बहुराष्ट्रीय दवा कंपनियों में खूब हैं रोजगार के मौके





आर्थिक उदारीकरण ने जिन क्षेत्रों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। उनमें एक फार्मास्युटिकल क्षेत्र भी है। लिहाजा राष्ट्रीय− बहुराष्ट्रीय दवा कंपनियों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। दवाओं के प्रचार के लिए अब कई जॉब ओरिएंटेड पाठ्यक्रम अस्तित्व में आ चुके हैं। इस नए पाठ्यक्रम की पढ़ाई पूरा करने वाले अभ्यर्थी को तुरन्त जॉब मिल जाता है।
फार्मास्युटिकल का क्षेत्र युवाओं को न केवल उज्ज्वल भविष्य बल्कि सेवा सुख भी प्रदान करता है। इस क्षेत्र की सबसे बड़ी खासियत है कि पढ़ाई पूरा करने के बाद अभ्यर्थी को नौकरी की खाक नहीं छाननी पड़ती है। खासकर फार्मास्युटिकल मार्केटिंग में पीजी डिप्लोमा और एमबीए करने के बाद। इसके अंतर्गत दवाओं और उनके रासायनिक गुणों के बारे में सूक्ष्मता से जानकारी दी जाती है। साथ ही फार्मा मार्केटिंग कम्युनिकेशन, एनॉटोमी, साइकोलॉजी और फार्माकालाजी की सूक्ष्मताओं और बारीकियों से भी अवगत कराया जाता है।
फार्मास्युटिकल मार्केटिंग के लिए अब बहुराष्ट्रीय दवा कंपनियों में कई पद सृजित हुए हैं। जिनमें मेडिकल रिप्रजेंटेटिव, मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव, बिजनेस ऑफिसर, एरिया सेल्स मैनेजर है। इन पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदक को पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन फार्मास्युटिकल एंड हेल्थ केयर मार्केटिंग कोर्स और एमबीए किए होना चाहिए। यूं तो फार्मास्युटिकल क्षेत्र में कॅरियर हमेशा से बढि़या रहा है। लेकिन बहुराष्ट्रीय दवा कंपनियों के भारतीय बाजार में उतरने के बाद वेतन और अन्य सुविधाएं बढ़ी हैं।
इसी के साथ ड्रग डिजाइन और मॉडलिंग जैसे नए क्षेत्रों ने फार्मास्युटिकल कंपनियों में मेडिकल रिप्रजेंटेटिव की मांग काफी बढ़ गई है। फार्मास्युटिकल मार्केटिंग में डिप्लोमा और एमबीए करने के बाद प्रशिक्षु राष्ट्रीय−बहुराष्ट्रीय दवा कंपनियों मे काम कर सकते हैं। कुछ साल पहले तक फार्मास्युटिकल मार्केटिंग के क्षेत्र में किसी भी विज्ञान स्नातक को विपणन कार्यों के लिए रख लिया जाता था। लेकिन दवाओं के क्षेत्र में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रवेश की वजह से राष्ट्रीय कंपनियों को चुनौती मिलने लगी। इन चुनौतियों को बेहतर ढंग से निपटने के लिए प्रत्येक कंपनी अपने यहां विपणन अधिकारी के रूप में प्रशिक्षित युवाओं को रखने लगी है। लिहाजा आज राष्ट्रीय−बहुराष्ट्रीय दवा कंपनियों में मांग के अनुसार प्रशिक्षु उपलब्ध नहीं है।
अगर आप पढ़ाई के तुरन्त बाद बिना किसी परेशानी के जॉब पाना चाहते हैं तो फार्मास्युटिकल मार्केटिंग में पीजी डिप्लोमा और एमबीए कर सकते हैं। इस पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए अभ्यर्थी को बीएससी उत्तीर्ण होना आवश्यक है। ज्यादा जानकारी के लिए अभ्यर्थी इन संस्थानों से संपर्क कर सकते हैं।
− मुंबई कॉलेज ऑफ फार्मेसी, सांताक्रुज पूर्व, मुंबई।
− भारतीय विद्यापीठ पुणे कॉलेज ऑफ फार्मेसी, पुणे।
− डिपार्टरमेंट ऑफ फार्मेसी, जाधवपुर यूनिवर्सिटी, कोलकाता।
− गोवा कॉलेज ऑफ फार्मेसी, पणजी।

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