देश की सुरक्षा में भविष्य की सुरक्षा: अद्र्ध सैन्यबल


विभिन्न सुरक्षा सेवाओं में अपने कैरियर की संभावनाएं तलाशने वाले युवाओं के लिए अद्र्ध सैन्य बलों में रोजगार की बेहतर संभावनाएं निहित हैं। अद्र्ध सैन्य बल न सिर्फ देश की सुरक्षा के मामले में ही महत्वपूर्ण हैं अपितु कैरियसर के नजरिए से भी यह सम्मानजनक क्षेत्र है। आन्तरिक सुरक्षा का पूरा दारोतमदार अद्र्ध सैनिक बलों पर ही रहता है। देश में आतंकवादी गतिविधियों में इफाजा होने के बाद में इनका दायित्व और भी ज्यादा बढ़ गया है।
अद्र्ध सैनिक बलों में कार्य करना सेना में कार्य करने से किसी मायने में कम नहीं। चूंकि इन सुरक्षा सेवाओं में मैट्रिक तथा इंटरमीडिएट पास युवक-युवतियां अपने कैरियर के मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं, अत: बहुसंख्यक बेरोजगारों के लिए 'अद्र्ध सैनिक बलÓ रोजगार का एक बेहतरीन विकल्प है। अद्र्ध सैनिक बलों में सैंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सी.आर.पी.एफ) बार्डर सिक्योरिटी फोर्स (बी.एस.एफ.), इंडों तिब्बत बार्डर (आई. अी. बी. पी.), सैंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (सी.आई.एफ. एस.), तटरक्षक, राज्यपुलिस, होम गाइड्ïर्स, रेलवे सुरक्षा बल, अग्रिशमन बल शामिल हैं।
बी.एस.एफ :सेना की तर्ज पर ही सुरक्षा के मामले में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाली बार्डर सिक्योरिटी फार्स 1965 में गठित की गई थी। बी.एस.एफ. सेना के लिए दाहिने हाथ के रूप में अपनी भूमिका को अंजाम देती रही है। जब-जब राष्टï्रीय सुरक्षा पर संकट के बादल मंडराए हैं, तब-तब बी.एस.एफ. के बाहादुर नौजवानों ने अपने साहस व शौर्य का परिचय दिया है। बी.एस.एफ. के जवानों व अधिकारियों को पहाड़ी, रेगिस्तानी तथा समुद्र तटीय परिस्थितियों में प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है, ताकि जरूरत पडऩे पर व प्रत्येक तरह के हालातों में अपना बेहतरीन प्रदर्शन कर सके। शांति के समय बी.एम.एफ. के जवान सीमाओं पर गुप्त सूचनाएं एकत्रित करते हैं। बी.एस.एफ. का कार्य मुख्यत: तीन शाखाओं में विभाजित है-जर्नल ड्ïयूटी शाखा (जी.डी.) तकनीकी शाखा, चिकित्सकीय शाखा (मैडिकल ब्रांच)जी.डी. शाखा का कार्य स्टाफ का निरीक्षण करना है। तकनीकी शाखा उपकरणों के रखरखाव तथा दूरसंचार प्रणालियों के समुचित क्रियान्वयन की देख-भाल करती है, जबकि मैडिकल ब्रांच का कार्य जरूरत पडऩे पर जवानों को चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध रकाना है। इन शाखाओं में तकनीक शाखा बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस शाखा में सिविल इंजीनियर, इलैक्ट्रोनिक इंजीनियर, इलैक्ट्रिकल इंजीनियर काम करते हैं। संचार व्यवस्था का कार्य 'सिग्लकोरÓ के सुपुर्द होता है।
बी.एस.एफ. का भर्ती बोर्ड सेवाओं के लिए कांस्टेबल अथवा सब इंस्पैक्टर की नियुक्यिां करता है। सब इंस्पैक्टरों हेतु 20 से 25 वर्ष तथा कांस्टेबल के लिए 18 से 20 आयु वर्ग के युवक-युवतियां आवदेन की पात्रता रखते हैं। राजपत्रित पदों पर स्नातक कमांडैंट की भर्ती केन्द्रीय पुलिस संगठन तथा विशेष चयन बोर्ड करता है। इन पदों के लिए 19 से 13 उम्र वर्ग के अभ्यर्थी आवेदन की पात्रता रखते हैं। चयन के समय एन.सी.सी. द्वारा प्रदत्त 'बीÓ और 'सीÓ धारक व्यक्तियों को वरीयता प्रदान की जाती है। चयनित व्यक्तियों को टेकनपुर (ग्वालियर) स्थित बी.उस.एफ. ट्रेनिंग अकादमी में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। सहायक कमांडैंट के पद पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति 20 साल की कार्य अवधि के बाद डी.आई.जी. अथवा आई. जी. पदों तक पहुँच पाते हैं।
 सी. आर. पी. एफ. : आंतरिक सुरक्षा तथा आपातकालीन सेवाओं में सहायता प्रदान करने वाले सी.आर.पी. एफ. के समूह के रूप में शरीरिक प्रशिक्षण के अलावा दूरंसचार के आधुनिक उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। सी.आर.पी. एफ. में वरिष्ठिïतम अधिकारी महानिदेशक (डी.जी.) कहलाता है, जिसके मातहत महानिरीक्षक (आई.जी.) उप महानिरीक्षक (डी.आइ.जी.), कमांडैंट प्टिी कमांडैंट्ïस, सहायक कमांडैंट्ï तथा कंपनी कमंाडर होते हैं। दूसरा वर्ग सब इंस्पैक्टरों तथा कांस्टेबलों का होता है। इन्हें देश के किसी भी भाग में कम समय में पहुूँचकर अपने काम को अंजाम देना होता है। सी.आर.पी.एफ. के लिए योग्य व्यक्तियों की भर्ती केन्द्रीय पुलिस संगठन द्वारा की जाती है। कांस्टेबल पदों के लिए प्रत्यक्ष रूप से विज्ञापन प्रकाशित करके प्रशिक्षण प्रक्रिया द्वारा रिक्तयां पूरी की जाती हैं। 19 से 25 उम्र वर्ग के स्नातक अभ्यथी राजपत्रित पदों हेतु आवेदन की पात्रता रखते हैं। इन्हें सामान्यत: असिटेंट कमांडर, कंपनी कमांडर, चर्टर,्र मास्टर्स अथवा उपाधीक्षक के पदों पर सीधे नियुक्ति दी जाती है।
यहां भी एन. सी.सी. में 'बीÓ और सी प्रमाण पत्र धारकों को छूट दिए जाने का प्रावधान है। प्रवेश प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, साक्षात्कार तथा शरीरिक प्रशिक्षण की प्रकियाओं से गु$जरना पड़ता है चयनित अभ्यर्थियों का नीमच में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जबकि कांस्टेबलों को श्रीनगर, तिरुपंदतपुरम, अबाड़ी तथा नीमच में प्रशिक्षित किया जाता है। सी.आर.पी.एफ. की बाबत अधिक जानकारी के लिए यहां संपर्क किया जा सकता है : सी.आर.पी. एफ., सी. जी.ओ. काम्पलैक्स, लोधी रोड, नई दिल्ली-110003
सी. आई. एस. एफ. : केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल भारत में स्थापित औद्योगिक प्रतिष्ठïानों की सुरक्षा हेतु निर्मित किया गया है। जिन इकाइयों में न्यूनतम 250 कर्मचारी कार्य करते हैं वहां सुरक्षा बल रखा जाना अनिवार्य है। यह बल सार्वजनिक उद्योगों की सुरक्षा उपलब्ध कराता है। इस बल के सर्वोच्च अधिकारी महानिरीक्षक (डी.आई.जी.) स्तर के अधिकारी होते हैं। सी.आई.एस. एफ. हेतु डी.आइ. जी., कमांडैंट्ïस सहायक कमांडैंट्ïस, इंसपैक्टर, सब इंस्पैटर तथा सुरक्षागार्डों के पदों पर नियुक्तियां की जाती हैं। स्नातक अभ्यर्थियों की नियुक्तियां सब इंस्पैक्टर तथा सहायक कमांडैंट्ïस के पदों पर की जाती हैं। व्यावसायिक पाठ्ïयक्रमों में डिग्री डिप्लोमाधारी व्यक्तियों को वरीयता प्रदान की जाती है। पटना विश्ïवविद्यालय द्वारा औद्योगिक सरुक्षा प्रबंधन में एक पाठ्ïयक्रम भी संचालित किया जाता है, जिसमें भौतिकी, गणित, रसायन या इंजीनियरिंग के स्नातकों को प्रवेश दिया जाता है। इस पाठ्ïयक्रम को कर चुके अभ्यर्थी औद्योगिक सुरक्षा बल में सीधे प्रवेश की पात्रता रखते हैं। सी.आई.एस.एफ. के लिए चयनित व्यक्तियों को हैदराबाद में प्रशिक्षित किया जाता है। अधिक जानकारी के लिए यहां संपर्क किया जा सकता है :
डी.आइ. जी. सी.आई. एस. एफ. नार्थ डिवीजन, सी. आई. एस.. एफ. कैम्पस , साकेत पोस्ट आफिस, नई दिल्ली 10017
आई. टी. बी. पी. : इंडो-तिब्बत बार्डर पुलिस, भारत-चीन सीमा पर घुसपैठ व तस्करी को रोकने का कार्य करती है। इस बल में कार्य करने वाले कर्मचारी, अधिकारी पर्वतारोहण में विशेष रूप से प्रशिक्षित होते हैं। आई.टी.बी.पी. की अकादमी चंडीगढ़ तथा मसूरी में हैं, जिसका पर्वतारोहण और स्कीइंग संस्थान भी है, जहां जवानों तथा अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
एक वर्ष की अवधि के बाद इन्हें क्षेत्र में प्रशिक्षण के लिए भेजना जाता है। पांच या छ: साल के व्यावहारिक अनुभव के बाद कमान इन्हें सौंपी जाती है। आई.टी.बी.पी. में डिप्टी कमांडैंट के बाद कमांडैंट का पद भी होता है। यही नहीं डी.आई.जी. तथा आई.जी. भी होते हैं।
कांस्टेबल, कंपनी कमांडर्स तथा सब इंस्पैक्टर के पदों पर सीधी नियुक्तियां की जाती हैं। कांस्टेबल के पद पर नियुक्त व्यक्ति 16 साल की सराहनीय सेवा के बाद प्रोरन्नत होते-होते कंपनी कमांडर के प्रतिष्ठिïत पद तक पहुँच सकते हैं। अतिरिक्त जानकारी यहां से अर्जित की जा सकती है महानिदेशक इंडो-तिब्बत सीमा सुरक्षा बल, ब्लाक-2 सी.जी.ओ. काम्पलैक्स, लोधी रोड, नई दिल्ली-110003
नोट : उपरोक्त समस्त अद्र्धसैनिक बलों में नियुक्यिों पाने हेतु शारीरिक योग्यताएं इस प्रकार हैं। पुरुषों के लिए सामान्यत: लम्बाई 165 सेमी. महिलाओं के लिए 157 सेमी. (पुरुष-छाती 86 सेमी.) फुलाव सहित (वजन-50 किलोग्राम, महिला-वजन-46 किलोग्राम)।

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