वीडियो जर्नलिस्ट्स के लिए रोजगार की सम्भावनाएं काफी उज्ज्वल हैं

भारत में गत कुछ सालों के दौरान न्यूज चैनलों ने बेहद तेजी से विकास किया है। गौरतलब है कि 1965 में छोटे पर्दे यानी टी.वी. की शुरूआत के समय भारत में मात्र आधे घंटे का न्यूज बुलेटिन प्रसारित हुआ करता था, जबकि आज देश में 24 घंटे खबरें प्रसारित करने वाले अनेक राष्ट्रीय एवं स्थानीय स्वतंत्र न्यूज चैनल हैं, जिनकी संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इनमें राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित होने वाले हिन्दी एवं अंग्रेजी के अलावा विभिन्न भारतीय भाषाओं के न्यूज चैनल शामिल हैं।

कार्यक्षेत्र
वीडियो जर्नलिस्ट प्रसारण योग्य घटनाओं को रिकॉर्ड करके उन्हें समाचार का रूप देकर न्यूज चैनलों पर प्रसारित करने में सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनमें राजनीतिक भाषणों, प्रदर्शनों, दुर्घटनाओं से लेकर प्रैस कांफ्रैंस तक कैसी भी घटना शामिल हो सकती है। आमतौर पर वे किसी न्यूज चैनल या न्यूज एजैंसी के लिए काम करते हैं। एक सफल वीडियो जर्नलिस्ट के हाथों तथा आंखों में बेहतरीन तालमेल होना चाहिए ताकि वह किसी महत्वपूर्ण घटना की अहम सूचना को पेश करने से चूक न जाए। उन्हें विभिन्न तकनीकी उपकरणों को सम्भालने में भी कुशल होना चाहिए। साथ ही साथ देश-दुनिया की प्रमुख शख्सियतों के साक्षात्कार लेने में भी उन्हें पारंगत होना पड़ता है।

कभी-कभार वीडियो जर्नलिस्ट्स को स्वतंत्र पत्रकार के रूप में काम करते हुए स्वयं खबरें तैयार करना, एडिटिंग एवं अपलिकिंग करना पड़ सकता है।  एक वीडियो जर्नलिस्ट के काम करने का समय अनिश्चित रहता है क्योंकि  घटनाएं दिन-रात में कभी भी घटित हो सकती हैं। सफर वीडियो जर्नलिस्ट के काम का अभिन्न हिस्सा है क्योंकि घटनाओं को कवर करने के लिए उन्हें किसी भी स्थान पर तुरंत पहुंचना पड़ सकता है, जिसमें काफी लम्बा सफर भी शामिल हो सकता है। उनके द्वारा कवर की जाने वाली खबर स्थानीय घटना से लेकर कोई अंतर्राष्ट्रीय इवैंट भी हो सकती है, जो उनके चैनल या एजैंसी एवं उनके पद पर निर्भर करती है।

योग्यता
वीडियो जर्नलिस्ट बनने के इच्छुक छात्रों को जर्नलिज्म या वीडियोग्राफी में डिग्री या डिप्लोमा प्राप्त करना चाहिए। एक वीडियो जर्नलिस्ट का टैक्नीकल कौशल उसकी औपचारिक शिक्षा से कहीं अधिक महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण या काम का अनुभव हासिल करना चाहिए। उपकरणों, प्रक्रियाओं एवं तकनीकों की जानकारी देने वाले वीडियोग्राफी के कोर्स देश के विभिन्न जर्नलिज्म स्कूलों, कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में करवाए जाते हैं। कई न्यूज चैनल भी अपने यहां स्टाफ को प्रशिक्षण देते हैं।

कौशल
वीडियो जर्नलिस्ट्स को रचनात्मक के साथ-साथ तकनीकी तौर पर भी मजबूत होना चाहिए। उन्हें घटनाओं की रिकार्डिंग के लिए इन दिनों इस्तेमाल होने वाले अत्याधुनिक कैमरों के अलावा इस काम के लिए जरूरी अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों को चलाना भी सीखना होता है। उन्हें यह फैसला करने में भी सक्षम होना चाहिए कि खबर के दौरान किन दृश्यों तथा आवाजों को शामिल किया जाए ताकि खबर अधिक से अधिक स्पष्ट तथा प्रभावी बन सके।

धैर्य भी उनके कार्य का अहम हिस्सा है ताकि उन्हें सबसे उत्तम शॉट मिल सके या वे बेहतरीन खबर या खास इंटरव्यू हासिल कर सकें। उन्हें समय का पाबंद होना चाहिए क्योंकि इस फील्ड में समय पर खबरें प्रसारित करना बहुत जरूरी है। वैसे भी इन दिनों न्यूज चैनलों में सबसे आगे रहने की कड़ी प्रतिस्पर्धा है, जिसका काफी दबाव वीडियो जर्नलिस्ट्स को ही झेलना पड़ता है।

सम्भावनाएं
वीडियो जर्नलिस्ट्स के लिए रोजगार की सम्भावनाएं काफी उज्ज्वल हैं। जिस तेजी से भारत में न्यूज एवं समसामयिक विषयों के चैनलों की संख्या में इजाफा हो रहा है, इस फील्ड में काम करने वालों के लिए रोजगार के अनेक अवसर पैदा हो रहे हैं। इन दिनों वैब जर्नलिज्म भी काफी तेजी से तरक्की कर रहा है, ऐसे में वीडियो जर्नलिस्ट्स के लिए इंटरनैट पर मौजूद न्यूज वैबसाइट्स तथा वर्तमान चैनलों एवं अखबारों की वैबसाइट्स के लिए काम करने के भी अनेक मौके मौजूद हैं।

प्रमुख संस्थान
इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, नई दिल्ली

फिल्म एंड टैलीविजन इंस्टीच्यूट ऑफ इंडिया (एफ.टी.आई.आई.), पुणे, महाराष्ट्र

इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया (आई.आई.जे.एन.एम.), बेंगलूर, कर्नाटक

डिपार्टमैंट ऑफ स्ट्डीज इन इलैक्ट्रॉनिक मीडिया, बैंगलोर यूनिवर्सिटी, बेंगलूर, कर्नाटक

एशियन कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म, चेन्नई, तमिलनाडु

सिम्बाइओसिस इंस्टीच्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, पुणे, महाराष्ट्र

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