DATA SCIENTIST आंकड़ों के केयर-टेकर

DATA SCIENTIST आंकड़ों के केयर-टेकर
डाटा साइंटिस्ट का जॉब 21 वीं सदी का सबसे आकर्षण वाला जॉब माना जा रहा है। इस समय कंप्यूटर व इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की दुनिया में हर दिन पेटाबाइट में डाटा स्टोरेज हो रहा है। डाटा स्टोर करने वाली कंपनीज, जैसे- गूगल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, ईबे, लिंक्डइन, फेसबुक व ट्विटर आदि को सबसे ज्यादा जरूरत डाटा साइंटिस्ट की ही है। सोशल नेटवर्किंग साइट्स आने के बाद तो डाटा साइंटिस्ट की डिमांड काफी बढ गई है।
क्यों है डिमांड में
डाटा साइंटिस्ट कॉम्पिटिटिव सीक्रेसी का एक पार्ट है। कॉम्पिटिशन में आगे बने रहने के लिए डाटा साइंटिस्ट कंपनीज की मदद करते हैं। एक अच्छा डाटा साइंटिस्ट रिजल्ट्स का बडी बारीकी से एनालिसिस करते हैं। डाटा साइंटिस्ट रिसर्च के लिए डाटा एनालिसिस और बडे डाटा सोर्सेज का मैनेजमेंट करने के अलावा डाटा सोर्सेज को मर्ज करने का काम भी करते हैं। डाटा साइंटिस्ट डाटा सेट्स की स्टैबिलिटी को सुनिश्चित करते हैं। इसके साथ उसको समझने, डाटा कलेक्ट करने में भी इनका मेन रोल होता है।
टॉप क्वॉलिटीज
डाटा साइंस का कोर्स कम ही यूनिवर्सिटी में उपलब्ध है। इसकी स्टडी आईटी कोर्स के अंतर्गत होती है। हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू के अनुसार, सही तरह के डाटा जुटा लेना ही काफी नहीं है, बल्कि डाटा साइंटिस्ट का जॉब ऐसा एनालिटिकल टूल डेवलप करने में फोकस होना चहिए, जो कॉरपोरेट सेक्टर को नई ऊंचाइयां देने में मदद करे-
-बिल्डिंग स्टैटिस्टिकल मॉडल्स
-अप्लाइंग स्टैटिस्टिकल एनालिसिस टू लार्ज डाटा सेट्स
-एबिलिटी टू राइट कोड
-स्ट्रॉन्ग कंप्यूटेशनल स्किल्स
-न्यूमेरिकल्स स्किल्स
-कम्युनिकेशन स्किल्स
-बिजनेस अंडरस्टैंडिंग
सैलरी पैकेज
आईटी सेक्टर सैलरी के मामले में कई सेक्टर से काफी आगे है। कई कंपनियों में शुरुआती दौर में ही सैलरी 20 हजार रुपये मंथली से ज्यादा हो सकती है। साथ ही, कई तरह की फैसिलिटीज भी दी जाती हैं। यहां सैलरी आपके एक्सपीरियंस और कंपनी पर निर्भर करती है।
अपॉच्र्युनिटीज
एक अनुमान के मुताबिक, गूगल अकेले हर दिन 20 पेटाबाइट डाटा यूज में लाता है। यह संख्या डाटा ट्रांसफर के हिसाब से काफी बडी है। भारत का एनालिटिक्स मार्केट 2010 में 2 बिलियन डॉलर का था, जिसे 2015 तक बढकर 5.6 बिलियन डॉलर होने की उम्मीद लगाई जा रही है। इस फील्ड में 2015 तक 2 लाख लोगों को जॉब मिलने की संभावना है। आज के दौर में इनकी डिमांड है, जबकि इसके एक्सपर्ट बेहद कम हैं।
एक्सपर्ट बाइट
इस दौर में डाटा साइंस के माध्यम से ही हम व‌र्ल्ड के कोने-कोने में रहने वाले लोगों तक अपनी पहुंच बनाने में सक्षम होते हैं। इसी के जरिए हमें एक-दूसरे को जानने और समझने में सहूलियत होती है। कुछ डेटा बेहद जरूरी भी होते हैं, जिन्हें डाटा साइंटिस्ट एनालिटिक मेथड से संभालने, इनकी सुरक्षा का इंतजाम करने और इनके कलेक्शन का काम करते हैं। डाटा साइंटिस्ट मैथ, स्टैटिस्टिक्स और कंप्यूटर साइंस के अलग-अलग वर्टिकल्स के साथ काम करने में है बिचुअल होते हैं, जिसके चलते इनकी डिमांड सभी जगहों पर है।
प्रो. डॉ. एस.एस. अग्रवाल
डायरेक्टर जनरल, केआईआईटी, गुडगांव

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