का चुनाव करते हैं जो काम के दौरान आने वाली समस्याओं का खुद हल निकाल सकें, न कि सारी जिम्मेदारी दूसरे पर थोप दें।
हर पल नया सीखने को तैयार : अगर आप में सीखने की लगन है तो आप कभी भी तरक्की की ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं। यही कारण है कि किसी कैंडीडेट का अनुभव बेशक ज्यादा न हो लेकिन कुछ सीखने और कर दिखाने की ललक है तो कम्पनी उसे अपने यहां काम का मौका अवश्य देना चाहती है।
क्या चाहती हैं कम्पनियां अपने कैंडीडेट से
(क) काम की पूरी जानकारी और अनुभव : कोई भी कम्पनी भर्ती करते समय जिस बात पर सबसे अधिक ध्यान देती है वह है कैंडीडेट का अनुभव और अपने फील्ड वर्क की पूरी जानकारी। अनुभवी कैंडीडेट की मांग जॉब मार्कीट में हमेशा रहती है क्योंकि अनुभव होना ही बाकी सभी फैक्ट्र्स पर भारी पड़ता है अत: अपने फील्ड के बारे में हमेशा अपडेट रहें।
(ख) टीम-वर्क में विश्वास : किसी भी प्रोजैक्ट में पूरी टीम के साथ चलने में आप विश्वास रखती हैं। काम की सफलता सिर्फ अपने तक ही सीमित रखना चाहती हैं या इसका श्रेय पूरी टीम को देना चाहती हैं। आप कैसे व्यक्तित्व के मालिक हैं। यह जानने के लिए वे आपसे आप की फैमिली और दोस्तों के बारे में भी जानकारी लेते हैं।
आपका व्यवहार : हर कम्पनी यही चाहती है कि उसके साथ काम करने वाला कर्मचारी हंसमुख और प्रैजैंटेबल हो। इससे वह जल्दी बाकी लोगों के साथ घुल-मिल जाता है और उस जगह का माहौल भी खुशनुमा बना रहता है जिसका अच्छा प्रभाव काम पर भी पड़ता है। आपका एटीच्यूड जरूरी है लेकिन यह ईगो में कभी नहीं बदलना चाहिए। अत: जॉब मार्कीट में बने रहने के लिए ईगो से दूर रहना जरूरी है।
समस्याओं से निपटने की क्षमता रखने वाला : इंटरव्यू में तकरीबन यह पूछा जाता है कि आपकी अच्छाइयां और कमियां क्या हैं? कैंडीडेट अपने अच्छे गुणों के बारे में तो झट से बता देता है पर कमियां नहीं बता पाता। रिक्रूटर्स ऐसे कर्मचारी का चुनाव करते हैं जो काम के दौरान आने वाली समस्याओं का खुद हल निकाल सकें, न कि सारी जिम्मेदारी दूसरे पर थोप दें।
हर पल नया सीखने को तैयार : अगर आप में सीखने की लगन है तो आप कभी भी तरक्की की ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं। यही कारण है कि किसी कैंडीडेट का अनुभव बेशक ज्यादा न हो लेकिन कुछ सीखने और कर दिखाने की ललक है तो कम्पनी उसे अपने यहां काम का मौका अवश्य देना चाहती है।