कंप्यूटर केंद्र चुनने में सावधानी बरतें


कंप्यूटर शिक्षा के मानकीकरण की दिशा में सरकार की ओर 1990 के दौरान जो थोड़ा बहुत प्रयास हुआ है उसका प्रतिफल है डी.ओ.ई.ए.सी.सी., इसका गठन भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की ओर से एक स्वायत्तशासी संस्था के रूप में किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य कंप्यूटर शिक्षा का पूरे देश में मानकीकरण करना व विभिन्न श्रेणियों के आधार पर उनके लिए पाठ्यक्रम तैयार करना है।
जहां तक डी.ओ.ई.एस.सी.सी., द्वारा निर्धारित मानकों व पाठ्यक्रमों का संबंध है तो किसी भी निजी संस्थान के लिए ऐसी कोई बाध्यता नहीं कि वह जरूरी तौर पर डी.ओ.ई.ए.सी.सी., से जड़े बल्कि ऐसा करना उनके स्वयं के हित के साथ-साथ अभ्यार्थियों के हित के लिए भी अतिआवश्यक है। क्यांकि कोई भी अभ्यार्थी यह नहीं चाहेगा कि कंप्यूटर की पढ़ाई करने के लिए वह जो हजारों रुपया खर्च कर रहा है वह सिर्फ इसलिए व्यर्थ चली जाए कि अमुक पाठ्यक्रम की कोई मान्यता नहीं, यही बात कंप्यूटर केन्द्र संचालक के ऊपर भी लागू होती है और वह चाहेगा कि संभवत: वह उन्हीं पाठ्यक्रमों को लागू करे जिसकी मान्यता सभी जगह हो।
डी.ओ.ई.सी.सी., के उप प्रबंधक (प्रशासनिक विभाग) की एस.सी. ध्यानी के अनुसार पिछले दस वर्षों से अनेक निजी संस्थानों का झुकाव संस्थान के पाठ्यक्रमों व उनकी मान्यता को देखते हुए इस ओर बढ़ा है, उक्त संस्थान अपना न तो कोई ट्रेनिंग संस्थान चलाती है और न प्रत्यक्ष तौर पर संस्थान की इसतें कोई भागीदारी है। उनका कार्य इतना भर सुनिश्चित करना है कि जो भी निजी संस्थान या सरकारी संस्थान डी.ओ.ई.ए.सी.सी., से पंजीकृत (स्थाई-अस्थाई) हैं वे पाठ्यक्रमों का संचालन निर्धारित मानकों के आधार पर कर रहे या नहीं, चूंकि किसी भी संस्थान द्वारा संचालित पाठ्यक्रम की मान्यता उसके क्रियाकलापों पर निर्भर करती है इसलिए प्रारंभ में पंजीकरण के इच्छुक संस्थानों को अस्थाई तौर पर तीन साल के लिए संचालन की गुणतत्ता के आधार पर मान्यता दी जाती है। समय-समय पर किए गए आंकलन में यदि कोई संस्थान खरा उतरता है तो उसकी मान्यता निर्धारित पाठ्यक्रम के लिए जारी रहती है अन्यथा मान्यता के सिवाय दूसरा कोई विकल्प नहीं।
यहां ध्यान देने योग्य बात यह है कि किसी संस्थान को डी.ओ.ई.ए.सी.सी., द्वारा मान्यता नहीं दी जाती है बल्कि मान्यता दी जाती है उस पाठ्यक्रम को जिसे संचालक निर्धारित मानकों के आधार पर संचालित करता है, अत: अभ्यर्थी को किसी संस्थान में प्रवेश लेने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि जिस पाठ्यक्रम में वह शामिल हो रहा है उसकी मान्यता वहां है या नहीं। डी.ओ.ई.ए.सी.सी., के चार श्रेणियों में बंटे पाठ्यक्रमों की परीक्षा का आयोजन साल में दो बाद (जुलाई और जनवरी में)किया जाता है, चूंकि कंप्यूटर केंद्रों में समय-समय पर इच्छुक अभ्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है अत: उनकी सुविधा के लिए साद में दो बार परीक्षा का आयोजन किया जाता है। किसी भी श्रेणी या स्तर की परीक्षा पास करने के लिए अभ्यर्थी को कम से कम 50 प्रतिशत अंक हासिल करना अनिवार्य है। डी.ओ.ई.ए.सी.सी., द्वारा आयोजित परीक्षा में वे अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं जो संस्थान द्वारा मान्य केंद्रों में निर्धारित योग्यता के साथ कंप्यूटर शिक्षा ले रहे हों या विभिन्न स्तरीय पाठ्यक्रम के लिए निम्र योग्यता के साथ कंप्यूटर शिक्षा ले रहे हों या विभिन्न स्तरीय पाठ्यक्रम के लिए निम्र योग्यता रखते हों, 'ओÓ स्तर के लिए अभ्यर्थी 10 +2 के बाद एक साल का अनुभव रखता हो, 'एÓ स्तर के लिए स्नातक उपाधि के साथ-साथ एक वर्ष का अनुभव रखता हो, 'बीÓ स्तर के लिए सूचना तकनीकी में 3 वर्ष का अनुभव व स्नातक उपाधि रखता हो, 'सीÓ स्तर के लिए प्रार्थी इंजीनियरिंग डिग्री या एम.एससी. की उपाधि के साथ 6 माह का अनुभव रखता हो।
पीरीक्षा में बैठने से पूर्व अभ्यर्थी किसी कंप्यूटर केंद्र के माध्यम से या निजी तौर पर निर्धारित शर्तों का पालन करते हुए डी.ओ.ई.ए.सी.सी., में पंजीकरण करवाना अनिवार्य है, पंजीकरण शुल्क की राशि अलग-अलग पाठ्यक्रमों के लिए अलग-अलग निर्धारित है मसलन 'ओÓ स्तर के लिए 100 रुपये, 'एÓ स्तर के लिए 150 रुपये 'बीÓ स्तर के लिए 200 रुपये तथा 'सीÓ स्तर के लिए 300 रुपये निर्धारित है। एक बार पंजीकरण होने पर उसकी मान्यता एक निश्चित श्रेणी के लिए 5 वर्ष या 10-12 बार निर्धारित की गई है। जैसे-जैसे अभ्यर्थी क्रमवार आगे बढ़ता है उसी के अनुसार एक बार पंजीकरण होने पर उसका लाभ भी उसे मिलता रहता है। जहां तक डी.ओ.ई.ए.सी.सी., के विभिन्न पाठ्यक्रमों की उपयोगिता का प्रश्र है तो इसका अनुमान इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि इस समय देश भर में फैले 740 संस्थान ऐसे हैं जो उक्त संस्था द्वारा मान्य पाठ्यक्रमों का संचालन कर रहे हैं। पाठ्यक्रमों का सरलीकरण इस रूप में किया गया है कि साधारण दर्जे का शिक्षा प्राप्त व्यक्ति भी उन ऊंचाईयों को पा सकता है जो उच्च शिक्षा प्राप्त व्यक्ति को सुलभ होती है, बशर्ते कि उसमें दृढ़ इच्छा शक्ति हो।
कंप्यूटर पाठ्यक्रम के लिए न्यूनतम योग्यता 10+2 की परीक्षा पास होना निर्धारित है। विभिन्न स्तर के पाठ्यक्रमों की योग्यता का आधार निम्र प्रकार से निर्धारित किया गया है। 'ओÓ स्तरीय पाठ्यक्रम के लिए 10+2 की परीक्षा पास की हो या 10वीं के बाद किसी मान्यताप्राप्त तकनीकी संस्थान से कंप्यूटर में डिप्लोमा या 10वीं के बाद आई.टी.आई. से एक वर्षीय पाठ्यक्रम के साथ 'ओÓ स्तर का पाठ्यक्रम पूरा किया हो। 'एÓ स्तरीय पाठ्यक्रम के लिए 'ओÓ स्तरीय पाठ्यक्रम पूरा करने के पश्चात या 10+2 के बाद मान्यताप्राप्त तकनीकी संस्थान से डिप्लोमा या स्नातक उपाधि के साथ 'ओÓ स्तर के समकक्ष का पाठ्यक्रम पूरा किया हो।
'बीÓ स्तरीय पाठ्यक्रम के लिए 'एÓ स्तरीय पाठïयक्रम पूरा करने के पश्चात मान्यताप्राप्त पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा या 10+2 के साथ मान्य तकनीकी संस्थान से डिप्लोमा और 'बीÓ स्तरीय पाठ्यक्रम पूरा किया हो। 'सीÓ स्तरीय पाठ्यक्रम के लिए 'बीÓ स्तरीय पाठ्यक्रम पूरा करने के पश्चात्ï बी.टेक, बी.ई., एम.सी.ए., एम.सी.सी., सांख्यिकी विषय में मास्तर डिग्री ली हों।
कंप्यूटर टे्रेनिंग ले रहे अभ्यार्थियों के लिए परीक्षा का आयोजन देशभर में फैले 86केंद्रों में एक साथ किया जाता है। परीक्षाओं की तिथि का निर्धारण राष्टï्रीय सलाहकार समिति की नियमित बैठक में किया जाता है। इस संबंध में प्रमुख समाचार पत्रों में 6 माह पूर्व इसकी सूचना दी जाती है। पाठ्यक्रमों के अनुसार पीरक्षाओं का आयोजन दो निकायों 'ओ एवं एÓ स्तर के लिए कंप्यूटर सोसाइटी आँफ इंडिया और 'बी व सीÓ स्तर के लिए इंस्टीट्यूशन ऑफ इलेक्ट्रोनिक्स एंड टेली कम्युनिकेशन इंजीनियर्स द्वारा किया जाता है। परीक्षा का परिणाम देश के विभिन्न समाचार पत्रों व रोजगार समाचार में प्रकाशित किया जाता है।
किसी संस्थान में अधिक जानकारी के लिए किसी भी अभ्यार्थी के लिए यह बेहतर होगा कि प्रवेश लेने से पूर्व डी.ओ.ई.सी.सी संस्था द्वारा जारी निशुल्क विवरणिका का अध्ययन कर तमाम जानकाीर हासिल की जाए।
कम्प्यूटर के क्षेत्र में प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसर
आजकल कम्प्यूटर का प्रयोग वाणिज्यिक, औद्योगिक संस्थानों, शोध संस्थानों, होटलों, अस्पतालों, ट्रांसपोर्ट-सेवाओं, बैंकिंग एवं बीमा संगठनों आदि लगभग सभी संस्थानों में हो रहा है। कम्प्यूटर के इतने सारे उपयोगों को देखते हुये इस क्षेत्र में रोजगार के अनेक अवसर खुले हैं। विश्वास किया जा सकता है कि आने वाले वर्षों में लाखों लोग कम्प्यूटर के द्वारा सम्मानजनक नौकरी पाने में सफल हो सकते हैं इसके लिये आवश्यक है कि आप अच्छी नौकरी पाने के लिये कम्प्यूटर की अच्छी शिक्षा लेवें।
कम्प्यूटर शिक्षा कहां प्राप्त करें
कम्प्यूटर शिक्षा की बढ़ती मांग को देखकर पिछले कुछ वर्षों में अनेक प्रशिक्षण संस्थान खुलें। ऐसी कई छोटी बड़ी संस्थाएं भारत के अनेक शहरों के साथ राजस्थान में भी खुले हैं अकेले जयपुर शहर में ही लगभग 100 कम्प्यूटर ट्रेनिंग इंस्टीटï्यूट हैं जो छात्रों को विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहे हैं। इनमें कुछ संस्थाएं आधारभूत पाठï्यक्रम चला रही है तथा कुछ अन्य विशेष एप्लीकेशन पाठï्यक्रम द्वारा छात्रों को शिक्षित कर रही हैं।
पाठï्यक्रम
कम्प्यूटर के मूल रूप से दो भाग होते हैं हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर- हार्डवेयर से तात्पर्य है आधार मशीनरी जैसे कि मानीटर, की बोर्ड, सैन्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट आदि जबकि साफ्टवेयर उस प्रोग्राम को कहते है जिस पर मशीन काम करती है बिना हार्डवेयर के किसी भी साफ्टवेयर की परिकल्पना नहीं की जा सकती है साथ ही बिना साफ्टवेयर के कोई हार्डवेयर कार्य नहीं कर सकता। छात्र हार्डवेयर तथा साफ्टवेयर दोनों में से किसी में भी प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। प्रशिक्षण संस्थानों की अधिकता को देखते हुए यह निर्णय सोच समझ कर लेवें कि उन्हें किसी प्रशिक्षण संस्थान में प्रवेश लेना है।
कम्प्यूटर व्यवसाय में योग्यता के चार बिन्दु
कम्प्यूटर व्यवसाय में योग्यता के मापदण्ड निम्न चार बिन्दुओं पर आधारित हैं।
(1) ओ-स्तरीय परीक्षा
इस स्तर की परीक्षा डिपार्टमेन्ट ऑफ इलेक्ट्रोनिक्स, भारत सरकार द्वारा वर्ष में दो बार आयोजित की जाती है जिसमें वे विद्यार्थी जिन्होंने निजी कम्प्यूटर प्रशिक्षण संस्थानों में अपनी हायर सैकण्डरी परीक्षा के बाद एक वर्ष का प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है बैठकर पास कर सकते हैं।

किन्तु यहां यह भी ध्यान रखने योग्य है कि ये प्रशिक्षण संस्थान भारत सरकार के डिपार्टमेन्ट ऑफ इलेक्ट्रोनिक्स से मान्यता प्राप्त हैं।
(2) डिप्लोमा कोर्सेज इन कम्प्यूटर ऐप्लीकेशन
इस व्यवसाय में डिप्लोमा प्राप्त करने के इच्छुक व्यक्तियों हेतु देश के विभिन्न पोलीटेक्निक संस्थानों में एक से तीन वर्ष के पाठï्यक्रम उपलब्ध हैं।
(3) स्नातक स्तर के कम्प्यूटर कोर्स
विभिन्न विश्वविद्यालय में 3 वर्ष की अवधि के कम्प्यूटर कोर्स उपलब्ध हैं।
(4) बी.ई. तथा बी.टेक. स्तर के पाठï्यक्रम
चार वर्ष की अवधि के कोर्स विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों एवं देश के प्रौद्योगिकी संस्थानों में उपलब्ध हैं।
राजस्थान में कम्प्यूटर व्यवसाय में प्रशिक्षण हेतु प्रमुख संस्थान
(1) ऐप्टेक कम्प्यूटर एज्यूकेशन- इस संस्थान के राजस्थान में 10 तथा जयपुर में दो स्थान हैं। संस्थान का प्रमुख उद्देश्य युवाओं को उच्च कोटि का प्रशिक्षण उपलब्ध कराता है। 48 माह का बी.टेक का कोर्स यहां उपलब्ध है। जयपुर स्थित इस संस्थान में लगभग 22 कम्प्यूटर तथा 7 प्रशिक्षक हैं। संस्थान को ओ लेवल सरकारी मान्यता तथा डिपार्टमेन्ट इलेक्ट्रोनिक्स से भी मान्यता प्राप्त है।
एप्लायर्स- जयपुर में 1993 में स्थापित इस संस्था द्वारा डिप्लोमा इन कम्प्यूटर एप्लीकेशन (डीसीए) पाठï्यक्रम संचालित किया जा रहा है। ये पाठï्यक्रम माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय, भोपाल से सम्बद्ध है।
एडवांस कम्प्यूटर इन्स्टीटï्यूट ऑफ ग्राफिक्स
संस्थान द्वारा डी.टी.पी. ग्राफिक डिजाईनिंग एवं मल्टीमीडिया में पाठï्यक्रम चलाये जा रहे हैं, जयपुर स्थित इस संस्थान में एम्पलमेकिनटोश पर प्रशिक्षण दिया जाता है जो अपनी तरह की अत्याधुनिक प्रणाली है। एकडमी ऑफ कनिष्क कम्प्यूटर्स- जयपुर स्थित यह संस्था ओ लेवल के कोर्स आयोजित कराती है जिसे डी.ओ.ई.ए.सी.सी., इलेक्ट्रोनिक डिपार्टमेन्ट से मान्यता प्राप्त है संस्था का जयपुर के अतिरिक्त उदयपुर में भी केन्द्र है।
बिरला इन्स्टीटï्यूट ऑफ सांइटिफिक रिसर्च-समूह
जयपुर स्थित यह संस्था बिरला इन्स्टीटï्यूट रांची से सम्बद्ध है यहां एम.टेक (कम्प्यूटर्स) का कोर्स चलाया जा रहा है जिसे 36 माह में 5 सेमेस्टर के द्वारा सम्पन्न कराया जा रहा है जो अभियांत्रिक हेतु पार्ट-टाइम कोर्स है। इसके अतिरिक्त 16 सप्ताह के अल्प अवधि कोर्स भी यहां उपलब्ध हैं।
कम्प्यूटर व्यवसाय में रोजगार के अवसर
मुख्यत: इस व्यवसाय में निम्न पदों हेतु रोजगार के अवसर उपलब्ध होते हैं।
(1) डाटा ऐन्ट्री आपरेटर अथवा की पंच आपरेटर
(2) इनपुट आउट पुट सहायक
(3) सिस्टम मैनेजर
(4) प्रोग्राम मैनेजर
(5) सीनियर प्रोग्रामर
(6) कम्प्यूटर टीचर
(7) सिस्टम ऐनालिस्ट
(8) साफ्टवेयर सिस्टम इंजीनियर
(9) कन्सलटेन्ट
(10) हार्डवेयर इंजीनियर
(11) हार्डवेयर ट्रेनी
(12) कम्प्यूटर मार्केटिंग मैनेजर
(13) डाटा बेस एडमिनिस्ट्रेटर
उपरोक्त पदों हेतु विभिन्न कम्प्यूटर संगठन एवं संस्थान समय-समय पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हैं। जैसे (1) ए.बी.सी. कन्सलटेन्ट प्राईवेट लि., कादर नवाज खान रोड, मद्रास (2) एडवान्स माईक्रोनिक डिवाइंस प्रा.लि., स्वातिक चेम्बर, बोम्बे, अक्षय विजनिश सिस्टम 156, वाटर फिल्ड रोड, बान्द्रा (पश्चिम बाम्बे, ऐलाइड इलेक्ट्रोनिक्स एंड मेगनेटिक्स लि. कम्यूनिटी सेन्टर, इस्ट ऑफ कैलाश, नई दिल्ली)।
आधुनिक ऑटो मेशन सर्विसेज, नेहरू पैलेस, नई दिल्ली। अपोलो कम्प्यूटर्स बेंगलौर, ऐपल इण्डस्ट्रीज, बोम्बे।
प्राइस वाटर हाउस एसोसिऐटस प्रा. लि. टाल्टस्टाय मार्ग नई दिल्ली, ब्लू इनफारमेशन टेक्नोलोजी लि. शाहपुर, जाट, नई दिल्ली।
काल सिस्टम प्रा.लि. नेहरू पैलेस, नई दिल्ली। वुश इंडिया लि., महालक्ष्मी, बोम्बे, केट कम्प्यूटर्स, लखनऊ, सेन्टर फॉर रेलवे इन्फोर्मेशन डी.सी.एम. डाटा प्रोडेक्टस, विक्रान्त टावर, राजेन्द्र प्लेस, नई दिल्ली, सिस्टम चाणक्यपुरी एवं अन्य ऐसे सैकड़ों संस्थान देश के लगभग सभी बड़े नगरों एवं महानगरों में स्थापित हैं जहां प्रशिक्षण प्राप्त आशार्थी अपनी योग्यतानुसार रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र में निगम विश्वविद्यालय, बोर्ड एवं राज्य सरकार के संस्थानों में तथा राज्यों के कम्प्यूटर विभाग भी समय-समय पर विज्ञापन के माध्यम से रिक्तियों की पूर्ति करते है।

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