उपभोक्ता संस्कृति जैसे-जैसे विकसित हो रही है, कैरियर के नए-नए क्षेत्र अस्तित्व में आ रहे हैं। खासकर टी.वी. के क्षेत्र में इधर कई प्रकार के ग्लैमरस की शुरुआत हुई है। मसलन, छोटे परदे के लिए वी.जे. (वीडि जॉकिंग) डी. जे. (डिस्क जोकिंग) आदि की नियुक्तियां हो रही है। खूबसूरत चेहरे आकर्षक व्यक्तित्व तथा प्रतिभा संपन्न युवक-युवतियों के लिए डी.जे. या वी.जे. बनना कोई मुश्किल बात नहीं है। यदि आप ग्लैमर, सम्मान और पैसा तीनों चीजें एक साथ पाना चाहते हैं तो विभिन्न टी.वी. चैनलों से सम्पर्क स्थापित करें।
छोटे पर्दे पर संगीत कार्यक्रमों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करने वाले युवा कलाकारों को वीडियो जॉकी यानी वी.जे. कहा जाता है। टी.वी. चैनलों के संगीत कार्यक्रमों को नए व रोचक अंदाज में पेश करके आज अनेक वी.जे. अपनी अलग पहचान बना चुके है। इनके हावभाव कुछ ऐसे होते हैं कि वे युवा दर्शकों का दिल जीत लेते हैं। एंकरिंग के अलावा वी.जे. अपनी स्क्रिप्ट, मेकअप तथा डाइरेक्षन आदि के प्रति भी सजग रहते हैं। सच पूछिए तो इस कैरियर क्षेत्र में आपका 'ऑल राउंडरÓ होना बहुत जरूरीर है। पाश्चात्य देशों के टी.वी. चैनलों में में वीजे कम से कम कपड़े पहने होते हैं। अपनी बिंदास बोलचाल और लुभावनी अंदाजों के कारण वे दुनिया भर में जाने-पहचाने जाते हैं। आजकल जब सेटेलाइट के जरिए पश्चिमी टी.वी. चैनल सारी दुनिया में लोकप्रिय हो रहे हैं, तो विकासशील देशों के चैनल भी पाश्चात्य वेशभूषा, भाषा और संस्कृति का अनुकरण कर रहे हैं। लगभग सभी चैनलों के संगीत कार्यक्रमों में मिश्रित हिन्दी-अंग्रेजी (हिंग्लिश) भाषा बोलने वाले वी. जे., डी.जे. खुलेपन के पक्षधर होते हैं।
डी.जे. या वी.जे. का कैरयर अंशकालिक व पूर्णकालिक दोनों प्रकार का होता है। लेकिन ऊँचे वेतनमान पर नियुक्ति पाने वाले अधिकांश युवक-युवतियां पूर्णकालिक नौकरी के रूप में इस ग्लैमरस कैरियर से जुड रहे हैं। रूबी भाटिया, नफीसा जोसेफ, मारिया गोरेट्टïी, निखिल चिन्नप्पा, मिनी माथुर, नीना, मैनुअल, सोफिया, हक, शैनाज, ट्रेजरीवाला, साइरस, मलाइफा अरोरा जैसे अनेक वी.जे. चैनलों के जरिए भारतीय दर्शको में अपनी छवि बना चुके हैं। अनेक फ्री लांसर वी.जे. भी है जो टी.वी. चैनलों के अलावा धारावाहिकों, फिल्मों व अन्य कार्यक्रमों से भी जुड़े हैं। उदाहरण के तौर पर चर्चित फिल्म स्टार विनोद कुमार राहुल खन्ना, 'मूवर्स एंड शेकर्सÓ के प्रस्तुताकत्र्ता शेखरसुमन तथा अताक्षरी काय्रक्रमों के प्रस्तुतकर्ता अनु कूपूर भी अपनी अलग छवि, चहचान बना चुके हैं। इनका कार्यक्षेत्र अत्यधिक विस्तृत है। कार्यक्रम प्रस्तुति के अतिरिक्त अगर इन्हें प्रोड्ïयूसर, डाइरेक्टर का असिस्टेंट कहा जाए, तो शायद कतई अतिशयोक्ति नहीं होगी।
डी.जे. या वी.जे. बनने के लिए अभी तक न तो कोई व्यावसायिक तकनीकी कोर्स प्रारंभ हुआ है और न ही इनकी शैक्षिक योग्यता का कोई मापदण्ड निर्धारित हुआ है। लेकिन आमतौर पर देखा गया है कि आकर्षक व्यक्तित्व, वाकपुट हाजिर जवाब, स्मार्ट, खूबसूरत युवक-युवतियों को नियुक्ति के समय प्राथमिकता दी जाती है। भारतीय, पाश्चात्य संगीत, बॉलीवुड हॉलीवुड फिल्म फिल्मजगत की गतिविधियों को अच्छी जानकारी होनी चाहिए। हिन्दी-अंग्रेजी भाषा धारा प्रवाह बोलने और लिखने की योग्यता अनिवार्य शर्त है। देखा जाता है कि स्नातक, स्नातकोत्तर परीक्षा उत्त्ीर्ण युवक-युवतियां जल्द ही डी.जे. या वी.जे. चुन लिये जाते हैं।
पिछले वर्ष एम.टी.वी. ने 'वीजे हंटÓ नामक प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। रिक्तियां के प्रकाशन के उपरांत करीब 9 हजार युवकयुवतियों ने आवेदन किया जिसिमें कुछ ही प्रतिभा सम्पन्न युवाओं का चयनह हो सका। जाहिर है कि आवश्यकता पडऩे पर टी.वी. चैनल रिक्तियाँ प्रकाशित करते हैं। आसार हैं कि अब डी.जे. या वी.जे. की नियुक्ति के लिए बाकायदा लिखित परीक्षा ली जाएगी। लिखित परीक्षा में सफल अभ्यथियों को ही साक्षात्कार एवं व्यक्तित्व् परीक्षण के लिए बुलाया जाएगा। साक्षात्कार में सफल होने के उपरांत स्वर परीक्षा वं स्क्रीन टेस्ट भी होंगे। जाहिर है कि वे वी.जे. बनना अब उतना आसान नहीं रह गया है, जितना दिखाई देता है।
इस वक्त टी.वी. चैनलों की संख्या करीब 40 है। सभी चैनलों में एंकर, डी.जे. या वी.जे. की नियुक्तियां समय-समय पर होती रहती है। भविष्य में टी.वी. चैनलों की बढऩे की सभंवाना से इंकार कतई नहीं किया जा सकता है, अत:डी.जे. या वी.जे. तथा एंकर्स की मांग में वृद्धि होना भी स्वभाविक है। यदि आप वाकई खूबसूरत हाजिर जवाब, तेजतर्रार तथा आकर्षक व्यक्तित्व के धनी हैं तो बेशक किसी न किसी चैनल में नियोजित हो सकते हैं।
दर्शकों की पसंद, आपके बुद्घि कौशल व योग्यतानुसार अधिकतर वी.जे आकर्षक वेतन पाते हैं। हालांकि आरंभ में कम वेतनमान पर नियोजित किया जाता है। लेकिन अनुभव और बढ़ती लोकप्रियता के साथ ही वेतनमान में बढ़ोत्तरी की जाती है। 10 हजार रुपये से कम वेतन आजकल किसी भी वी.जे को नहीं मिल रहा है आमतौर पर 30-35 हजार रुपये तक बतौर वेतन दिया जा रहा है। वरिष्ठï वी.जे. $ज, जो दर्शकों के बीच अपनी पहचान बना ुके हैं, को एक लाख रुपये तक वेतन दिया जा रहा है। टी.वी. चैनलों में वेतन के लिए अभी कोई निश्चित आंकड़े निर्धारित नहीं है। पर इतना अवश्य है कि कैरियर के अन्य क्षेत्रों की तुलना में डी.जे. या वी.जे. का वेतनमान काफी ज्यादा है।
संपर्क :
यदि आप वाकई डी.जे. या वी.जे. बनने के लायक है तो अपना बायोडेटा, पोर्ट फोलियो आदि विभन्न टी.वी. चैनलों को भेज सकते हैं कुछ टी.वी. चैनलों के पते निम्र हैं :
जैन टी.वी. 704, डालामाल टॉवर, नरीमन प्वाइंट, मुम्बई 400021
एम. टी.वी. पोस्ट बॉक्स 7906, तुलसी बाड़ी, तारादेव, मुम्बई 400034
सोनी टी.वी., ए—37, गार्चा रोड, कलकत्ता 700019
सोनी टी.वी. 501, वी.आई.पी. सेंटर, 2 कामर्शियल काम्पलेक्स, मस्जिद मोठ, ग्रेटर कैलाश 11, नई दिल्ली, दूरभाषा 6453836, 643835
जी. टी. वी. कंटीनेंटल बिल्डिंग, 135, डॉ. एनी बेसेंट रोड, वर्ली, मुम्बई 400018
ऐसे ही अन्य चैनलों से भी आप संपर्क स्थापित कर सकते हैं।