वक्रतुंड महाकाय कोटिसूर्यसमप्रभ । निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥
हिन्दू धर्म परंपराओं में बुधवार का दिन सभी सुखों का मूल बुद्धि के दाता और देवता भगवान श्री गणेश की उपासना का दिन है। मनुष्य की समृद्धि में भाग्य एवं वास्तु का बराबर-बराबर संबंध होता है। ग्रह शांति, देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना और प्रयत्नों के अतिरिक्त भी मनुष्य को एक विषय पर और ध्यान देना चाहिए और वह है उसके घर एवं दुकान की वास्तु। यदि वास्तु दोष के कारण आप कष्ट में हैं, धन का अभाव हो गया है, व्यवसाय घाटे में चल रहा है या किसी की बुरी नजर लग गयी है तो ऑफिस या स्थान को तोड़ने फोड़ने की जरुरत नहीं है बल्कि वास्तु दोष दूर करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय कर लें
1 घर में बैठे हुए गणेश जी तथा कार्यस्थल पर खड़े गणपति जी का चित्रपट लगाना चाहिए, किंतु यह ध्यान रखें कि खड़े गणेश जी के दोनों पैर जमीन का स्पर्श करते हुए हों। इससे कार्य में स्थिरता आने की संभावना रहती है।
2 दुकानों के उत्तर एवं पश्चिम भाग में शोकेस का निर्माण करवाएं। इससे ग्राहकों की संख्या बढ़ती है।
3 धन में वृद्घि के लिए तिजोरी का मुंह उत्तर की ओर रखें क्योंकि यह देवाताओं के कोषाध्याक्ष कुबेर की दिशा है।
4 दुकान आदि व्यापारिक प्रतिष्ठान वायव्य दिशा में होने से ग्राहकों का आवागमन बढ़ेगा तथा सामान जल्दी बिकेगा।
5 सोने चांदी के व्यवसायियों को दुकान में लाल या नारंगी रंग नहीं करवाना चाहिये। ये रंग अग्नि के प्रतीक है एवं अग्नि धातु को नष्ट करती है।
6 कार्य की अधिकता के कारण कार्यालय की मेज के नीचे कागजात, फाइलें, किताबें, ब्रीफकेस रखना आजकल सामान्य बात हो गई है। जरा सोचिये, वहां झाड़ू एवं जूते चप्पल का स्पर्श भला व्यवसाय या अध्ययन में तरक्की दे सकता है ?
7 दुकान का दरवाजा अंदर की ओर खुलना चाहिए। बाहर की ओर दरवाजे का खुलना लाभ को कम करता है जोकि आय के साथ व्यय भी बढ़ा देता है।
हिन्दू धर्म परंपराओं में बुधवार का दिन सभी सुखों का मूल बुद्धि के दाता और देवता भगवान श्री गणेश की उपासना का दिन है। मनुष्य की समृद्धि में भाग्य एवं वास्तु का बराबर-बराबर संबंध होता है। ग्रह शांति, देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना और प्रयत्नों के अतिरिक्त भी मनुष्य को एक विषय पर और ध्यान देना चाहिए और वह है उसके घर एवं दुकान की वास्तु। यदि वास्तु दोष के कारण आप कष्ट में हैं, धन का अभाव हो गया है, व्यवसाय घाटे में चल रहा है या किसी की बुरी नजर लग गयी है तो ऑफिस या स्थान को तोड़ने फोड़ने की जरुरत नहीं है बल्कि वास्तु दोष दूर करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय कर लें
1 घर में बैठे हुए गणेश जी तथा कार्यस्थल पर खड़े गणपति जी का चित्रपट लगाना चाहिए, किंतु यह ध्यान रखें कि खड़े गणेश जी के दोनों पैर जमीन का स्पर्श करते हुए हों। इससे कार्य में स्थिरता आने की संभावना रहती है।
2 दुकानों के उत्तर एवं पश्चिम भाग में शोकेस का निर्माण करवाएं। इससे ग्राहकों की संख्या बढ़ती है।
3 धन में वृद्घि के लिए तिजोरी का मुंह उत्तर की ओर रखें क्योंकि यह देवाताओं के कोषाध्याक्ष कुबेर की दिशा है।
4 दुकान आदि व्यापारिक प्रतिष्ठान वायव्य दिशा में होने से ग्राहकों का आवागमन बढ़ेगा तथा सामान जल्दी बिकेगा।
5 सोने चांदी के व्यवसायियों को दुकान में लाल या नारंगी रंग नहीं करवाना चाहिये। ये रंग अग्नि के प्रतीक है एवं अग्नि धातु को नष्ट करती है।
6 कार्य की अधिकता के कारण कार्यालय की मेज के नीचे कागजात, फाइलें, किताबें, ब्रीफकेस रखना आजकल सामान्य बात हो गई है। जरा सोचिये, वहां झाड़ू एवं जूते चप्पल का स्पर्श भला व्यवसाय या अध्ययन में तरक्की दे सकता है ?
7 दुकान का दरवाजा अंदर की ओर खुलना चाहिए। बाहर की ओर दरवाजे का खुलना लाभ को कम करता है जोकि आय के साथ व्यय भी बढ़ा देता है।