हर
व्यक्ति की अपनी एक अलग पहचान होती है। लोग समाज में उसे उसकी पहचान,
काबलियत और उसके हुनर की बदौलत जानते हैं। जिंदगी को मुकाम देने के लिए
अक्सर देखने में आता है कि युवा सही करियर या पढ़ाई के लिए सही क्षेत्र का
चुनाव नहीं कर पाते। इससे उनके अंदर का व्यक्तित्व बाहर नहीं आ पाता। ऐसे
में न तो वे अपने करियर और पढ़ाई में सफलता हासिल कर पाते हैं और न ही
जिंदगी में संतुष्ट हो पाते हैं।
मोनालिसा जैसी पेंटिंग बनाने वाले से किसी ने एक बार पूछ लिया कि आप पेंटर क्यों बने तो उन्होंने कहा कि, " मेरी मां ने मुझे कहा था कि अगर तुम सैनिक बनते हो तो तुम जनरल जरूर बनोगे, अगर तुम साधु बनते हो तो तुम पोप जरूर बनोगे, बजाए इसके मैं एक पेंटर बना।"
ये पक्तियां हमें ये सीख देती हैं कि हमें खुद के अंदर छिपी प्रतिभा को पहचानना चाहिए, क्योंकि करियर के नाम पर सिर्फ नौकरी करना और रोजी-रोटी कमाना ही जिंदगी नहीं है। करियर के नाम पर आपका खुद का विकास बहुत जरूरी है क्योंकि अगर आपका विकास नहीं होगा तो जिस क्षेत्र में आप काम कर रहे हैं वहां आप एक रुटीन काम ही करते रहेंगे सफलता कभी आपके कदम नहीं चूमेगी। ऐसे में जिस पेशे में भी आप अपना करियर बनाएं उसमें जी-तोड़ मेहनत करें। शोहरत और पैसा पाने के लिए अंधेरी गलियों में प्रवेश न करें।
किसी की देखा-देखी या बाजार में प्रचलित करियर के अनुरूप करियर न बनाएं। अगर ऐसा होता तो न तो सचिन तेंदुलकर होते, न ए आर रहमान, न आमिर खान और न ही चेतन भगत।
ऐसा क्षेत्र जो शोहरत और पैसा दिलाए
करियर या पढ़ाई के लिए विषय चुनना सिर्फ जीविकोपाजर्न का मसला नहीं है, क्योंकि रोजी-रोटी तो इंसान किसी तरह कमा ही लेगा पर अगर आप ऐसे काम को अपनाएं, जो आपकी जीविका का स्त्रोत तो बनें ही, साथ ही आपको तरक्की और संतुष्टि भी दे तो ज्यादा बेहतर होगा। हो सकता है कि आप किन्हीं तीन-चार के अनुरूप फिट बैठते हों, पर यह आपकी काबिलियत है करियर को बनाने के लिए कोई एक चुनाव जो करियर हम चुनते हैं वो ताउम्र हमारी लाइफस्टाइल को प्रभावित करता है। इसलिए ये ज़रूरी है कि हम सही करियर का चुनाव करें।
मोनालिसा जैसी पेंटिंग बनाने वाले से किसी ने एक बार पूछ लिया कि आप पेंटर क्यों बने तो उन्होंने कहा कि, " मेरी मां ने मुझे कहा था कि अगर तुम सैनिक बनते हो तो तुम जनरल जरूर बनोगे, अगर तुम साधु बनते हो तो तुम पोप जरूर बनोगे, बजाए इसके मैं एक पेंटर बना।"
ये पक्तियां हमें ये सीख देती हैं कि हमें खुद के अंदर छिपी प्रतिभा को पहचानना चाहिए, क्योंकि करियर के नाम पर सिर्फ नौकरी करना और रोजी-रोटी कमाना ही जिंदगी नहीं है। करियर के नाम पर आपका खुद का विकास बहुत जरूरी है क्योंकि अगर आपका विकास नहीं होगा तो जिस क्षेत्र में आप काम कर रहे हैं वहां आप एक रुटीन काम ही करते रहेंगे सफलता कभी आपके कदम नहीं चूमेगी। ऐसे में जिस पेशे में भी आप अपना करियर बनाएं उसमें जी-तोड़ मेहनत करें। शोहरत और पैसा पाने के लिए अंधेरी गलियों में प्रवेश न करें।
किसी की देखा-देखी या बाजार में प्रचलित करियर के अनुरूप करियर न बनाएं। अगर ऐसा होता तो न तो सचिन तेंदुलकर होते, न ए आर रहमान, न आमिर खान और न ही चेतन भगत।
ऐसा क्षेत्र जो शोहरत और पैसा दिलाए
करियर या पढ़ाई के लिए विषय चुनना सिर्फ जीविकोपाजर्न का मसला नहीं है, क्योंकि रोजी-रोटी तो इंसान किसी तरह कमा ही लेगा पर अगर आप ऐसे काम को अपनाएं, जो आपकी जीविका का स्त्रोत तो बनें ही, साथ ही आपको तरक्की और संतुष्टि भी दे तो ज्यादा बेहतर होगा। हो सकता है कि आप किन्हीं तीन-चार के अनुरूप फिट बैठते हों, पर यह आपकी काबिलियत है करियर को बनाने के लिए कोई एक चुनाव जो करियर हम चुनते हैं वो ताउम्र हमारी लाइफस्टाइल को प्रभावित करता है। इसलिए ये ज़रूरी है कि हम सही करियर का चुनाव करें।