समस्त आधुनिक व सफलतम संगठन सभी क्षेत्रों में अपनी छवि प्रभावपूर्ण बनाए रखने के लिए संघर्षरत रहते हैं। यह कार्य जनसंपर्क के माध्ययत से संपन्न हो पाता है। यहां तक कि अपनी विभिन्न योजनाओं, उपलब्धियों अथवा अन्य किन्हीं महत्त्वपूर्ण सूचनाओं के नियमित प्रकाशन, प्रसारण के लिए केंद्र व राज्य सरकारें 'सूचना एवं जनसंपर्कÓ जैसा प्रभावी विभाग रखती हैं। व्यावसायिक जगत में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए 'जनसंपर्कÓ एक बेहद कारगर माध्यम साबित हुआ है। आज अनेक शिक्षित युवा इस क्षेत्र में अपने स्वर्णिम 'कलÓ को देख रहे हैं।
समाज में गहरे कीजिए अपने रिश्ते
जनसंपर्क समाज में आपको एक नए परिवेश में रहना सिखाता है। दूसरे शब्दों में हम कह सकते हैं कि जनसंपर्क जनसंचार की सबसे महत्त्वपूर्ण कड़ी है। किसी संस्थान, सरकार अथवा दो पक्षों के मध्य बेहतर समझ विकसित करने के लिए जनसंपर्क बेहद जरूरी है। सैटलाइट चैनल की संस्कृति तथा इंटरनेट की सम्यतावाले आधुनिक दौर में सफलता के लिए गुणवत्ता से अधिक 'छविÓ मायने रखती है। एक संगठन की स्थापना की पृष्ठïभूमि में अनेक उद्देश्य हो सकते हैं। सामाजिक उद्देश्य भी उसमें से एक है। संगठन की प्रकृति भले ही कैसी भी हो, वह समाज से कटकर नहीं रह सकता। समाज की संरचना में व्यक्ति एक महत्त्वपूर्ण इकाई है। जनसंपर्क का उद्देश्य व्यक्तियों व संगठनों के बीच अच्छी इमेज निर्मित करना होता है। यह बात सर्वविदित है कि अच्छी छविवाला संगठन सहजता व स्थिरता के साथ सफलता की सीढिय़ां चढ़ सकता है।
लगभग सभी प्रकार के पेशों और लोक सेवाओं में जनसंपर्क के लिए विशिष्टï व्यवस्था की जाने लगी है। समस्त सामाजिक, शैक्षणिक, राजनीतिक, आर्थिक अथवा सरकारी संस्थान अपने उद्देश्यों और लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अच्छे जनसंपर्क की मदद लेते हैं। अच्छे जनसंपर्क का लक्ष्य संगठन के उद्देश्यों का प्रचार करना भर नहीं है। जनसंपर्क के अंतर्गत सदैव इस बात का ख्याल रखा जाता है कि संगठन अथवा संस्था के प्रति लोगों की क्या आशाएं हैं। यही नहीं निदेशक मंडल जनसंपर्क विभाग के माध्यम से यह भी जायजा लेता रहता है कि जन उद्देश्यों व आदर्शों की प्रप्ति को लक्ष्य मानकर संस्था या संगठन प्रारंभ किया गया था, वह उनकी प्रतिपूर्ति कर भी रहा है अथवा नहीं? आज अपनी महत्ता एवं विशेषाधिकारों के चलते जनसंपर्क प्रबंधन का अत्यंत महत्त्वपूर्ण अंग बन गया है। जिस प्रकार विज्ञापन व्यवसाय के कुशल संचालन में विज्ञापन एजेंसियों का योगदान रहता है, उसी प्रकार जनसंपर्क के लिए भी एजेंसियां होती हैं।
ये एजेंसियां संगठन विशेष के लिए जनसंपर्क करने की एवज में एक निश्चित रकम वसूल करती हैं। पिछले कुछ सालों से अधिकांश संगठनों द्वारा अपने आंतरिक जनसंपर्क विभाग स्थापित किए जाने की एक परंपरा*सी चल पड़ी है और आज निजी क्षेत्र की प्रत्येक बड़ी या मध्यम व्यवसाय करने वाली कंपनी का अपना जनसंपर्क प्रकोष्ठï अथवा पब्लिक रिलेशन ऑफिसर (पी.आर.ओ.) है। मुख्यत: यह विभाग संगठन के प्रधान अथवा कारपोरेट कार्यालय का ही एक अंग होता है।
जनसंपर्क विभाग का प्रमुख कार्य संगठन अथवा संस्था द्वारा सुनिश्चित विभिन्न प्रकार के समारोहों, कार्यक्रमों आदि का आयोजन करना भी है। जिनमें नए उत्पादों व सेवाओं को बाजार में उतारना, एनुअल सेमिनार तथा कन्ज्यूमर मीटिंग्स आदि का आयोजन करनी भी है। यही नहीं जनसंपर्क विभाग विभिन्न विज्ञापन एजेंसियों तथा मीडिया संगठनों अथवा घरानों से बेहतर तालमेल रखता है। एक दक्ष जनसंपर्क अधिकारी समस्त प्रकाशन अथवा प्रसारण स्रोतों पर भी ध्यान रखता है कि कहीं कुछ ऐसा तो प्रचारित नहीं हो रहा है जिससे संबंधित संगठन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हो अथवा उसकी इमेज खराब हो रही हो। कई बाद ऐसा समझे जाने पर जनसंपर्क विभाग अपने संगठन का दृष्टिïकोण, पक्ष, स्पष्टïीकरण प्रस्तुत करता है या खंडन पेश करता है।
विभिन्न संस्थाएं व संगठन अपने क्रियाकलापों का उज्जवल पक्ष प्रचारित करने या सूचनाओं को विशिष्टï लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से अपनी गृह पत्रिकाओं अथवा मुखपत्रों का प्रकाशन करते हैं। यह समस्त कार्य जनसंपर्क विभाग द्वारा ही संपन्न होते हैंं। एक ओर जहां यह प्रकोष्ठï सरकारी, प्रशासनिक तथा अन्य संंबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने का काम करता है, वहीं दूसरी ओर पत्रकार सम्मेलनों तथा विभिन्न मदों के लिए यात्राओं आदि की व्यवस्था का भी प्रबंध करता है। इधर एक नई प्रवृत्ति देखने में आ रही है। पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और मानवाधिकार जैसे जनोपायोगी मसलों पर जनजागरण अभियानों की सफलता में भी जनसंपर्क का महत्त्वपूर्ण योगदान है। वस्तुत: जनसंपर्क का कार्य एक सलाहकार जैसा है, जो उद्यम विशेष की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संबंधित जनसमुदाय के मत निर्माण का कार्य करता है। जनसंपर्क के क्षेत्र में लगे लोगों से अनेक गुणों की अपेक्षा की जाती है। जिनमें आकर्षक व्यक्तित्व, सामाजिक क्षेत्र में लोकप्रिय होने की प्रवृत्ति, सभी तरह के लोगों से समनव्य बैठाने की क्षमता, विनम्रता, प्रभावी तथा प्रमाणिक लेखन का गुण, अच्छी तरह से विचार अभिव्यक्त करने की क्षमता, बेहतर तथा विस्तृत जानकारी तथा व्यवहारकुशलता आदि प्रमुख हैं।
समुचित आकलन के बाद तुरंत निर्णय लेने की क्षमता, पहल करने की प्रवृत्ति तथ कल्पनाशील मस्तिष्क के बलबूते आप इस क्षेत्र में शीर्षस्थ स्थान तक पहुंच सकते हैं। इस क्षेत्र में कार्य करते हुए कई बार प्रतिकूल परिस्थितियों से भी दो*चार होना पड़ जाता है तथा दबाव की स्थिति में भी काम करना होता है, अत: इस पेशे में धैर्य के साथ*साथ तानावपूर्ण वातावरण में भी प्रभवित व विचलित नहीं होने जैसे गुणों की आवश्यकता रहती है। इस क्षेत्र में आनेवाले व्यक्ति को आत्मविश्वासी होना बेहद जरूरी है।
इस क्षेत्र में सम्मानजनक ढंग से काम करने के लिए विभिन्न संस्थाओं से व्यावसायिक योग्यता अर्जित करना बेहद जरूरी है। जनसंपर्क विषय में पाठ्ïयक्रम स्वतंत्र रूप से डिप्लोमा इन पब्लिक रिलेशंन या एकाध विषय और जोड़कर जैसे डिप्लोमा इन एडवरटाइजिंग एंड पब्लिक रिलेशंस, डिप्लोमा इन जर्नलिज्म एंड पब्लिक रिलेशंस भी कराए जा रहे हैं। अनेक संगठन केवल पत्रकारिता के क्षेत्र में डिप्लोमा प्राप्त लोगों को भी जनसंपर्क के लिए चयनित कर लेते हैं। विभिन्न विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थाओं में उपलब्ध यह डिप्लोमा आमतौर पर एक साल का होता है। कुछ संस्थाओं 10 + 2 के बाद भी जनसंपर्क में डिप्लोमा करवाते हैं। कोर्स की फीस और अन्य खर्च संस्थान पर निर्भर करते हैं। डिप्लोमा पाठ्ïयक्रम में बोलचाल के तरीके, मार्केटिंग, एडवरटाइजिंग, जनसंपर्क और मास मीडिया की बारीकियां शामिल होती हैं। जनसंपर्क हेतु कई बार प्रचार हेतु प्रकाशित सामग्री का सहारा लिया जाता है, अत: लेखन, संपादन, मीडिया प्लानिंग, ग्राफिक्स और प्रोडक्शन के बारे में भी विद्यार्थियों को अवगत कराया जाता है। आमतौर पर जनसंपर्क के कोर्स स्नातकोत्तर स्तर के होते हैं। इसलिए किसी भी संकाय में स्नातक या स्नातकोत्तर प्रत्याशी ये कोर्स कर सकते हैं।
पाठ्ïयक्रम में व्यावहारिक प्रशिक्षण को भी शामिल किया जाता है। सार्वजनिक क्षेत्र की किसी कपंनी, एडवरटाइजिंग एजेंसी अथवा किसी स्वतंत्र कंपनी के साथ एक माह की इंटर्नशिप के जरिए प्रैक्टिकल ज्ञान कराया जाता है। अनेक संस्थान अल्पकालिक कोर्स भी संचालित कर रहे हैं ताकि जनसंपर्क के क्षेत्र में कार्यरत व्यक्ति इसका लाभ उठा सकें। भारत में विशेष ख्यातिप्राप्त जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (दिल्ली) परिसर स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्ïयक्रम संचालित कर रहा है। जिसे लेकर युवाओं में भारी क्रेज है। भारतीय विद्या भवन के विभिन्न केंद्रों पर पत्रकारिता एवं जनसंपर्क के पाठ्ïयक्रम संचालित किए जाते हैं। बहुत से ऐसे संस्थान जो मुख्यत: प्रबंध विज्ञान की शिक्षा देने के लिए जाने जाते हैंं, अब जनसंपर्क के पाठ्ïयक्रम भी चला रहे हैं। इनमें के.सी. कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट मुंबई, सोमैया कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट, मुंबई के नाम गिनाए जा सकते हैं। देशभर में फैले अनेक विश्वविद्यालय अपने पत्रकारिता के पाठ्ïयक्रम के तहत जनसंपर्क की भी शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।
ऐसे विश्वविद्यालयों में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, उस्मानिया विश्वविद्यालय, कलकत्ता विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, पंजाब विश्वविद्यालय, पटियाला आदि प्रमुख हैं। देश के कुछ विश्वविद्यालय पत्रकारिता/जनसंपर्क में पत्राचार पाठ्ïयक्रमों का भी संचालन कर रहे हैं। इंदिरा गांधी राष्टï्रीय मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा भी अंशकालिक रूप से पाठ्ïयक्रम चलाए जा रहे हैं। निजी क्षेत्र में टाइम्स स्कूल ऑफ जर्नलिज्म, नई दिल्ली द्वारा भी पाठ्ïयक्रम चलाया जा रहा है। यही नहीं प्रसिद्ध विज्ञापन एजेंसी 'मुद्राÓ ने भी पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन कम्युनिकेशन शुरू किया है। दो वर्षीय यह पाठ्ïयक्रम उन प्रत्याशियों का चयन करता है जो कॉमन एडमिशन टेस्ट (एम.बी.ए. पाठ्ïयक्रमों में प्रवेश हेतु आयोजित) में प्राप्त अंकों के आधार पर मैरित पाते हैं।
प्रशिक्षण संस्थान
*ग्रेजुएट डिप्लोमा इन एडवरटाइजिंग एंड पब्लिक रिलेशन, इंडियन इंस्टीट्ïयूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, जे.एन.यू. कैम्पस, नई दिल्ली*110067
*डिप्लोमा इन पब्लिक रिलेशंस, भारतीय विद्या भवन, कस्तूरबा गांधी मार्ग, नई दिल्ली, शाखाएं*मुंबई, कलकत्ता, चेन्नई, हैदराबाद, बंगलौर
*डिप्लोमा इन एडरवरटाइजिंग एंड पी.आर.*ऑल इंडिया इंस्टीट्ïयूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नं. 29, लाजारस चर्च रोड, आर.ए. पुरम, चेन्नई*600028
*डिप्लोमा इन पब्लिक रिलेशंस, वाई.एम.सी.ए. इंस्टीट्ïयूट ऑफ मास मीडिया स्टडीज, जयसिंह रोड, नई दिल्ली*110001
*डिप्लोमा इन पब्ििलक रिलेशंस, नई दिल्ली पॉलिटेक्रिक फॉर वुमन ए*3, साउथ एक्सटेंशन, पार्ट1, नई दिल्ली * 110049
*डिप्लोमा इन पब्लिक रिलेशंस, सेंट जेवियर्स कॉलेज ऑफ कम्युनिकेशंस, मुंबई
*डिप्लोमा इन पब्लिक रिलेशंस, सोफिया पॉलिटेक्रिक, ब्रीच केंडी, मुंबई*400001।