भारतीय नौसेना में एडवैंचरस करियर

भारतीय नौसेना एक ऐसा करियर है, जिससे जुड़कर आप देश सेवा के साथ-साथ अपना भविष्य भी अच्छा बना सकते हैं। बस, थोड़ी-सी हिम्मत और देश भक्ति का जज्बा तथा कुछ कर गुजरने की चाहत आपको भारतीय नौसेना का हिस्सा बनाने के लिए काफी है। नौसेना की पहली प्राथमिकता समुद्री क्षेत्र में देश की सुरक्षा है। नेवी में रोमांच है, चैलेंज है, सेवा का मौका है, प्रतिष्ठा है। इसके अलावा इंडियन मैरीटाइम फोर्सेज देश के लिए महत्वपूर्ण डिप्लोमैटिक हथियार भी हैं। यहां नेवी से संबंधित पदों और जिम्मेदारियों की जानकारी दी जा रही है-

एग्जीक्यूटिव ऑफिसर
इस ब्रांच के तहत आने वाले ऑफिसर ही समुद्र में जाने वाले जहाजों, पनडुब्बियों को कमांड करते हैं। एग्जीक्यूटिव ऑफिसर्स को गनरी, लॉजिस्टिक्स, ड्राइविंग एंटी-सबमरीन वारफेयर, नेवीगेशन, कम्युनिकेशन और हाइड्रोग्राफी जैसे प्रशिक्षण दिए जाते हैं। कोई भी ऑफिसर हवाई या सबमरीन आर्म की ट्रेनिंग में से किसी एक को चुन सकता है।

इंजीनियरिंग ब्रांच

इसमें आधुनिक तकनीक से लैस पानी से चलने वाली पनडुब्बियों और जहाजों के बारे में तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाता है। इन सारे सिस्टम्स के सुचारू तरीके से काम करने के लिए इंजीनियर ऑफिसर जिम्मेदार होते हैं। इन्हें नेवल डॉकयार्ड के तटों और स्वदेशी प्रोडक्शन यूनिट में भी काम करने का अवसर मिलता है। नेवल आर्किटैक्ट को नौसेना के जहाजों के डिजाइन, कंस्ट्रक्शन क्वालिटी कंट्रोल और रिपेयर से जुड़ा काम करना होता है।

सबमरीन ऑफिसर
सबमरीन में मौजूद ऑफिसर्स की एक बड़ी जिम्मेदारी यह होती है कि वे शांतिकाल में भी खुद को युद्ध के लिए प्रशिक्षित करें। सबमरीन ऑफिसर के लिए कठोर ट्रेनिंग करनी होती है। 

एजुकेशन ब्रांच

ये ओशियनोग्राफी और मीटियोरोलॉजी में विशेषज्ञ होते हैं। प्रशिक्षण में एजुकेशन ऑफिसर्स की बड़ी भूमिका होती है। 

नेवल आर्मामैंट इंस्पैक्शन
ये स्पैशलिस्ट ऑफिसर विभिन्न एजैंसियों से नेवी को सप्लाई किए जाने वाले हथियारों और युद्ध सामग्री की जांच करते हैं। इन पर नेवल आर्मामैंट की क्वालिटी, सेफ्टी और विश्वसनीयता देखने के साथ ही इन्हें सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी होती है। ये रिसर्च और डिवैल्पमैंट का भी काम देखते हैं।

एविएशन ऑफिसर

ऐसे पायलट और ऑब्जर्वर्स की जरूरत होती है जो समुद्री युद्ध के  समय एयरबोर्न टैक्नीकल को-ऑर्डीनेटर के रूप में काम कर सकें। नेवी के ज्यादातर पायलट शिपबोर्न हैलीकॉप्टर और समुद्री युद्ध के समय तटों पर उतारे जाने वाले जंगी विमानों को उड़ाते हैं। नेवल एयरक्राफ्ट दुश्मनों के तट पर खड़े जहाजों, पनडुब्बियों को ढूंढते हैं और उन पर हमला करते हैं। वे तटों पर होने वाले युद्धों में भी हिस्सा लेते हैं।

इलैक्ट्रिकल ब्रांच
समुद्र में तैरते युद्धपोत में अपना पावर जैनरेशन और डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम होता है। इसमें अंडरवाटर वैपन्स, राडार, काम्पलैक्स मिसाइल सिस्टम और रेडियो कम्युनिकेशन उपकरण भी होते हैं। इनमें से अधिकांश कम्प्यूटर से चलने वाले उपकरण हैं। जहाज के प्रभावी तरीके से युद्ध में हिस्सा लेने के लिए जरूरी है कि इसके सारे उपकरण पूरी क्षमता से काम करें, लिहाजा यह जिम्मेदारी इलैक्ट्रिकल ऑफिसर्स की होती है।

हाइड्रोग्राफिक ऑफिसर

यह अत्यंत महत्वपूर्ण है जो सब स्पैशलाइजेशन इंडियन नेवी और दुनिया की अन्य नेवियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले चार्ट के लिए जरूरी सूचना एकत्र करने के लिए जिम्मेदार होता है।

प्रोवोस्ट ऑफिसर और लॉ आफिसर

एक अलग समूह नेवी की नीतियों, नियंत्रण सुरक्षा और निगरानी संबंधी जरूरतों को पूरा करता है। इसी तरह नेवी की कानूनी जरूरतों को पूरा करने के लिए लॉ ऑफिसरों का अलग समूह होता है।

चयन प्रक्रिया
इंडियन नेवी की चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों में साहस और टफनैस की कड़ी परीक्षा लेती है। नेवी में परमानैंट कमीशंड आफिसर के लिए यू.पी.एस.सी. परीक्षा आयोजित करता है। बारहवीं के बाद एन.डी.ए. या इंडियन नेवल एकैडमी कैडेट एंट्री और ग्रैजुएशन के बाद सी.डी.एस.ई. के लिए यू.पी.एस.सी. द्वारा लिखित टैस्ट और इंटरव्यू करवाया जाता है। उम्मीदवारों का चयन तीन चरणों के बाद होता है। पहला लिखित परीक्षा, दूसरा साक्षात्कार और तीसरा शारीरिक क्षमता।

इसके अलावा दूसरा रास्ता सर्विस सिलैक्शन बोर्ड (एस.एस.बी.) से होकर गुजरता है। इसके द्वारा सेना में परमानैंट और शार्ट सर्विस कमीशन के लिए चुना जाता है। खास बात है कि इसके लिए किसी तरह की लिखित परीक्षा नहीं है। यहां चयन का आधार मैरिट को रखा गया है। इसके लिए रक्षा मंत्रालय के  इंटीग्रेटेड हैडक्वार्टर्स के तय मानदंडों के आधार पर आवेदन लिए जाते हैं और चयन मैरिट के आधार पर किया जाता है। एस.एस.सी. से चयनित अफसरों का कार्यकाल 10 सालों का होता है जिसे 14 सालों तक बढ़ाया जा सकता है। इन्हें सिर्फ चुनिंदा सेवाओं-लॉ, लॉजिस्टिक्स, ए.टी.सी., ऑब्जर्वर, नेवल आर्किटैक्चर और एजुकेशन में ही शामिल किया जाता है।

महिलाओं के लिए रास्ता
महिलाओं के लिए एस.एस.सी. द्वारा नेवल आर्किटैक्चर, लॉजिस्टिक्स, ए.टी.सी., एविएशन (ऑब्जर्वर) और एजुकेशन जैसी शाखाओं में जगह है। आर्किटैक्ट, एजुकेशन और लॉ जैसी शाखाओं में परमानैंट कमीशन दिया जाएगा लेकिन यह मैरिट पर निर्भर करेगा।

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