बदलती लाइफस्टाइल में फैशन सिर्फ ड्रेसेज तक ही लिमिटेड नहीं रहा है। अब इसमें एसेसरीज भी शामिल हो गया है। आज एसेसरीज के बगैर न सिर्फ फैशन अधूरा है, बल्कि स्टाइलिश लाइफस्टाइल के लिए भी इनकी जरूरत है। अब यूथ वह प्रोडक्ट चाहता है, जो देखने में अच्छा हो और उनके स्टेटस और लाइफ स्टाइल से मैच करता हो। यही कारण है कि सभी कंपनियां एसेसरीज प्रोफेशनल्स को हाई सैलरी पर रख रही हैं। अगर आप क्रिएटिविटी हैं और इंप्रूवमेंट के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, तो आप इस फील्ड में करियर बना सकते हैं। डिजाइनिंग के कोर्स में कुछ भी ट्रेडिशनल नहीं होता है। न टाइमटेबल, न पढाई के घंटे, न सिलेबस और न ही टीचिंग मेथड। जो लोग इस अलग तरह के माहौल में डिजाइनिंग की बारीकियां सीख जाते हैं, उनके लिए इस फील्ड में बढने के चांसेज अधिक हैं।
क्यों हो रहा है पॉपुलर
आज का यूथ फास्ट है। कम उम्र में ही बेहतर नौकरी करता है और अपनी लाइफ खुद की स्टाइल में जीने पर विश्वास करता है। वह जो कुछ भी देखता है, उसे हर हालत में पाना चाहता है। बदलते फैशन के मामले में यही हो रहा है। यही कारण है कि मार्केट में हर दिन नया फैशन आता है और एक महीने के बाद आउटडेटेड हो जाता है। हो भी क्यों न, आज का फैशन सबसे बिंदास जो है। जो चाहे पहनो, जैसे चाहो पहनो। कोई भी आपको रोकेगा नहीं। बल्कि ये हो सकता है कि आपको देखकर दूसरे भी उसी तरह के फैशन ट्रेंड पर चलना शुरू कर दें। केवल पहनावे पर ही नहीं बैग्स, गॉगल्स, फर्नीचर और अन्य दूसरी एसेसरीज के मामले में भी फैशन कई रंगों में सराबोर होता जा रहा है। एसेसरीज के मामले में अब लोकल से लेकर ग्लोबल ट्रेंड तक सभी लोगों की रेंज में है।
आज का युवा अगर किसी सिनेमा में हीरो या हीरोइन को किसी स्पेशल ड्रेस या स्टाइलिश और बिंदास एसेसरीज यूज करते देखता है, तो इन चीजों को हासिल करने के लिए वह मनी इन्वेस्ट करने के लिए तैयार हो जाता है। मार्केट से जुडी कंपनियां यूथ की सोच को साकार करने के लिए उसके डिजाइन मार्केट में उपलब्ध करा देती हैं। लोकल और नेशनल लेवल पर ड्रेस बनाने वाले बुटिक और एसेसरीज शॉप्स सभी जगहों पर मौजूद हैं। ग्लॉसी मैग्जींस और इंटरनेट के चलते, बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक की सेलिब्रिटीज द्वारा पहनी गई ड्रेसेज के डिजाइंस और एसेसरीज युवाओं की पहुंच के दायरे में आसानी से आ रही हैं।
क्रिएटिव वर्क है एसेसरीज डिजाइनिंग
डायरेक्ट डिजाइनिंग का संबंध अपैरल व एसेसरीज से होता है, जबकि एसोसिएटेड डिजाइनिंग विजुअल मचर्ेंडाइजिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग से जुडी होती हैं। कंज्यूमर से जुडे हर प्रोडक्ट्स जैसे ज्वैलरी, होम एंड इंटीरियर प्रोडक्ट्स, फैशन एंड लाइफ स्टाइल में एसेसरीज महत्वपूर्ण है। इसके अंतर्गत बाथरूम एंड किचनवेयर, लाइटिंग एंड लाइटिंग फिक्सचर, सन ग्लासेज, हेयर प्रोडक्ट्स, हैंडबैग, बेल्ट, क्लिप, ज्वैलरी, घडियां, गिफ्ट आइटम, टेबलवेयर, वॉल हैंगिंग, फैशन एंड लाइफस्टाइल से जुडी सभी चीजें आती हैं।
फ्यूचर का करियर
इंडियन मार्केट में विदेशी सामान की दस्तक ने मिडिल क्लास में शॉपिंग का नया टेस्ट डेवलप किया है। पिछले कुछ सालों में इस वर्ग के लोग सिर्फ चीजें ही नहीं खरीदते, बल्कि ऐसी चीजें खरीदते हैं, जिनसे उनका लाइफ स्टाइल झलकता हो। एक्सपर्ट्स की राय में एसेसरीज डिजाइनर्स की डिमांड कभी कम नहीं होगी क्योंकि लोगों को केवल प्रोडक्ट नहीं, बल्कि स्टाइल भी चाहिए। आज किसी भी मॉल के रिटेल सेक्शन में सबसे ज्यादा स्पेस में एसेसरीज का ही डिस्प्ले किया जाता है , क्योंकि इनके खरीददार ज्यादा हैं। आने वाले समय में इसके और भी बढने के चांसेज हैं, इसीलिए इसे फ्यूचर का करियर कहा जाता है।
प्लेसमेंट ऑप्शंस
ट्रेंड प्रोफेशनल्स को विभिन्न एसेसरीज निर्माता कंपनियों में काम मिल सकता है। इस फील्ड में जॉब के साथ-साथ फ्रीलांसर के रूप में काम करने के भी मौके मिलते हैं। बडे ब्रांड के अलावा उन कंपनियों में भी अवसर हैं, जो बडे-बडे फैशन हाउसेज अथवा रिटेल ऑउटलेट्स के लिए एसेसरीज बनाती हैं। अनुभव होने के बाद अपना लघु उद्योग शुरू कर सकते हैं या शोरूम भी खोल सकते हैं।
इंस्टीट्यूट वॉच
-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइनिंग, दिल्ली
-पर्ल एकेडमी ऑफ फैशन, दिल्ली
-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्राफ्ट एंड डिजाइन, जयपुर
-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, गांधीनगर
-एफडीडीआई, नोएडा स्किल्स एंड एप्टीट्यूड
-स्ट्रांग कम्युनिकेशन एंड डिसीजन मेकिंग
-कंप्यूटर एंड मैटेरियल्स नॉलेज
-डिजाइन एप्टीट्यूड
-बढिया स्केचर
-क्रिएटिव माइंड
-एस्थेटिक सेंस
-लीक से हटकर सोच
स्ट्रॉन्ग टेक्निकल स्किल्स करें डेवलप
निफ्ट की पूर्व डायरेक्टर प्रो. मोनिका गुप्ता कहती हैं कि कभी ऑफबीट कहलाने वाला एसेसरीज डिजाइन आज मेन करियर बनता जा रहा है। अगर इसमें करियर बनाना चाहते हैं, तो आपमें क्रिएटिविटी के साथ-साथ टेक्निकल स्कि्ल्स का होना जरूरी है। सफल होने के लिए क्या है जरूरी और कैसे बनाएं करियर, पेश है बातचीत के प्रमुख अंश :
- एसेसरीज डिजाइनिंग में क्या स्कोप है?
आज का यूथ उसी करियर को चुनता है, जिसमें काम करने की आजादी हो, लीक से हटकर वर्क हो और आसानी से जॉब मिल जाए। अगर इन तीनों को पैमाना मानें तो एसेसरीज में तीनों क्वालिटी हैं। लाइफस्टाइल से जुडी होने की वजह से इसमें करियर का स्कोप अन्य क्षेत्रों से ज्यादा है। निफ्ट और एनआईडी के स्टूडेंट्स को प्रमुख कंपनियां टाइटन, बेनेटन, पैंटालून, सुपर हाउस ग्रुप, वेस्टसाइड, एडिडास, रिलायंस रिटेल, लिबर्टी, गीतांजलि ज्वैलरी, वीआईपी लगेज, तनिष्क, गोदरेज कैंपस प्लेसमेंट भी करती है।
-इस क्षेत्र में किस तरह के यूथ सफल हो सकते हैं?
अपने काम से कभी न संतुष्ट होने वाला, हर समय नया करने की ललक और किसी भी समय व परिस्थितियों में बेस्ट देने की एबिलिटी जिसमें है, वह इस क्षेत्र में करियर की ऊंचाइयों को छू सकता है।
-पढाई महत्वपूर्ण है या एक्सपीरियंस?
इस क्षेत्र में आगे बढने के लिए दोनों महत्वपूर्ण है। पढाई से आप प्रोफेशनलिज्म सीखते हैं और अपनी स्किल्स को बढाते हैं, वहीं एक्सपीरियंस से काम में निखार आता है।