मल्टी मीडिया में करें सपने साकार

मल्टी मीडिया एक ऐसी तकनीक है जो विभिन्न माध्यमों जैसे ऑडियो, वीडियो, टैक्स्ट, ग्राफिक्स, एनीमेशन, थ्री डी को समाहित कर उसमें इंटर एक्टिविटी प्रदान करती है। मल्टी मीडिया कम्प्यूटर तकनीक का सर्वाधिक आकर्षक और लोकप्रिय क्षेत्र होने के साथ-साथ रोजगार की असीमित संभावनाओं वाला क्षेत्र भी है।

संचार के क्षेत्र के सबसे सशक्त माध्यम टैलीविजन के प्रत्येक आयाम पर आज मल्टी मीडिया की विशिष्ट छाप रहती है जैसे न्यूज, सीरियल के टाइटल, फिल्म शो, एडवरटाइजमैंट आदि में मल्टी मीडिया का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। इसके अतिरिक्त प्रिंट मीडिया, इंटरनैट, केबल उद्योग, वीडियो गेम तथा फिल्म निर्माण के क्षेत्र में मल्टी मीडिया का वर्चस्व है। कम लागत में उत्कृष्ट कार्य मल्टी मीडिया के जरिए ही संभव हुआ है।

 आज के दौर में कम्प्यूटर की घटती कीमतें और बढ़ी प्रोसैसिंग पावर ने न सिर्फ मल्टी मीडिया को एक निश्छल दिशा और गति दी है बल्कि इसे सबसे ज्यादा आकर्षक और लोकप्रियता के साथ मांग वाला क्षेत्र भी बना दिया है। एनीमेशन, स्पैशल इफैक्ट्स, थ्री डी एनीमेशन, साऊंड और वीडियो मिक्सिंग के क्षेत्र में भी मल्टी मीडिया का इस्तेमाल किया जाता है।

प्रवेश योग्यता
10+2 उत्तीर्ण छात्र कम्प्यूटर ग्राफिक्स और एनीमेशन सॉफ्टवेयर्स की ट्रेनिंग लेकर इस क्षेत्र में प्रवेश कर सकते हैं। फाइन आटर्स स्नातक 6 माह का कम्प्यूटर ग्राफिक्स और थ्री डी एनीमेशन का कोर्स करके इस क्षेत्र में प्रवेश पा सकते हैं। सर्टीफिकेट इन मल्टी मीडिया वैब इंजीनियरिंग का कोर्स 3 महीने में पूरा होता है। इस कोर्स को पूरा करने के बाद साऊंड एडीटर, इमेज एडीटर, मल्टी मीडिया प्रोग्रामर, कंटैंट डिवैल्पर, प्रोडक्ट डिजाइनर, ग्राफिक विजुअलाइजर आदि में अपना करियर बना सकते हैं।

ट्रेनिंग
मल्टी मीडिया के क्षेत्र में जिन सॉफ्टवेयर्स के जरिए ट्रेनिंग दी जाती है, उनमें प्रमुख हैं यू.एस. एनीमेशन, एनीमो, सॉफ्ट इमेज, मैट्रो मीडिया, डायरैक्टर एडोब प्रीमियर आदि। इनके अतिरिक्त भी कई डिमांस्ट्रेशन सॉफ्टवेयर भी मार्कीट में उपलब्ध हैं, जिनकी सहायता में मल्टी मीडिया के क्षेत्र में इस्तेमाल की जाने वाली नवीनतम तकनीक को समझा जा सकता है। ज्यादातर कोर्स की अवधि 6 माह से एक वर्ष है।

इंटरनैट
इंटरनैट पर तरह-तरह के ऑडियो-वीडियो क्लिप्स, ग्राफिक्स व फोटो सर्फिंग की जाती है। साथ ही इंटरनैट पर आने वाले विज्ञापन तैयार करने का कार्य मल्टी मीडिया में प्रशिक्षित व्यक्तियों के जरिए किया जाता है। मल्टी मीडिया ट्रेनिंग के बाद अनेक प्रकार के गेम्स और शैक्षणिक कार्यक्रम तैयार कर सकते हैं और आप वैब मैनेजर, ग्राफिक डिजाइनर, विजुअलाइजर आदि भी बन सकते हैं।

प्रिंट मीडिया
अब ज्यादातर बड़े समाचार पत्रों तथा प्रकाशन संस्थानों में स्थिर या वीडियो इमेजिंग को प्रकाशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इन कार्यों के लिए विजुअलाइजर तथा लेआऊट आर्टिस्टों की काफी जरूरत होती है।

टी.वी. और फिल्म उद्योग
मल्टी मीडिया की ट्रेनिंग के बाद आप व्यावसायिक वीडियोग्राफी की शुरूआत कर सकते हैं, जिसमें फिल्म की एडीटिंग, ग्राफिक्स, स्पैशल इफैक्ट्स जैसे कार्य शामिल हैं।

एडवरटाइजिंग एजैंसी
एडवरटाइजिंग एजैंसियों में भी स्टूडियो मैनेजर, मीडिया विशेषज्ञ, आर्ट डिजाइनर, विजुअलाइजर बनकर अपना करियर संवार सकते हैं।

वेतनमान
मल्टी मीडिया के क्षेत्र में वेतन तथा अन्य सुविधाएं काफी अच्छी हैं। आकर्षक वेतनमान और सुविधाओं को देखते हुए छात्रों की नई पीढ़ी कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग की जगह मल्टी मीडिया के क्षेत्र को ज्यादा अपना रही है। यहां वेतन अलग-अलग प्रतिष्ठानों में 5000 से 25000 रुपए मासिक तक है। मल्टीमीडिया से संबंधित प्रशिक्षण देने वाले कुछ प्रमुख संस्थान निम्रलिखित हैं:

1 इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी, खडग़पुर, मुम्बई, चेन्नई, बेंगलूर, अहमदाबाद।

2 इनके अतिरिक्त विभिन्न शहरों में स्थित टाटा यूनीसेस, एन.आई.आई.टी., आई.बी.एम., एप्टेक तथा एरेना मल्टी मीडिया जैसे कम्प्यूटर प्रशिक्षण संस्थानों में भी मल्टी मीडिया से संबंधित प्रशिक्षण लिया जा सकता है। 

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