घर में बनाएं होम लाइब्रेरी

पढऩे का कमरा एक ऐसी जगह होती है जो पूरे घर में आपके लिए सबसे ज्यादा निजी है वहां आप किसी की दखलंदाजी पसंद नहीं करते। जहां बैठकर आप किताबों तथा विचारों की दुनिया में खो जाते हैं। इसी स्थान पर किताबों के साथ अपने रिश्ते को भी आप गहरा बना सकते हैं। 
  
ऐसे कितने ही लोग हैं जो पुस्तकों को अपना सच्चा साथी मानते हैं और किताबों को इकट्ठा करने का शौक भी रखते हैं। उन्हें जब भी मौका मिलता है, कुछ और करने के बजाए वे किताबें पढऩे को प्राथमिकता देते हैं। अक्सर कई लोग पुस्तकें तो इकट्ठी कर लेते हैं लेकिन उन्हें सही ढंग से रख नहीं पाते। 

हालांकि उनके पास इन्हें रखने के लिए खुली जगह भी होती है, फिर भी वे इनकी साज-संभाल की अनदेखी करते रहते हैं। यदि आपको भी पुस्तकें इकट्ठी करने का शौक है और इन्हें स्टोर करने हेतु अपेक्षित स्थान भी है तो क्यों न एक छोटी सी ‘होम लाइब्रेरी’ ही बना ली जाए। यदि आप भी घर पर अपनी निजी लाइब्रेरी बनाने की इच्छा रखते हैं तो पेश हैं कुछ टिप्स—

1 सर्वप्रथम यह जान लें कि आप इन पुस्तकों को किस उद्देश्य से स्टोर कर रहे हैं। क्या भविष्य में आप इन्हें अपने दोस्तों या जरूरतमंदों को देंगे? या अपने घर में ही एक लाइब्रेरी बनाना चाहते हैं ताकि जब चाहें, किताबें पढऩे के अपने शौक को पूरा कर सकें? इसके बाद ही आप इन्हें स्टोर करने की योजना बनाएं।

2 जहां आप लाइब्रेरी बनाना चाहते हैं, पहले पूरी अलमारी, शैल्फों को खाली कर दें और पुस्तकों को विभिन्न भागों में बांटें, जैसे काव्य, उपन्यास, जीवनियां, उपयोगी पुस्तकें, कहानियों की किताबें। इन्हें भी तीन भागों में बांटें-बच्चों के लिए, व्यस्कों के लिए तथा बुजुर्गों के लिए। यदि एक ही लेखक की 2-3 या इससे अधिक किताबें हैं तो इन पर विषय का संदर्भ दें ताकि बाद में आपको इन्हें खोल-खोलकर न देखना पड़े।

3 अब देखें कि कहां कौन-सी किताबें रखनी हैं। लाइब्रेरी का एक रफ खाका तैयार कर लें तो बेहतर है। इस पर भी विचार करें कि आप कहां बैठकर इन पुस्तकों को पढ़ेंगे। अब इन सारी पुस्तकों को क्रमबद्ध तरीके से शैल्फों पर लगाएं। इन्हें लेखक या फिर विषय के हिसाब से वर्णाक्रम के अनुसार रखें।

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