मईया जगदम्बे है बडी़ भोली
भर देती है सबकी झोली
मईया के शरण में जो आऐ
सारे दुख विपदा मिट जाऐ
उसपे मईया की किरपा होली
भर .............
मईया की जो महिमा गाये
सब कुछ उसको मिल जाये
कभी होती ना उसकी ठिठोली
भर .............
मईया हमपे भी किरपा करो ना
सिर पे अब हाथ धरो ना
जीवन बन जाये रंगोली
भर देती है सबकी झोली ।
सुधा तिवारी
देवरिया उ०प्र०
