12वीं के बाद करियर ऑप्शन फायर फाइटिंग

फायर फाइटर्स का मुख्य काम होता है आग लगने के कारणों का पता लगाना और उसे रोकने के उपायों का विश्लेषण करना। फायर फाइटिंग सिविल, इलैक्ट्रीकल, एन्वायरनमैंटल इंजीनियरिंग से जुड़ा क्षेत्र है। मसलन आग बुझाने के यंत्रों की तकनीकी जानकारी, सप्रिंक्लर सिस्टम, अलार्म, पानी की बौछार का सबसे स्टीक इस्तेमाल, कम से कम समय और संसाधनों में ज्यादा से ज्यादा जान और काम की रक्षा करना मुख्य उद्देश्य होता है। जो लोग चाहते हैं आग से खेलते हुए करियर की बुलंदी तक पहुंचना वे डिप्लोमा से लेकर बीई (फायर) करके निम्र पदों तक पहुंच सकते हैं-फायरमैन, लीडिंग फायरमैन, सब ऑफिसर, स्टेशन ऑफिसर, असिस्टैंट डिविजनल ऑफिसर, डिविजनल ऑफिसर, डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर, चीफ फायर ऑफिसर आदि।

शैक्षणिक योग्यता
डिप्लोमा या डिग्री में दाखिले के लिए 12वीं पास होना अनिवार्य है। कुछ पदों के लिए बी.ई. (फायर)  डिग्री अनिवार्य है। इसमें प्रवेश के लिए ऑल इंडिया एंट्रैंस एग्जाम होता है। कैमिस्ट्री के साथ फिजिक्स या गणित विषय में 50 प्रतिशत अंक जरूरी है।

शारीरिक योग्यता
शैक्षणिक योग्यता के साथ इस फील्ड में शारीरिक योग्यता भी देखी जाती है। पुरुषों के लिए न्यूनतम लंबाई 165 सैंटीमीटर, वजन 50 किलोग्राम, वहीं महिलाएं कम से 257 सैंटीमीटर लंबी हों, वजन कम से कम 46 किलोग्राम हो। आई विजन दोनों के लिए 6/6 होनी चाहिए और उम्र 19 साल से 23 साल के भीतर हो।

 कोर्स
डिप्लोमा इन फायर एंड सेफ्टी, पी.जी. डिप्लोमा इन फायर एंड सेफ्टी, बी.एससी. इन फायर इंजीनियरिंग, सर्टीफिकेट कोर्स इन फायर फाइटिंग, फायर टैक्नोलॉजी एंड इंडस्ट्रीयल सेफ्टी मैनेजमैंट, इंडस्ट्रीयल सेफ्टी सुपरवाइजर, रैस्कयू एंड फायर फाइटिंग, जैसे कोर्स शामिल हैं जिसकी अवधि 6 महीने से लेकर 3 साल तक है। 

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