शुरूआती तनख्वाह : 60 हजार से 1 लाख रुपए प्रति माह।
छात्रों के लिए इसमें क्या है
तेजी से विकसित होती भारतीय अर्थव्यवस्था तथा वैश्विक स्तर पर हो रहे आर्थिक बदलावों के मद्देनजर उपयुक्त शैक्षिक कौशल तथा प्रतिभावान मैनेजमैंट ग्रैजुएट्स, जिनके पास इंटरनैशनल बिजनैस मैनेजमैंट में विशेषज्ञता हो, के लिए देश एवं देश से बाहर वैश्विक स्तर पर सुनहरे भविष्य की असीमित संभावनाएं मौजूद हैं।
इस कोर्स में दाखिला लेने वाले छात्रों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर व्यवसाय को आगे बढ़ाने संबंधी हर प्रकार का ज्ञान प्रदान किया जाता है जैसे कि विदेश में किसी कम्पनी की फैक्टरी स्थापित करना या अपनी कम्पनी के व्यवसाय को अन्य देशों में आगे बढ़ाना हो तो किस तरह की जानकारी तथा ज्ञान की आवश्यकता होगी।
एक अंतर्राष्ट्रीय बिजनैस मैनेजर वह सभी कार्य करता है जिनका उद्देश्य कम्पनी की किसी बहुराष्ट्रीय परियोजना या बिजनैस डील को अंजाम देना होता है। इंटरनैशनल बिजनैस तथा इंटरनैशनल मार्कीटिंग ये दोनों विषय मुख्य रूप से देश भर के बिजनैस स्कूल्स के एम.बी.ए. पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं।
विशेषज्ञों की राय
यह कोर्स इंटरनैशनल बिजनैस संबंधी आर्थिक, राजनीतिक तथा कानूनी एवं सांस्कृतिक पहलुओं से संबंधित है। ऐसे में आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हो रहे आर्थिक बदलावों के दृष्टिïगत इस क्षेत्र में कार्य करने वाले प्रतिभाशाली युवाओं के पास अपना करियर संवारने के मौकों की कोई कमी नहीं है।
तरक्की की संभावनाएं
इस कोर्स में दाखिला लेने वाले छात्र अन्य बातों के अलावा यह भी सीखते हैं कि नियम तथा कानून किस तरह देश में अलग हैं। जिस भी देश में व्यवसाय स्थापित करना हो, वहां के नियम-कायदों की जानकारी हासिल करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। आमतौर पर कम्पनियां उन युवाओं को नियुक्तियां देना पसंद करती हैं जिन्हें इस सैक्टर से संबंधित मैनेजमैंट तथा मार्कीटिंग कौशल में निपुणता हासिल हो।
अधिकतर बिजनैस मैनेजमैंट ग्रैजुएट्स को कम्पनियों के अंतर्राष्ट्रीय मार्कीटिंग डिपार्टमैंट्स में नियुक्त कर लिया जाता है। इनमें मुख्य रूप से बहुराष्ट्रीय उत्पादकों जैसे ऑटोमोबाइल, इलैक्ट्रॉनिक्स तथा कम्प्यूटर एवं कंज्यूमर ड्यूरेबल बनाने वाली कम्पनियां शामिल होती हैं।
चूंकि अधिकतर अंतर्राष्ट्रीय बिजनैस बंदरगाहों तथा हवाई अड्डों से होता है इसलिए इस क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं के पास शिपिंग कम्पनियों तथा एयरलाइन्स में भी रोजगार के अपार अवसर मौजूद रहते हैं। साथ ही वे परिवहन, पर्यटन तथा हॉस्पिटैलिटी सैक्टर में भी रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। वे चाहें तो अपना स्वतंत्र कार्य करने के लिए कंसल्टैंसी कम्पनी भी शुरू कर सकते हैं।
प्रमुख नियोक्ता
अमेरिकन एक्सप्रैस, रिबॉक, जॉन्सन एंड जॉन्सन, एच.एस.बी.सी., टाटा मोटर्स, यू.बी.ग्रुप, माइकल पेज इंटरनैशनल तथा ई.एक्स.
एल. आदि।
प्रमुख संस्थान
देश भर के सभी प्रतिष्ठिïत बिजनैस स्कूल्स में इंटरनैशनल बिजनैस मैनेजमैंट कोर्स करवाए जाते हैं।
छात्रों के लिए इसमें क्या है
तेजी से विकसित होती भारतीय अर्थव्यवस्था तथा वैश्विक स्तर पर हो रहे आर्थिक बदलावों के मद्देनजर उपयुक्त शैक्षिक कौशल तथा प्रतिभावान मैनेजमैंट ग्रैजुएट्स, जिनके पास इंटरनैशनल बिजनैस मैनेजमैंट में विशेषज्ञता हो, के लिए देश एवं देश से बाहर वैश्विक स्तर पर सुनहरे भविष्य की असीमित संभावनाएं मौजूद हैं।
इस कोर्स में दाखिला लेने वाले छात्रों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर व्यवसाय को आगे बढ़ाने संबंधी हर प्रकार का ज्ञान प्रदान किया जाता है जैसे कि विदेश में किसी कम्पनी की फैक्टरी स्थापित करना या अपनी कम्पनी के व्यवसाय को अन्य देशों में आगे बढ़ाना हो तो किस तरह की जानकारी तथा ज्ञान की आवश्यकता होगी।
एक अंतर्राष्ट्रीय बिजनैस मैनेजर वह सभी कार्य करता है जिनका उद्देश्य कम्पनी की किसी बहुराष्ट्रीय परियोजना या बिजनैस डील को अंजाम देना होता है। इंटरनैशनल बिजनैस तथा इंटरनैशनल मार्कीटिंग ये दोनों विषय मुख्य रूप से देश भर के बिजनैस स्कूल्स के एम.बी.ए. पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं।
विशेषज्ञों की राय
यह कोर्स इंटरनैशनल बिजनैस संबंधी आर्थिक, राजनीतिक तथा कानूनी एवं सांस्कृतिक पहलुओं से संबंधित है। ऐसे में आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हो रहे आर्थिक बदलावों के दृष्टिïगत इस क्षेत्र में कार्य करने वाले प्रतिभाशाली युवाओं के पास अपना करियर संवारने के मौकों की कोई कमी नहीं है।
तरक्की की संभावनाएं
इस कोर्स में दाखिला लेने वाले छात्र अन्य बातों के अलावा यह भी सीखते हैं कि नियम तथा कानून किस तरह देश में अलग हैं। जिस भी देश में व्यवसाय स्थापित करना हो, वहां के नियम-कायदों की जानकारी हासिल करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। आमतौर पर कम्पनियां उन युवाओं को नियुक्तियां देना पसंद करती हैं जिन्हें इस सैक्टर से संबंधित मैनेजमैंट तथा मार्कीटिंग कौशल में निपुणता हासिल हो।
अधिकतर बिजनैस मैनेजमैंट ग्रैजुएट्स को कम्पनियों के अंतर्राष्ट्रीय मार्कीटिंग डिपार्टमैंट्स में नियुक्त कर लिया जाता है। इनमें मुख्य रूप से बहुराष्ट्रीय उत्पादकों जैसे ऑटोमोबाइल, इलैक्ट्रॉनिक्स तथा कम्प्यूटर एवं कंज्यूमर ड्यूरेबल बनाने वाली कम्पनियां शामिल होती हैं।
चूंकि अधिकतर अंतर्राष्ट्रीय बिजनैस बंदरगाहों तथा हवाई अड्डों से होता है इसलिए इस क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं के पास शिपिंग कम्पनियों तथा एयरलाइन्स में भी रोजगार के अपार अवसर मौजूद रहते हैं। साथ ही वे परिवहन, पर्यटन तथा हॉस्पिटैलिटी सैक्टर में भी रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। वे चाहें तो अपना स्वतंत्र कार्य करने के लिए कंसल्टैंसी कम्पनी भी शुरू कर सकते हैं।
प्रमुख नियोक्ता
अमेरिकन एक्सप्रैस, रिबॉक, जॉन्सन एंड जॉन्सन, एच.एस.बी.सी., टाटा मोटर्स, यू.बी.ग्रुप, माइकल पेज इंटरनैशनल तथा ई.एक्स.
एल. आदि।
प्रमुख संस्थान
देश भर के सभी प्रतिष्ठिïत बिजनैस स्कूल्स में इंटरनैशनल बिजनैस मैनेजमैंट कोर्स करवाए जाते हैं।
