अपने नेचुरल एंड हिस्टोरिकल हेरिटेज, आर्ट-कल्चर, लाइफस्टाइल और लिटरेचर के कारण इंडिया डोमेस्टिक और इंटरनेशनल दोनों ही तरह के टूरिस्ट्स की फेवरेट जगह रहा है। इस फील्ड से रिलेटेड जॉब्स भी बहुत हैं, जिनमें अच्छी-खासी कमाई की जा सकती है।
रेगुलर ग्रोथ
एसोचैम की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2019 तक टूरिज्म सेक्टर में एग्रीकल्चर के बाद सबसे ज्यादा जॉब होंगे। इंडिया में भी इस सेक्टर में ग्रोथ लगातार दिखाई दे रही है। वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल की कैलकुलेशन के अनुसार, साल 2011 में इंडियन टूरिज्म इंडस्ट्री का जीडीपी में 6.4 परसेंट योगदान रहा।
जॉब आप्शंस
गवर्नमेंट टूरिज्म डिपार्टमेंट, ट्रैवल एजेंसीज, एयरलाइंस, होटल्स आदि सभी जगह जॉब्स की उम्मीदें बढती जा रही हैं। यह इंडस्ट्री आपको सेल्फ एंप्लॉयमेंट के एक नहीं, बल्कि कई ऑप्शन्स देती है। टूर गाइड, टूर प्लानर, सेल्स एंड मार्केटिंग आदि किसी के भी जरिए इस फील्ड के साथ जुड सकते हैं।
कोर्सेज
इसमें आप ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन करने के अलावा चाहें तो, शार्ट टर्म कोर्स भी कर सकते हैं। इसका बैचलर डिग्री कोर्स तीन साल का है और ज्यादातर पीजी कोर्स दो साल के हैं। इसके शॉर्ट टर्म कोर्सेज का टाइम पीरियड अलग-अलग हो सकता है।
एलिजिबिलिटी
अगर आप इस ग्रोइंग इंडस्ट्री के साथ जुडना चाहते हैं, तो मिनिमम क्वॉलिफिकेशन हायर सेकंडरी होनी चाहिए। इसमें पीजी और पीजी डिप्लोमा कोर्सेज के लिए मिनिमम क्वॉलिफिकेशन ग्रेजुएशन है। किसी भी स्ट्रीम और सब्जेक्ट के स्टूडेंट्स इन कोर्सेज में एडमिशन ले सकते हैं।
पर्सनल स्किल्स
जो स्टूडेंट इस फील्ड के साथ जुडकर अपना फ्यूचर ब्राइट करना चाहते हैं, उनके लिए जरूरी है कि वे कोर्स में सिखाई जा रही बारीकियों को समझने के अलावा हिंदी और इंग्लिश लैंग्वेज के साथ एक और इंडियन या फॉरेन लैंग्वेज पर कमांड हासिल करें। यह पूरी इंडस्ट्री रिलेशन और कॉन्टैक्ट पर डिपेंड करती है। इसलिए परफेक्ट कम्युनिकेशन स्किल आपको डेवलप करनी ही होगी। स्टूडेंट कंट्री के डिफरेंट एरियाज के क्लाइमेट्स, एटमॉस्फियर, वहां होने वाले फेस्टिवल आदि से रिलेटेड नॉलेज भी गेन करें। इन सब चीजों पर अगर आपने कमांड हासिल कर ली, तो इस सेक्टर में आगे जाने की उम्मीद और भी बढ जाएगी।
पॉपुलर एरिया
टूरिज्म सेक्टर से गाइड, टूर एस्कॉर्ट मैनेजर, टूर एजेंट आदि के रूप में तो आप जुड ही सकते हैं साथ ही आप टूरिज्म इंडस्ट्री के विभिन्न ब्रांचेज जैसे एडवेंचर टूरिज्म, हेरिटेज टूरिज्म, बीच टूरिज्म, रूरल टूरिज्म, वाइल्ड लाइफ टूरिज्म, ईको टूृरिज्म आदि की नॉलेज लेकर भी इस फील्ड में एंट्री कर सकते हैं। ट्रेंड यूथ्स की इन सभी एरियाज में काफी जरूरत है।
सैलरी
सैलरी के लिहाज से भी यह सेक्टर हमेशा से अच्छा माना जाता रहा है। हालांकि इस फील्ड में सैलरी इस बात पर डिपेंड करती है कि स्टूडेंट ने कौन सा कोर्स किया है और किस इंस्टीट्यूट से किया है। इस फील्ड से रिलेटेड स्किल्स जितनी मजबूत होंगी, सैलरी भी उतनी ही होगी।
मेन इंस्टीट्यूट्स
-दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली
-इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी, दिल्ली
-जीवाजी यूनिवर्सिटी, ग्वालियर
-देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी, इंदौर
-भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली
-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड टै्रवल मैनेजमेंट, नई दिल्ली
-लखनऊ यूनिवर्सिटी, लखनऊ
-हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी, शिमला
-बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, झांसी
-आंध्र यूनिवर्सिटी, विशाखापत्तनम
-मदुरै कामराज यूनिवर्सिटी, तमिलनाडु
-तेजपुर यूनिवर्सिटी, असम